औद्योगिक विकास वाले जिलों में अधोसंरचना के साथ युवाओं को रोजगार भी दिलाया जाए : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ समन्वित अधोसंरचना विकास समिति की बैठक

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य में औद्योगिक रूप से विकसित हो रहे उत्तरी जिलों में समग्र अधोसंरचना विकास, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार प्रशिक्षण और उन्हें रोजगार के अधिक से अधिक अवसर दिलाने की जरूरत पर विशेष रूप से बल दिया है। डॉ. सिंह ने आज यहां मंत्रालय में छत्तीसगढ़ समन्वित अधोसंरचना विकास समिति की बैठक में कहा कि रायगढ़, सरगुजा, कोरबा, जांजगीर-चाम्पा, बिलासपुर और कोरिया जिलों में संचालित, निर्माणाधीन और प्रस्तावित उद्योगों को ध्यान में रखते हुए वहां सड़क और रेल परिवहन सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर काम करने की जरूरत है।
राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री शिवराज सिंह, प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव श्री पी.जॉय उम्मेन, अपर मुख्य सचिव तकनीकी शिक्षा एवं जनशक्ति नियोजन श्री नारायण सिंह, प्रमुख सचिव वित्त श्री अजय सिंह, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री एम.के.राऊत, प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री एन. बैजेन्द्र कुमार, सचिव ऊर्जा श्री अमन कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सरगुजा, कोरबा, जांजगीर-चाम्पा तथा रायगढ़ जिलों के लिए समिति के प्रतिवेदन में की गयी अनुशंसाओं पर विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में इन जिलों में सड़कों के चौड़ीकरण, उन्नयन और नवीन प्रस्तावित सड़कों के निर्माण सहित वहां रोजगार तथा व्यापार व्यवसाय के सिलसिले में आने वालों के लिए आवासीय कॉलोनियों के निर्माण, उद्योगों में कुशल मानव संसाधन देने के लिए युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिलाने जैसे विषयों पर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए राज्य में तकनीकी शिक्षा और जनशक्ति नियोजन विभाग द्वारा संचालित कौशल उन्नयन मिशन को भी इस पूरी प्रक्रिया से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इन जिलों के प्रमुख शहर केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रम दक्षिण पूर्व कोयला प्रक्षेत्र लिमिटेड (एस.ई.सी.एल.) की भी परिधि में आते हैं। इसलिए इनके समग्र विकास में एस.ई.सी.एल. को भी सहयोग के लिए कहा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस संबंध में केन्द्रीय कोयला मंत्री से भी चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि इन जिलों में औद्योगिक घरानों की सामाजिक जिम्मेदारी के अनुरूप उद्योगों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है। बैठक में समिति की अनुशंसाओं का उल्लेख करते हुए धरमजयगढ़-घरघोड़ा-खरसिया रेल मार्ग निर्माण, सरायपाली-सारंगढ़-रायगढ़ सड़क उन्नयन, धरमजयगढ़-हाटी-कोरबा और अम्बिकापुर-पत्थलगांव सड़क सहित विभिन्न सड़कों के उन्नयन तथा चौड़ीकरण की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए प्राथमिकताओं का निर्धारण कर आगे की कार्रवाई की जाए। इनमें से कुछ सड़कों का कार्य निजी पूंजी निवेश पर आधारित बी.ओ.टी. पध्दति से कराने के बारे में भी चर्चा की गयी। सरायपाली-सारंगढ़-रायगढ़ सड़क का कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण के माध्यम से कराने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
डॉ. सिंह ने सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों के प्रमुख शहरों में वहां के मास्टर प्लान के अनुरूप अधोसंरचना विकास की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ इन जिलों में व्यापार व्यवसाय और रोजगार मूलक गतिविधियों का भी काफी विकास हो रहा है। इससे वहां वर्तमान शहरी इलाकों में आबादी का घनत्व बढ़ा है। इसे ध्यान में रखकर इन शहरों से लगे हुए बाहरी इलाकों में नवीन आवासीय कॉलोनियों, नवीन सड़कों और पेयजल जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं की भी जरूरत महसूस की जा रही है। डॉ. सिंह ने रायगढ़, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा, सीपत और सरगुजा आदि के समग्र विकास के लिए एक समन्वित क्षेत्रीय विकास योजना बनाने की भी जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के इन सभी औद्योगिक इलाकों के शहरों के योजनाबध्द विकास के लिए राज्य स्तर पर एक विशेष विकास प्राधिकरण के गठन की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि इस प्रकार की एक शासकीय एजेंसी 'हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नाम से हरियाणा सरकार द्वारा गठित की गयी है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस बारे में सभी पहलुओं का अध्ययन कर उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ अधोसंरचना विकास समिति की अनुशंसाओं पर अलग-अलग विभागों द्वारा तैयार अलग-अलग कार्ययोजनाओं के व्यापक अध्ययन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के एक कार्य समूह के गठन के भी निर्देश दिए। इसमें राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री शिवराज सिंह, प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, वित्त, लोकनिर्माण, आवास एवं पर्यावरण, तकनीकी शिक्षा और जनशक्ति नियोजन विभाग के प्रमुख सचिवों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों को कार्य समूह की बैठक जल्द लेने और अपनी अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि एक माह बाद फिर बैठक होगी, जिसमें कार्य समूह की रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने प्रदेश के उत्तरी जिलों, विशेष रूप से सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर-चाम्पा जिलों में नवीन औद्योगिक और बिजली परियोजनाओं की स्थापना का कार्य प्रगति पर होने के कारण सम्पूर्ण क्षेत्र के नियोजित विकास की संभावनाओं के अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ समन्वित अधोसंरचना विकास समिति का गठन किया था। यह समिति सेवा निवृत्त मुख्य सचिव श्री एस.के.मिश्रा की अध्यक्षता में पिछले साल बनायी गयी थी। वाणिज्य और उद्योग विभाग को समिति का नोडल विभाग बनाया गया था। राज्य शासन द्वारा समिति के प्रतिवेदन में शामिल अनुशंसाओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। समिति की अनुशंसाओं के क्रियान्वयन और अनुश्रवण की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भी एक समिति का गठन किया गया है। वाणिज्य और उद्योग विभाग इसके लिए भी नोडल विभाग है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति की सचिव स्तरीय एक बैठक इस वर्ष 17 फरवरी को सम्पन्न हो चुकी है। इसमें लिए गए निर्णय के अनुसार इन जिलों में रेल अधोसंरचना से संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई के लिए वाणिज्य और उद्योग विभाग के स्थान पर ऊर्जा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

