छत्तीसगढ़ में भी मनायी जाएगी स्वामी विवेकानंद की 150 वीं जयंती : मुख्यमंत्री लिखेंगे प्रधानमंत्री को पत्र
डॉ. रमन सिंह ने किया विवेकानंद इंस्टीटयूट फॉर हयूमेन एक्सीलेंस का शुभारंभ
रायपुर 20 नवम्बर 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में भी वर्ष 2014 में स्वामी विवेकानंद जी की 150 वीं जयंती मनायी जाएगी। इसके अन्तर्गत यहां भी राष्ट्रीय स्तर के समारोह आयोजित करने के लिए राज्य सरकार पहल करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी जी की 150 वीं जयंती मनाने लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्तर पर की आयोजन समिति का गठन किया गया है। वह छत्तीसगढ़ में भी आयोजन करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे। मुख्यमंत्री ने आज यहां विवेकानंद विद्यापीठ परिसर में 'विवेकानंद मानव प्रकर्ष संस्थान' (विवेकानंद इंस्टीटयूट फॉर हयूमेन एक्सीलेंस) का उदघाटन करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के ऐसे आयोजन नारायणपुर या रायपुर में किए जा सकते हैं। स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन के दो वर्ष रायपुर में भी बिताए थे। इसलिए 150 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किए जा रहे समारोहों में छत्तीसगढ़ को भी प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकृष्ण मिशन विवेकानंद आश्रम रायपुर के सचिव स्वामी सत्यरूपानंद ने की। विशेष अतिथि के रूप में रामकृष्ण मठ इलाहाबाद के अध्यक्ष स्वामी निखिलात्मानंद और कानपुर रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी भक्तिरूपानंद उपस्थित थे। स्वामी विवेकानंद के आदर्शो के प्रचार-प्रसार के उददेश्य से इस संस्थान की स्थापना की गयी है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यो की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस संस्थान द्वारा संचालित किए जा रहे विद्यालय आदिवासी क्षेत्रों के गरीब परिवारों के बच्चों को अच्छे संस्कारों के साथ शिक्षा प्रदान करने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। यह विशेषता इन संस्थानों को देश और दुनिया के दूसरे शिक्षा संस्थानों से अलग पहचान दिलाती है। दूसरे शिक्षा संस्थान ज्ञान-विज्ञान की शिक्षा देते हैं, लेकिन मिशन के संस्थानों में भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़कर शिक्षा दी जाती है। यहां से निकलने वाले विद्यार्थी अपने देश और समाज की सेवा और अपनी माटी के प्रति अपनत्व का भाव लेकर निकलते हैं, ये गुण इन विद्यार्थियों को दूसरे संस्थानों के विद्यार्थियों से अलग पहचान दिलाते हैं। देश और दुनिया में इन विद्यार्थियों की कार्य शैली अलग ही दिखती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामकृष्ण मिशन जैसे संस्थानों द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में संचालित किए जा रहे शिक्षा और संस्कार के केन्द्र आज देश को उसी दिशा में ले जा रहे हैं, जब भारत को विश्व गुरू के रूप में देखा जाता था। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि विवेकानंद विद्यापीठ के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी अच्छी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। छात्र अखिल भारतीय स्तर की परीक्षाओं में सफल होकर आई.आई.टी. और एन.आई.टी. जैसे उच्च शिक्षा संस्थानों में भी प्रवेश हासिल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बच्चे ऐसे गांव से निकलकर आए हैं, जहां सड़क और बिजली जैसी सुविधाएं नहीं हैं। छोटे से स्कूल से निकलकर ये विद्यार्थी विद्यापीठ के साथ-साथ छत्तीसगढ़ का नाम भी रौशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम रमेश ने भी रामकृष्ण मिशन द्वारा नारायणपुर में संचालित किए जा रहे आश्रम की प्रशंसा करते हुए ऐसे शिक्षा संस्थानों के विस्तार की आवश्यकता बतायी। स्वामी सत्यरूपानंद, स्वामी निखिलात्मानंद और डॉ. ओम प्रकाश वर्मा ने भी स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए इन्हें जीवन में अपनाने की आवश्यकता बतायी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विवेकानंद मानव प्रकर्ष संस्थान द्वारा प्रकाशित स्वामी विवेकानंद जी के चित्र का विमोचन किया।

