डॉ. अम्बेडकर ने वंचितो में जगाया स्वाभिमान : डॉ. रमन सिंह
जयंती समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर, 14 अप्रैल 2011

मुख्यमत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि भारतीय संविधान के महान शिल्पी डॉ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर ने समाज की अंतिम पंक्ति के लोगों और वंचितों में स्वाभिमान जाग्रत कर उन्हें जीने की सही राह दिखाई और विकास की मुख्य धारा से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने आज दोपहर यहां कलेक्टोरेट तिराहे के नजदीक डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जयंती समारोह को संबोधित करते हुए इस आषय के विचार व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर कठिन परिश्रम करते हुए अपनी विलक्षण प्रतिभा, विद्वता, अध्ययनशीलता के बल पर जिन बुलंदियों तक पहुंचे, वह प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा दायक है। डॉ. अम्बेडकर ने देष के दलित शोषित और उपेक्षित वर्गो के उत्थान के लिए अपना पूरा जीवन अर्पित कर दिया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संविधान निर्माण के लिए गठित प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में डॉ. अम्बेडकर ने देष के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने देष को एक ऐसा महान संविधान दिया जिसकी बदौलत आज हम सब लोकतंत्र की खुली हवा में सांस ले रहे है। मुख्यमंत्री ने डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रध्दांजलि दी। मुख्यमंत्री ने डॉ. अम्बेडकर के प्रतिमा स्थल के सौन्दर्यीकरण के लिए राज्य शासन की ओर से नगर निगम को समुचित सहयोग का आष्वासन दिया। समारोह की अध्यक्षता लोक निर्माण एवं स्कूल षिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने की। विषिष्ट अतिथि के रूप में विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती किरणमयी नायक, नगर निगम के सभापति श्री संजय श्रीवास्तव और रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी विषिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन बाबा साहब अम्बेडकर सार्वजनिक जयंती समारोह समिति द्वारा किया।

मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सब के लिए गौरवषाली का दिन है। डॉ. अम्बेडकर ने समाज मे व्याप्त हर प्रकार के भेद-भाव, विषेष रूप से जातिवाद की संकीर्ण भावनाओं को दूर करने के लिए जन-जागरण का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने समाज के शोषित एवं उपेक्षित लोगों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए। डॉ. सिंह ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने तत्कालीन समय में व्याप्त जात-पात के भेद-भाव एवं अस्पृष्यता को झेला और उसका मुकाबला करते हुए अपनी कड़ी मेहनत, लगन एवं शिक्षा के बल पर आगे बढ़ते गए और असंख्य लोगों को रास्ता दिखाया। वे उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए विदेश भी गए। डॉ. सिंह ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने शिक्षित बनो संगठित हो और आगे बढ़ो का नारा दिया था। उनके इन्ही प्रेरक विचारों का अनुसरण करते हुए आज आप इस मुकाम तक पहुंचे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके जीवन में एक दौर ऐसा भी आया जब वे अपने सिध्दांतो के लिए किसी के सामने डिगे भी नहीं और झुके भी नहीं। जब उन्होने भारत के कानून मंत्री के पद को तिलांजलि देनी पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिलचिलाती धूप में भी आप इतनी बड़ी तादात में एकजुट हुए है, यह आपकी लगनषीलता एवं एकजुटता को दर्षाता है। डॉ. सिंह ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने बिना किसी प्रलोभन के प्राचीन भारत के बौध्द धर्म की दीक्षा ग्रहण कर समतामूलक समाज की रचना की। रायपुर नगर निगम के पार्षद एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री सुनील बान्द्रे ने डॉ. अम्बेडकर प्रतिमा स्थल के सौन्दर्यीकरण एवं महार समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही व्यवहारिक कठिनाईयों की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। मुख्यमंत्री ने इन दोनाें मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आजादी के छह दषक बाद भी आज भारत सुरक्षित है, एवं देश की एकता और अखण्डता कायम है तो इसका श्रेय भारतीय संविधान को जाता है, जिसका निर्माण डॉ. अम्बेडकर के कठोर परिश्रम और कुषल मार्ग दर्शन में हुआ। आज देश संविधान के रास्ते पर चल कर तरक्की कर रहा है। श्री अग्रवाल ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने समाज के दबे, कुचले उपेक्षित लोगों को बराबरी में लाने का प्रयास किया और आपसी भेद-भाव को मिटाकर समतामूलक समाज की स्थापना में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती किरणमयी नायक ने भी समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर रायपुर नगर निगम के अनेक पार्षद और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

