असाध्य पम्पों को बिजली देने में मिली शानदार कामयाबी :मुख्यमंत्री ने दी बधाई
अनुसूचित जाति के 1912 किसानों को पम्प कनेक्शन स्वीकृत
इनमें से अब तक 1,729 पम्पों को मिली बिजली
रायपुर, 12 अगस्त 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण द्वारा राज्य में इस वर्ग के किसानों के असाध्य सिंचाई पम्पों को बिजली का कनेक्शन देने में मिली शानदार कामयाबी पर प्रसन्नता व्यक्त की है। प्राधिकरण द्वारा दी गयी राशि से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा विगत पांच वर्षों में अनुसूचित जाति के एक हजार 912 किसानों के पम्प विद्युतीकरण से संबंधित आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। इन पम्पों को कनेक्शन देने के लिए ग्यारह करोड़ 16 लाख रूपए की धनराशि मंजूर की गयी है।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इनमें से अब तक एक हजार 729 किसानों के सिंचाई पम्पों को बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है, जिन पर नौ करोड़ 80 लाख रूपए से अधिक राशि खर्च की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इसके लिए प्राधिकरण के सदस्यों और संबंधित जिलों के कलेक्टरों, जनप्रतिनिधियों तथा विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने संबंधित किसानों को भी अपनी शुभकामनाएं दी हैं। डॉ. रमन सिंह ने अधिकारियों को शेष सभी 183 असाध्य सिंचाई पम्पों के विद्युतीकरण के लिए चार महीने की समय-सीमा देकर यह कार्य दिसम्बर 2011 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि किसानों को ज्यादा से ज्यादा सिंचाई सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा घोषित नवीन नीति के तहत प्रत्येक सिंचाई पंप के लाईन विस्तार के लिए खर्च की सीमा बीस हजार रूपए से बढ़ाकर पचास हजार रूपए कर दी गयी है। अनुदान के रूप में यह राशि राज्य शासन की विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा दी जाती है। इस व्यय सीमा में जिन पंपों का विद्युतीकरण नहीं हो पाता, उन्हें असाध्य माना लिया जाता है। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण और सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र तथा बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के कार्य क्षेत्र के जिलों में ऐसे असाध्य पंपों के विद्युत कनेक्शन के लिए अतिरिक्त राशि प्राधिकरण मद से देने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के तहत अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण द्वारा अपने कार्य क्षेत्र के दस जिलों में अनुसूचित जाति के किसानों के असाध्य पम्पों को बिजली देने के लिए अतिरिक्त राशि दी जा रही है। इन जिलों में रायपुर, महासमुंद, धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम (कवर्धा), बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की राशि से पिछले वित्तीय वर्ष 2010-11 में 249 पम्प कनेक्शनों के लिए लगभग एक करोड़ 77 लाख रूपए मंजूर किए गए, वहीं वर्ष 2009-10 में 416 किसानों के आवेदनों पर दो करोड़ रूपए की धनराशि स्वीकृति की गयी और इसमें से एक करोड़ 99 लाख रूपए खर्च कर 409 पम्पों को कनेक्शन दिया गया। वर्ष 2008-09 में 393 किसानों के असाध्य पम्प विद्युतीकरण के लिए प्राधिकरण् से दो करोड़ 73 लाख रूपए मंजूर किए गए और इन सभी किसानों के सिंचाई पम्पों को बिजली दे दी गयी। वर्ष 2007-08 में 332 किसानों के लिए दो करोड़ 35 लाख 78 हजार रूपए और वर्ष 2006-07 में 522 किसानों के लिए दो करोड़ 30 लाख रूपए स्वीकृत कर दोनों वित्तीय वर्षों में इन सभी के पम्पों का विद्युतीकरण कर दिया गया।

