छत्तीसगढ़ के सुदूर गांवों में खुलेंगे मोबाइल चार्जिंग स्टेशन : मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
प्रथम चरण में पचास गांव चयनित
सौर ऊर्जा से संचालित होंगे चार्जिंग स्टेशन
रायपुर 28 मई 2011

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अपने आवासीय परिसर में राज्य के दूर-दराज के अविद्युतीकृत गांवों के लिए सोलर मोबाइल चार्जिंग स्टेशनों का शुभारंभ किया। पूरे भारत में ऐसे पांच हजार स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में इसके लिए प्रदेश सरकार की कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
राज्य सरकार की एजेंसी छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) ने दो सौ चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य लेकर कार्ययोजना बनायी है। इनमें से प्रथम चरण में राज्य के पांच जिलों के पचास गांवों का चयन किया गया है। इनमें रायपुर जिले के बीस, बिलासपुर और सरगुजा जिलों के दस-दस तथा कोरबा और धमतरी जिलों के पांच-पांच गांव शामिल हैं। सौर ऊर्जा प्रणाली से चलने वाले इन मोबाइल चार्जिग स्टेशनों में मोबाइल फोन की बैटरी चार्ज करने की सुविधा रहेगी। इसमें एक बार में एक साथ दस मोबाइल फोन चार्ज किए जा सकेंगे। प्रत्येक स्टेशन की लागत पच्चीस हजार रूपए है। इन मोबाइल चार्जिंग स्टेशनों के लिए चयनित गांवों में उपकरणों की स्थापना कल से विधिवत शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री निवास पर आज इनके शुभारंभ के अवसर पर स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, जनशक्ति नियोजन और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री हेमचन्द यादव, कृषि और श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अमन कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के कार्यपालन निदेशक श्री एस.के.शुक्ला और अन्य अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इसे काफी उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि आज के जमाने में मोबाइल फोन का प्रचलन लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका प्रचलन बढ़ा है। राज्य के मोबाइल फोन धारकों को यह एक नयी सुविधा प्रदेश के ऐसे दुर्गम इलाकों के लोगों को मिलने जा रही है, जहां मोबाइल फोन के लिए निकटवर्ती टावरों से सिग्नल तो मिलते हैं, लेकिन परम्परागत बिजली की सुविधा नहीं होने के कारण मोबाइल फोन उपभोक्ताओं के लिए अपने मोबाइल की बैटरी डाउन होने पर उसे चार्ज करना काफी कठिन होता है। ऐसे जरूरतमंद लोगों को दस-पन्द्रह किलोमीटर दूर दूसरे विद्युतीकृत गांवों या शहरों में जाकर बैटरी चार्ज करवानी पड़ती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेकर केन्द्र सरकार के गैर परम्परागत ऊर्जा स्त्रोत मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूर कर लिया गया है। ऐसे क्षेत्रों में आम नागरिकों, सरकारी कर्मचारियों और समाज के सभी वर्गों के मोबाइल फोन धारकों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। अधिकारियों ने इस अवसर पर बताया कि चयनित गांवों में मोबाइल चार्जिंग स्टेशनों के संचालन के लिए स्थानीय बेरोजगारों को अधिकृत किया गया है। वे मोबाइल फोन उपभोक्ताओं से कुछ नाम मात्र का शुल्क लेकर उनके फोन की बैटरी चार्ज कर देंगे। इससे इन बेरोजगारों को भी कुछ आमदनी होगी।
राज्य सरकार की एजेंसी छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) ने दो सौ चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य लेकर कार्ययोजना बनायी है। इनमें से प्रथम चरण में राज्य के पांच जिलों के पचास गांवों का चयन किया गया है। इनमें रायपुर जिले के बीस, बिलासपुर और सरगुजा जिलों के दस-दस तथा कोरबा और धमतरी जिलों के पांच-पांच गांव शामिल हैं। सौर ऊर्जा प्रणाली से चलने वाले इन मोबाइल चार्जिग स्टेशनों में मोबाइल फोन की बैटरी चार्ज करने की सुविधा रहेगी। इसमें एक बार में एक साथ दस मोबाइल फोन चार्ज किए जा सकेंगे। प्रत्येक स्टेशन की लागत पच्चीस हजार रूपए है। इन मोबाइल चार्जिंग स्टेशनों के लिए चयनित गांवों में उपकरणों की स्थापना कल से विधिवत शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री निवास पर आज इनके शुभारंभ के अवसर पर स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, जनशक्ति नियोजन और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री हेमचन्द यादव, कृषि और श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अमन कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के कार्यपालन निदेशक श्री एस.के.शुक्ला और अन्य अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इसे काफी उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि आज के जमाने में मोबाइल फोन का प्रचलन लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका प्रचलन बढ़ा है। राज्य के मोबाइल फोन धारकों को यह एक नयी सुविधा प्रदेश के ऐसे दुर्गम इलाकों के लोगों को मिलने जा रही है, जहां मोबाइल फोन के लिए निकटवर्ती टावरों से सिग्नल तो मिलते हैं, लेकिन परम्परागत बिजली की सुविधा नहीं होने के कारण मोबाइल फोन उपभोक्ताओं के लिए अपने मोबाइल की बैटरी डाउन होने पर उसे चार्ज करना काफी कठिन होता है। ऐसे जरूरतमंद लोगों को दस-पन्द्रह किलोमीटर दूर दूसरे विद्युतीकृत गांवों या शहरों में जाकर बैटरी चार्ज करवानी पड़ती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेकर केन्द्र सरकार के गैर परम्परागत ऊर्जा स्त्रोत मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूर कर लिया गया है। ऐसे क्षेत्रों में आम नागरिकों, सरकारी कर्मचारियों और समाज के सभी वर्गों के मोबाइल फोन धारकों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। अधिकारियों ने इस अवसर पर बताया कि चयनित गांवों में मोबाइल चार्जिंग स्टेशनों के संचालन के लिए स्थानीय बेरोजगारों को अधिकृत किया गया है। वे मोबाइल फोन उपभोक्ताओं से कुछ नाम मात्र का शुल्क लेकर उनके फोन की बैटरी चार्ज कर देंगे। इससे इन बेरोजगारों को भी कुछ आमदनी होगी।
क्रमांक- 352/स्वराज्य

