सिकल सेल पर रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी : मुख्यमंत्री ने ली समीक्षा बैठक
राष्ट्रीय नीति बनाकर पूरे देश में सिकलसेल की रोकथाम के लिए
अभियान चलाने की जरूरत : डॉ. रमन सिंह
छत्तीसगढ़ के लिए सम्मेलन में शुरू होगी तीन वर्षीय कार्य योजना
अम्बेडकर अस्पताल में सिकलसेल पीड़ितों के लिए बनेगा विशेष चिकित्सा प्रकोष्ठ
रायपुर, 10 नवम्बर 2010

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अपने निवास पर अधिकारियों की बैठक लेकर राजधानी रायपुर में सिकलसेल की बीमारी पर इस महीने की 22 तारीख से शुरू होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि छह दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और अफ्रीकी देश कांगो गणतंत्र की प्रथम महिला एन्टोनिट्टे सस्साऊ (Antoinette Sassou Nguesso) को अति विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है और उनकी स्वीकृति भी मिल गयी है। यह सिकलसेल पर चौथा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। इसमें देश के विभिन्न राज्यों के दो सौ प्रतिनिधियों सहित विदेशों के भी करीब एक सौ प्रतिनिधि शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आयोजन के लिए आज की तैयारी बैठक में कहा कि सिकलसेल की बीमारी छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक राज्यों के लिए एक गंभीर चुनौती है। इस बीमारी के समुचित इलाज और इसके बारे में जन-जागरण्ा के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाने की जरूरत है। डॉ. सिंह ने कहा कि रायपुर में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से इस संबंध में केन्द्र सरकार को राष्ट्रीय नीति बनाने का सुझाव देते हुए एक आधार पत्र भी प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह आधार पत्र विषय विशेषज्ञ से तैयार करवाने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ में सिकलेसल की रोकथाम और इस बीमारी के इलाज के लिए राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की जा रही तीन वर्षीय कार्य-योजना का शुभारंभ भी सम्मेलन में किया जाएगा। यह कार्य-योजना लगभग 25 करोड़ रूपए की होगी। इस कार्य योजना में प्रदेश के 14 वर्ष से 18 वर्ष तक आयु समूह के सभी बच्चों और किशोरों के रक्त परीक्षण सहित गर्भवती माताओं के रक्त परीक्षण का भी प्रावधान रहेगा। सम्मेलन के दौरान स्थानीय जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से सम्बध्द डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में सिकलसेल मरीजों के लिए एकल-खिड़की प्रणाली के तहत विशेष चिकित्सा प्रकोष्ठ के शुभारंभ का भी निर्णय लिया गया। इस प्रकोष्ठ में सिकलसेल की जांच और इस बीमारी के मरीजों के लिए हर जरूरी डॉक्टरी परीक्षण की व्यवस्था रहेगी, ताकि उन्हें परीक्षणों के लिए अलग-अलग क्लिनिकों में न जाना पड़े। उनके लिए 20 या 30 बिस्तरों का भी अलग से इंतजाम इस विशेष प्रकोष्ठ के अंतर्गत किया जाएगा। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर द्वारा आयोजित किए जा रहे इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस सहित दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील तथा अफ्रीकी देश कांगो, गेबॉन, कैमेरून और एशिया महाद्वीप से सऊदी अरब के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। भारत के उड़ीसा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, गुजरात आदि अनेक राज्यों के स्वास्थ्य विभाग के सचिव स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी और विषय विशेषज्ञ भी सम्मेलन में सिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री ने आज की बैठक में सम्मेलन में आमंत्रित अतिथियों और प्रतिनिधियों की संख्या को देखते हुए इसके शुभारंभ समारोह के आयोजन के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागृह को भी विकल्प के रूप में तैयार रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में सम्मेलन के आमंत्रित अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था सहित उनके लिए जरूरी सुविधाओं के संबंध में भी विचार-विमर्श कर संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 22 नवम्बर से 27 नवम्बर तक चलने वाले इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के विभिन्न सत्रों का आयोजन मेडिकल कॉलेज सहित यहां जेल रोड स्थित निजी क्षेत्र के एक होटल के सभागृह में भी किया जाएगा। अलग-अलग सत्रों में इस विषय पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों द्वारा अपने कई महत्वपूर्ण शोध पत्र भी प्रस्तुत किए जाएंगे। प्रथम सत्र में सिकलसेल पर सरकारी नीति के बारे में भी एक वक्तव्य होगा जिस पर सामूहिक चर्चा होगी। इसी तरह अन्य सत्रों में भी शोध पत्रों और आलेखों पर सामूहिक विचार-विमर्श किया जाएगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सम्मेलन की आज की तैयारी बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री विकासशील, सचिव सामान्य प्रशासन श्रीमती निधि छिब्बर, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक श्री पी अन्बलगन, पुलिस महानिरीक्षक श्री मुकेश गुप्ता, कलेक्टर रायपुर डॉ रोहित यादव , पुलिस अधीक्षक रायपुर श्री दीपांशु काबरा, आयुक्त नगर निगम रायपुर श्री ओमप्रकाश चौधरी, अधीक्षक अम्बेडकर अस्पताल डॉ. विवेक चौधरी, सिकलसेल अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. पी.के. पात्रा और प्रभारी संचालक डॉ. शुक्ला भी उपस्थित थे।

