प्रदेश में आठ वर्ष में दो लाख किसानों को सिंचाई पम्प कनेक्शन : डॉ. रमन सिंह
विद्युतीकृत सिंचाई पम्पों की संख्या 2.94 लाख तक पहुंची
रायपुर, 14 नवम्बर 2011
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार ने राज्य में विगत लगभग आठ वर्ष में दो लाख किसानों के सिंचाई पम्पों को बिजली के कनेक्शन दिए हैं, जिससे प्रदेश में कृषि जमीनों के सिंचित रकबे में उल्लेखनीय वृध्दि हुई है और कृषि उत्पादन भी लगातार बढ़ रहा है। डॉ. सिंह ने आज यहां बताया कि राज्य निर्माण के समय यानी वर्ष 2000 की स्थिति में छत्तीसगढ़ में बिजली के कनेक्शन
वाले सिंचाई पम्पों की संख्या केवल 72 हजार 400 के आस-पास थी और राज्य बनने के बाद प्रथम तीन वर्ष में यानि वर्ष 2003 तक केवल 21 हजार 713 किसानों को विद्युत कनेक्शन दिए गए थे, जबकि इसके बाद वर्ष 2004 से प्रदेश सरकार ने लगातार अभियान चलाकर अब तब दो लाख सिंचाई पम्पों का विद्युतीकरण किया है। इन्हें मिलाकर राज्य में विद्युतीकृत सिंचाई पम्प कनेक्शनों की संख्या विगत ग्यारह वर्ष में 72 हजार 400 से बढ़कर दो लाख 94 हजार से भी अधिक हो गई है। राज्य सरकार ने विगत 2 अक्टूबर 2009 से पांच हार्स पावर तक सिंचाई पम्पों के लिए कृषक जीवन ज्योति योजना की शुरूआत की है। इसके अंतर्गत किसानों को सालाना छह हजार यूनिट बिजली नि:शुल्क दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अनुसूचित जातियों और जनजातियों के विकास के लिए कार्यरत तीनों विशेष प्राधिकरणों द्वारा इन वर्गों के किसानों के असाध्य सिंचाई पम्पों को बिजली का कनेक्शन देने के लिए ऐसे प्रत्येक पम्प पर अतिरिक्त राशि दी जा रही है। अब तक तीन हजार से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिल चुका है। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र और बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण में इन वर्गों के किसानों के लिए प्रति सिंचाई पम्प लाइन विस्तार के लिए स्वीकृत शासकीय अनुदान सीमा 20 हजार रूपए से बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दी गई है। इस अनुदान सीमा में भी अगर सिंचाई पम्प के लिए बिजली की लाईन पहुंचाना मुश्किल हो तो ऐसे पम्पों को असाध्य मानकर लाईन विस्तार में लगने वाली सम्पूर्ण अतिरिक्त राशि तीनों प्राधिकरणों द्वारा दी जा रही है।

