राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका : डॉ. रमन सिंह
नगर निगम भिलाई के 300 स्कूलों के 632 शिक्षक हुए सम्मानित
मुख्यमंत्री ने किया शिक्षकों का सम्मान
रायपुर, 05 सितम्बर 10

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मुख्य आतिथ्य में शिक्षक दिवस के अवसर पर आज नगर निगम भिलाई द्वारा खुर्सीपार में आयोजित गुरूपर्व-शिक्षक सम्मान समारोह में निगम क्षेत्र के शासकीय/अशासकीय, प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी, महाविद्यालय व मूकबधिर, श्रमिक विद्यालय जैसे 300 स्कूलों के 632 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। डॉ. रमन सिंह ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी । उन्होंने नगर निगम भिलाई द्वारा बी.पी.एल. परिवार की बालिकाओं को शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजना ''शिक्षित नोनी'' योजना के अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक शाला क्रमांक-1 न्यू खुर्सीपार की पहली कक्षा की छात्राएं क्रमश: कु. जीनत खातून, कु. सीमरन कौर, कु. प्रिया, कु. राखी, कु. सुस्मिता बघेल एवं कु. तनिका बघेल को 5-5 हजार रूपये की बीमा राशि के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने निगम क्षेत्र के अन्तर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डुंडेरा, वैशालीनगर, खुर्सीपार एवं सेक्टर-11 भिलाई के छात्रों को स्पोट्र्स किट भी वितरन किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री श्री हेमचंद यादव ने की। सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में सम्मिलित हुई।

शिक्षक सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान का जिक्र किया। उन्होनें कहा कि भारत के प्राचीन इतिहास के पन्ने को पलट कर देखें तो मालूम होता है कि गुरूओं ने इस देश के निर्माण में जो भूमिका निभाई है, ऐसी भूमिका दुनिया के अन्य देशों में नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि सम्राट चन्द्रगुप्त की पहचान उनके गुरू चाणक्य व शिवाजी महाराज की पहचान उनके गुरू समर्थ रामदास ने बनायी । मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गुरूपर्व पर अपने गुरूजनों का आदरपूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि आज मुझे इस मुकाम तक पहुंचाने में मेरे गुरूजन श्री टी.एन. झा, श्री श्याम सुन्दर चटर्जी एवं श्रीमती वैष्णव का प्रेरणादायी मार्गदर्शन रहा है। ये मेरे आदर्श शिक्षक रहे हैं, जिन्होंने मुझे जीवन में संघर्ष करना सिखाया। मुख्यमंत्री ने आज सम्मानित शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने विद्यार्थियों को चरित्रवान और आदर्शवादी बनायें।
मुख्यमंत्री ने आज के दिन को एक विशिष्ट महत्व का दिन निरूपित करते हुए कहा कि देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का आज जन्म दिवस है, जिन्होंने एक शिक्षक से राष्ट्रपति पद तक की गरिमा बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि भिलाई में विभिन्न भाषा-धर्म के लोग समरसता के साथ निवास करते हैं। लोहा पिघलाने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी भिलाई ने अपनी पहचान बनायी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परिक्षाओं में यहां के बच्चे सफलता की पताका फहरा रहे हैं। यह निश्चित तौर पर उनके गुरूजनों की देन है। मुख्यमंत्री ने भिलाई नगर निगम क्षेत्र में चरणबध्द विकास के लिए यहां के जनप्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए आयोजकों को अपनी बधाई दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता उच्च शिक्षा और जल संसाधन मंत्री तथा जिले के प्रभारी श्री हेमचंद यादव ने की। श्री यादव ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास रहा है। यहां गुरू को भगवान से पहले पूज्य माना जाता है। लेकिन वर्तमान परिवेश में गुरू-शिष्य दोनो को अपनी सोच बदलनी होगी। उन्होनें गुरू-शिष्य की परम्परा को कायम रखने का आह्वान किया। लोकसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरूजनों की सीख जीवन भर काम आती है। उन्होंने सम्मानित गुरूजनों को नमन करते हुए कहा कि जिस काम के लिए आज वे सम्मानित हुए हैं, इसे वे आगे भी निरंतर कायम रखें। महापौर श्री विद्यारतन भसीन ने स्वागत भाषण दिया।

