छत्तीसगढ़ में छात्रवृत्ति भुगतान स्मार्ट कार्ड से करने का सुझाव : मुख्यमंत्री ने दी सैध्दांतिक सहमति
डॉ.रमन सिंह ने गांवों में बैंकिंग जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर दिया बल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत पर बल दिया है। ग्रामीणों को बैंकों तक नि:संकोच आने-जाने की आदत डालनी होगी। उन्हें बैंकिंग प्रक्रिया से भी परिचित कराना होगा, ताकि वे अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकें। मुख्यमंत्री ने राज्य में अनुसूचित जातियों, जनजातियों और पिछड़े तथा अल्पसंख्यक वर्गों के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति वितरण में आंध्रप्रदेश की तर्ज पर स्मार्ट कार्ड सुविधा दिए जाने के सुझाव पर अपनी सैध्दांतिक सहमति व्यक्त की है। आंध्र में विद्यार्थी स्मार्ट कार्ड का उपयोग कर अपनी सुविधानुसार एटीएम से छात्रवृत्ति की राशि निकालते रहते हैं। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस सुझाव का परीक्षण कर छात्र-छात्राओं के हित में जल्द निर्णय लिया जाएगा।
डॉ. रमन सिंह आज दोपहर यहां अपने निवास पर भारतीय स्टेट बैंक के भोपाल मुख्यालय के मुख्य महाप्रबंधक एस.के.मिश्रा सहित बैंक के स्थानीय वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए छत्तीसगढ़ राज्य का जिस तेजी से आर्थिक विकास हो रहा है, और सामाजिक क्षेत्र में केन्द्र तथा राज्य प्रवर्तित योजनाओं के जरिए जिस तेजी से यहां हितग्राहियों की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए राज्य में बैंकिंग सुविधाओं का और भी ज्यादा विस्तार बहुत जरूरी हो गया है। राज्य निर्माण के 10 वर्ष के भीतर छत्तीसगढ़ सरकार के वार्षिक बजट का आकार सात हजार करोड़ रुपए से बढ़कर इस वर्ष 34 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है और अगले पांच वर्ष में हमारा वार्षिक बजट इससे भी दोगुना हो जाने की पूरी संभावना है। छत्तीसगढ़ के बजट से राज्य के आर्थिक विकास और उसमें बैंकों की भूमिका स्वत: स्पष्ट हो जाती है। डॉ. रमन सिंह ने भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों को सुझाव दिया कि वे महिला स्व-सहायता समूहों को भी उनके विभिन्न कारोबार के लिए फायनेन्स करे।
मुख्यमंत्री को भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि आंध्रप्रदेश में चार लाख छात्र-छात्राओं को स्मार्ट कार्ड के जरिए विभिन्न योजनाओं में छात्रवृत्ति दी जा रही है। उन्हें स्मार्ट कार्ड जारी किए गए हैं, जिसका इस्तेमाल कर वे अपने नजदीकी एटीएम से छात्रवृत्ति की राशि आसानी से निकालते रहते हैं। ऐसी ही व्यवस्था छत्तीसगढ़ में भी की जा सकती है। इसमें भारतीय स्टेट बैंक राज्य सरकार को सहयोग देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने उनके सुझाव को काफी सराहनीय और उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि हम तो चाहते हैं कि छात्रवृत्ति सहित सामाजिक क्षेत्र की सभी योजनाओं के हितग्राहियों को स्मार्ट कार्ड की सुविधा मिले। डॉ. सिंह ने कहा है कि यह सुझाव काफी सराहनीय और उपयोगी है, जिसका परीक्षण कर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
डॉ. रमन सिंह ने बैंक अधिकारियों से कहा कि छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की तो मंशा है कि छात्रवृत्ति के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों को देय राशि का भुगतान भी स्मार्ट कार्ड के जरिए हो। उन्होंने बैंक अधिकारियों को इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सुनील कुमार और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव विवेक ढांड से मिलने की सलाह दी। डॉ.सिंह ने कहा कि वे इन दोनों अधिकारियों को इस सुझाव के परीक्षण और आगे की कार्रवाई के लिए जल्द निर्देश देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सामाजिक क्षेत्र की सभी योजनाओं को बैंकों से जोड़ रही है। हमारे यहां सहकारी समितियों के माध्यम से हर साल खरीफ के दौरान लगभग साढ़े नौ लाख किसानों का धान समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता है और पांच हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा राशि का भुगतान उन्हें बैंकर्स चेकों के जरिए किया जाता है। राय में सार्वजनिक क्षेत्र के अतंर्गत भिलाई इस्पात संयंत्र सहित निजी क्षेत्र के भी अनेक उद्योगों से प्रदेश के औद्योगिक विकास में तेजी आई है।

