प्रकृति को धन्यवाद देने का पर्व है चैतराई- मुख्यमंत्री डॉ. सिंह
नौ करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास
रायपुर 13 अप्रैल 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के भीरावाही में गोण्डवाना समाज द्वारा आयोजित चैतराई पर्व समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रकृति को उसके उपहारों के लिए धन्यवाद देने का पर्व है। आदिवासी समुदाय प्रकृति द्वारा प्रदत्त सर्वश्रेष्ठ उपहारों में वनोपज व खाद्यान्न फसलों के लिए धन्यवाद स्वरूप देवताओं को अर्पित कर इस पर्व को मनाते है। उन्होंने चैतराई पर्व पर गोण्डवाना समाज को बधाई और शुभकानाएं दी तथा सभी कुरीतियों और बुराईयों का त्याग कर बेहतर जीवन जीने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दो करोड़ 11 लाख 80 हजार रूपये की लागत से बनने वाले बालक आई.टी.आई.भवन का शिलान्यास किया। डॉ. सिंह ने दो करोड़ 74 लाख रूपये की लागत से निर्मित जिला स्तरीय खेल परिसर, तीन करोड़ 84 लाख 84 हजार रूपये की लागत से निर्मित पण्डरीपानी से बरदेभाटा पर दूधनदी पुल और चालीस लाख रूपये की लागत से निर्मित नगरघड़ी का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सरस्वती सायकल योजना के तहत 520 बालिकाओं को नि:शुल्क सायकल का वितरण किया। चैतराई पर्व के आयोजन के लिए उन्होंने प्रतिवर्ष गोण्डवाना समाज को एक लाख रूपये और गोण्डवाना समाज भवन भीरावाही के बाउन्ड्री निर्माण के लिए पांच लाख रूपये देने की घोषणा भी की।
डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबध्द है। छत्तीसगढ़ को देश का सिरमौर बनाने के लिए इसमें सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासी वर्ग के कल्याण्ा के लिए राज्य सरकार द्वारा विकास प्राधिकरणों का गठन किया गया है और प्रतिवर्ष 40 से 50 करोड़ रूपये के कार्य इन क्षेत्रों के विकास के लिए स्वीकृत किए जाते है। बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और उच्च पदों पर कार्य करने हेतु पी.ई.टी., पी.एम.टी. और अन्य प्रकार के व्यवसायिक पाठयक्रमों में प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। आई.ए.एस. आई.पी.एस, आई.एफ.एस, जैसी अखिल भारतीय परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई दिल्ली में आठ करोड़ रूपये की लागत से भवन का निर्माण कराया गया है। जहां हमारे ये बच्चे रहकर अध्ययन कर सके। तेन्दुपत्ता संग्राहकों के बच्चें भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा छात्रावासों में निवासरत बच्चों की शिष्यवृति को भी बढ़ाकर 650 रूपये प्रतिमाह कर दी गई है। छात्रावासों की व्यवस्था में सुधार के व्यापक प्रयास भी किए जा रहे है। मुख्यमंत्री ने आने वाले समय में हर गांव के पारा टोला मे विद्युतीकरण का आश्वासन लोगों को दिया।
डॉ. सिंह ने कहा कि खेती किसानी कार्य के लिए राज्य सरकार द्वारा मात्र तीन प्रतिशत ब्याज की दर पर ऋण दिया जा रहा था अब पशुपालन और मछलीपालन के लिए भी तीन प्रतिशत ब्याज की दर पर किसानों को ऋण प्रदान किया जा रहा है । तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर को भी बढ़ाकर प्रति सेकड़ा आठ सौ रूपये कर दिया गया है। इससे अब संग्राहकों को संग्रहण राशि के साथ ही बोनस भी अधिक मिलेगा। उन्होंने शिशु मृत्यु दर को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए लोगों से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की अपील की । मुख्यमंत्री ने आने वाले दिनों में '108 संजीवनी एम्बुलेन्स' की सेवा का विस्तार करने को भी कहा है। इस अवसर पर गोण्डवाना समाज की ओर से मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया और पगड़ी पहना कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री विक्रम उसेंण्डी, कांकेर सांसद श्री सोहन पोटाई, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री देवलाल दुग्गा, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री महावीर सिंह राठौर, विधायक कांकेर श्रीमती सुमित्रा मारकोले, विधायक भानुप्रतापपुर श्री ब्रम्हानंद नेताम, विधायक केशकाल श्री सेवकराम नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री शिरोकोमरे और नगर पालिका अध्यक्ष श्री पवन कौशिक सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

