राजधानी में बीजापुर के स्कूली बच्चों की चित्रकला प्रदर्शनी : मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
बाल कलाकारों की तूलिका से प्रभावित हुए मुख्यमंत्री
प्रदर्शनी अब 17 अगस्त तक चलेगी
रायपुर, 13 अगस्त 2011

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने रक्षाबंधन के अवसर पर आज यहां महंत घासीदास संग्रहालय की कला-वीथिका में प्रदेश के नक्सल हिंसाग्रस्त बीजापुर जिले के स्कूली बालक-बालिकाओं की चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री इन बच्चों की तूलिकाओं से निकली तस्वीरों के रंगों में खो गए। उन्होंने प्रत्येक बाल चित्रकार के पास जाकर उसे आशीर्वाद प्रदान करते हुए शाबाशी दी और सभी नन्हें कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
संस्कृति विभाग के संचालनालय परिसर स्थित संग्रहालय की कला वीथिका में प्रदर्शित चित्रों को देखकर मुख्यमंत्री इन बच्चों की कला प्रतिभा से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने 15 अगस्त तक चलने वाली तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी की समय-सीमा 17 अगस्त तक बढ़ाने की घोषणा की, ताकि राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के स्कूली बच्चे और अन्य नागरिक भी अधिक से अधिक संख्या में आकर इसका अवलोकन कर सकें। डॉ.रमन सिंह ने रक्षाबंधन के पर्व की शुरूआत आज इस मौके पर बीजापुर की स्कूली बालिकाओं से राखी बंधवाकर की। उन्होंने इन बालिकाओं को आशीर्वाद प्रदान किया। यह चित्र प्रदर्शनी बीजापुर जिला प्रशासन द्वारा प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित की गई है। बाल चित्रकारों के हाथों के हुनर से प्रभावित मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी की आगंतुक पुस्तिका में अपनी भावनाओं का इजहार करते हुए लिखा कि बीजापुर के विभिन्न स्कूलों से आए बच्चों ने अद्भुत चित्र बनाए हैं। बच्चों ने प्रतीक के रूप में बिजली, जंगल, पक्षी, पानी के साथ-साथ नई सुबह, रोशन और पुलों के साथ विकास और शांति की तलाश का प्रयोग किया है। प्रदर्शनी में बच्चों ने 'हमारा आशियाना' 'स्वराज्य हमारा' 'राह मुश्किल जरूर मंजिल दूर नहीं' 'शांति की तलाश' 'प्रकृति की गोद में' आदि शीर्षकों के साथ अपनी रंगीन कलाकृतियों का प्रदर्शन किया है। इन बच्चों को बीजापुर जिले के चित्रकार श्री दुर्गम कामेश्वर ने इस वर्ष गर्मी की छुट्टियों में रंगों और तुलिकाओं के साथ जुड़ने की प्रेरणा देकर एक माह का प्रशिक्षण दिया था। गैलरी में लगे चित्रों को देखकर मुख्यमंत्री के मुंह से अनायास ये शब्द निकले- 'बहुत बढ़िया, कमाल के चित्र बनाए हैं बच्चों ने। बढ़िया सोच है।'
डॉ.रमन सिंह ने कहा कि इन बाल चित्रकारों की प्रतिभा वास्तव में कमाल की है। सुदूर आदिवासी अंचल के बच्चों की यह प्रतिभा शहरी क्षेत्र के लोगों को भी निश्चित रूप से प्रभावित करेगी। हर स्कूली बच्चे और शिक्षक सहित आम नागरिकों को भी यह प्रदर्शनी जरूरी देखनी चाहिए। इस मौके पर प्रदेश सरकार के संसदीय सचिव और बीजापुर के विधायक श्री महेश गागड़ा और राज्य शासन के मुख्य सचिव श्री पी.जॉय उम्मेन सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और प्रबुध्द नागरिक उपस्थित थे।

