साक्षरता और शिक्षा एक दूसरे के पूरक : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री ने साक्षरता दिवस पर दी शुभकामनाएं
रायपुर 07 सितम्बर 2011
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल आठ सितम्बर को अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जनता को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने आज यहां जारी शुभकामना संदेश में कहा है कि साक्षरता और शिक्षा दोनों एक दूसरे के पूरक हैं और मानव जीवन की बेहतरी के लिए हम सबको दोनों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सूरजपुर विकासखंड को राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2011 के प्रतिष्ठित सत्येन मैत्रा पुरस्कार के लिए चयनित किए जाने पर वहां की जनता को भी बधाई दी है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि साक्षरता से ही शिक्षा का विकास होता है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में साक्षरता दर विगत एक वर्ष में 64.7 प्रतिशत से बढ़कर 71.04 प्रतिशत तक पहुंच गयी है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की यह मंशा है कि छत्तीसगढ़ के शत-प्रतिशत लोग साक्षर हों और अधिक से अधिक शिक्षा प्राप्त कर विकास योजनाओं का लाभ उठाएं और अपने जीवन को बेहतर बनाएं। इसके लिए राज्य में साक्षर भारत कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर राज्य में बालिका शिक्षा और महिला साक्षरता के विकास के लिए भी विशेष रूप से बल दिया है। उन्होंने साक्षरता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों सहित समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी की जरूरत पर बल दिया है।

