अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण देने की पेशकश
नक्सल पीड़ित दंतेवाड़ा-बीजापुर को अत्याधुनिक मोबाइल चिकित्सा यूनिट देने का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री से अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस के प्रतिनिधि मंडल की सौजन्य मुलाकात
रायपुर, एक सितंबर 2010

अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रास सोसायटी ने छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण देने और राज्य के नक्सल हिंसा पीड़ित दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा)तथा बीजापुर जिलों में स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में काम करने की पेशकश की है और इसके लिए प्रदेश सरकार से सहयोग का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रेडक्रॉस के प्रतिनिधियों से कहा है कि अगर वे नक्सल प्रभावित इलाकों में राज्य सरकार के प्रशासनिक अमले के साथ जुड़कर काम करें तो उनको अपनी परियोजनाओं के संचालन में सुविधा होगी। उन्हें शासन की ओर से मदद के साथ पूरी सुरक्षा भी मिलेगी। अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रास ने अपनी ओर से सुकमा और कुटरू इलाकों के लिए दो अत्याधुनिक उपकरणों से सुसाित मोबाइल चिकित्सा वाहन (एम्बूलेंस) उपलब्ध कराने और जिला अस्पताल दंतेवाड़ा में ब्लड बैंक की स्थापना सहित सर्जिकल ऑपरेशन सेंटर स्थापना का भी प्रस्ताव दिया है।
इस सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह से आज यहां उनके निवास पर अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस सोसायटी (आई.सी.आर.सी.) के भारत स्थित उप क्षेत्रीय प्रमुख श्री याहिया अलीबी के नेतृत्व में रेडक्रॉस प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने इन प्रस्तावों से अवगत कराया। उनके साथ रेडक्रास के जेनेवा मुख्यालय की स्वास्थ्य प्रतिनिधि सुश्री बेट्रिस फेबर और नई दिल्ली स्थित संचार अधिकारी सुश्री मीनू रघुनाथन सहित समाज सेवी संस्था मितान फाउंडेशन के श्रीधर राव भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस की इस पेशकश का स्वागत करते हुए कहा कि उनके दोनों प्रस्तावित अत्याधुनिक मोबाइल चिकित्सा यूनिट (एम्बूलेंस) सुकमा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कुटरू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी अधिकारियों के प्रभार में दिए जा सकते हैं। इन प्रभारी अधिकारियों को क्षेत्र के गांवों का पूरा ज्ञान होने के कारण वे रेडक्रॉस को इनके उपयोग के लिए बेहतर सहयोग दे सकते हैं। श्री याहिया अलीबी ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि रेडक्रॉस द्वारा दक्षिण बस्तर जिले में विकलांगों के लिए एक पुनर्वास केंद्र खोलने का भी प्रस्ताव है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि रेडक्रास के दोनों मोबाइल यूनिट राज्य सरकार के इन सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संलग्न रहकर क्षेत्र में सुव्यस्थित रूप से काम कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस के प्रतिनिधियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रदेश के नक्सल प्रभावित दोनों जिलों में रेडक्रास से संबंधित चिकित्सा सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश सरकार की ओर से पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने उन्हें यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में डॉक्टरों की सीधी भर्ती का निर्णय लिया है। सरकार ने यह भी तय किया है कि अगर कोई डॉक्टर पंजीकृत है और वह आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में अपनी सेवाएं देना चाहता है, तो उसे केवल आवेदन और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सीधी नियुक्ति दे दी जाएगी, ताकि जरूरतमंद ग्रामीणों को त्वरित चिकित्सा सेवा मिल सके।
मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस (आई.सी.आर.सी.) के उप-क्षेत्रीय प्रमुख श्री याहिया अलीब ने उन्हें यह भी बताया कि यह एक स्वतंत्र और निष्पक्ष मानवतावादी संगठन है, जिसका मुख्य कार्य हिंसा पीड़ितों के प्राणों की और उनकी मानवीय गरिमा की रक्षा करना है। यह संगठन वर्ष 1863 में स्थापित हुआ था। दक्षिण एशिया में यह संस्था वर्ष 1918 से सक्रिय है। भारत की राजधानी नई दिल्ली में वर्ष 1982 में इसके एक स्थायी क्षेत्रीय प्रतिनिधि मंडल की स्थापना की गई, जो भारत, बांग्लादेश भूटान और मालदीव में कार्यरत है। भारत के जम्मू कश्मीर में भी संस्था द्वारा स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सेवा-कार्य किया जा रहा है। संस्था की ओर से अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी कानून के प्रचार-प्रसार के लिए सरकारी कर्मचारियों, न्यायपालिका और मीडिया, शिक्षाविदों, स्कूली बच्चों, चिकित्सा कर्मचारियों और सैन्य तथा सुरक्षाबलों के लिए कार्यशालाओं, सम्मेलनों और अध्यापन सत्रों का भी आयोजन किया जाता है।

