''प्रयास'' संस्था का प्रयास हुआ सफल- डॉ.रमन सिंह
मूक बधिर शाला के वार्षिक उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर 13 अप्रैल 11
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि श्रवण विकलांग संस्थान ''प्रयास'' मूक बधिर बच्चों के शैक्षणिक एवं बौध्दिक विकास के अपने प्रयास में सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि यह एक अद्भूत स्थान है, जहां मदर टेरेसा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर प्रयास के कार्यों को सहारा दिया था। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज भिलाई में लायंस चेरीटेबल ट्रस्ट भिलाई द्वारा संचालित श्रवण विकलांग संस्थान 'प्रयास' के वार्षिक समारोह को मुख्य अतिथि के आसंदी से संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में संसदीय सचिव श्री विजय बघेल, विधायक श्री भजन सिंह निरंकारी एवं नगर निगम भिलाई की महापौर श्रीमती निर्मला यादव भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संस्थान में आने के बाद मुझे यह अहसास हुआ कि मूक बधिर बच्चों के विकास के लिए जितने प्रयास हुए हैं उसमें सर्वाधिक योगदान यहां की संस्था प्रयास का रहा है। उन्होंने 04 अप्रैल 1974 को चार बच्चों को साथ लेकर प्रारंभ हुई यह संस्था आज अपने प्रयासों से बच्चों की दर्ज संख्या 180 तक पहुंचाने में कामयाब हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे, जो सुन नही सकते, बोल नही सकते, उन बच्चों के लिए यहां बेहतर काम हुआ है। बच्चों में प्राकृतिक तौर पर जो कमियां थी उन कमियों को यहां पूरा कराया गया है। मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यहां आकर मूक बधिर बच्चों की कलाकृति व प्रस्तुति देखकर मुझे संतुष्टि हुई है। उन्होंने इस ट्रस्ट से जुड़े नागरिकों को उनके इस पुनीत कार्य के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने मूक बधिर बच्चों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी पारंपरिक नृत्य, राजस्थानी घूमर नृत्य, मछुवा नृत्य, पंजाब की भांगड़ा नृत्य व पश्चात्य संगीत पर प्रस्तुत नृत्य की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इसके पहले विद्यालय भवन का अवलोकन किया और मूक बधिर बच्चों द्वारा बनाये गये विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों की सराहना की।
संस्था के वरिष्ठ ट्रस्टी श्री बी.आर.जैन ने स्वागत भाषण दिया। डॉ. जी.सी. जैन ने संस्था का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने संस्था द्वारा किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी, ट्रस्टी एवं गणमान्य नागरिक, शिक्षकगण एवं मूक बधिर बच्चे और उनके अभिभावक उपस्थित थे।

