मुख्यमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ की महान विभूतियों पर चित्रकथाओं की पुस्तिकाओं का विमोचन
रायपुर, 13 सितम्बर 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां
मंत्रालय में छत्तीसगढ़ की महान विभूतियों की जीवन गाथा और उनके प्रेरक
प्रसंगों पर आधारित चित्रकथा श्रृंखला के अन्तर्गत 20 विभूतियों की
चित्रकथा पुस्तिकाओं सहित छत्तीसगढ़ी शब्दकोष का विमोचन किया। इस अवसर पर
प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पाठयपुस्तक
निगम के अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा और छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष
श्री अजय चन्द्राकर सहित पाठयपुस्तक निगम के अनेक अधिकारी उपस्थित थे। इन
पुस्तिकाओं का प्रकाशन छत्तीसगढ़ पाठयपुस्तक निगम द्वारा किया गया है। इनमें
बाबा गुरू घासीदास, शहीद वीर नारायण सिंह, बिलासा बाई केंवटिन, गुण्डाधूर,
वीर सुरेन्द्र साय, पं. सुन्दरलाल शर्मा, डॉ. खूबचंद बघेल, संत गहिरा
गुरू, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, यतियतन लाल, पं. मुकुटधर पाण्डेय, शहीद कौशल
यादव, पं. माधवराव सप्रे, गजानंद माधव मुक्तिबोध, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी,
डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्रा की जीवन गाथा पर आधारित पुस्तिकाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पाठयपुस्तक निगम के इस रचनात्मक पहल की प्रशंसा
करते हुए कहा कि इन पुस्तिकाओं को स्कूलों में भेजा जाना चाहिए, जिससे
बच्चे छत्तीसगढ़ के इन महापुरूषों के बारे में जान सकें और उनसे प्रेरणा ले
सकें। छत्तीसगढ़ पाठयपुस्तक निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस चित्रकथा में
दी गयी जीवनी विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त तथ्यों एवं घटनाओं के आधार पर
लेखकों एवं चित्रकारों द्वारा रचनात्मक एवं रोचक ढंग से तैयार कर प्रस्तुत
की गयी है। चित्रकथा को रोचक एवं बालोपयोगी बनाने के लिए कुछ काल्पनिक
संवादों एवं चित्रों का भी सहारा लिया गया है। चित्रकथा का उद्देश्य
विद्यार्थियों को प्रेरक विभूतियों के व्यक्तित्व एवं कार्यो से सहज ढंग से
परिचित कराना है, ताकि वे उनसे प्रेरणा ले सके। चित्रकथा विद्यार्थियों
में चेतना विकास और उन्हें इतिहास से जोड़ने का एक प्रयास है।
क्रमांक-2745/सोलंकी

