महान विभूतियों की जीवनी सबके लिए प्रेरणादायक : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री ने किया डॉ. विमल कुमार पाठक की पुस्तक का विमोचन
रायपुर, 17 नवम्बर 2010

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अपने निवास पर राज्य की 55 महान विभूतियों की जीवनी पर आधारित डॉ. विमल कुमार पाठक की संस्मरणात्मक पुस्तक 'छत्तीसगढ़ के हीरे-कहां गए ये लोग' का विमोचन किया। राज्य की ज्ञात और अल्पज्ञात विभूतियों पर केंद्रित डॉ. पाठक की पुस्तक का यह पहला भाग है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि स्वतंत्रता संग्राम, साहित्य, कला, संस्कृति और समाज सेवा से जुड़ी छत्तीसगढ़ की इन विभूतियों की जीवन गाथा सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक होगी। हमारी वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इन जीवन गाथाओं से बहुत कुछ सीखने और समझने का मौका मिलेगा। डॉ. सिंह ने कहा कि लेखक डॉ. पाठक ने अपनी इस किताब में इन विभूतियों की जीवनी को बहुत ही रोचक शैली में प्रस्तुत किया है जिसे पढ़कर छत्तीसगढ़ को देखने और राज्य के ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक वैभव के बारे में भी बहुत कुछ जानने और सीखने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किताब नई पीढ़ी के लिए संजोकर रखने लायक है। उन्होंने इसके लेखन और प्रकाशन के लिए डॉ. पाठक को बधाई दी और उन्हें उनकी अगली किताब के आगामी एक वर्ष में प्रकाशन के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ लेखक और बख्शी सृजनपीठ भिलाई नगर के अध्यक्ष श्री बवनप्रसाद मिश्र ने कहा कि हमारी संस्कृति और सभ्यता को सजाने-संवारने वाले महान लोगों के बारे में जानना हम सब के लिए जरूरी है। पुस्तक में ऐसी विभूतियों का विवरण है जिन्होंने अपनी पीढ़ी को अच्छे संस्कार दिए। श्री मिश्र ने भी साहित्यकारों की पुस्तकों के प्रकाशन के लिए बख्शी सृजनपीठ की ओर से हर संभव सहयोग का वायदा करते हुए डॉ. विमल कुमार पाठक की इस पुस्तक की दस प्रतियां तुरंत खरीदने की घोषणा की। विशेष अतिथि की आसंदी से छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के अध्यक्ष पंडित श्याम लाल चतुर्वेदी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्व सांसद श्री केयूर भूषण तथा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. पालेश्वर शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। पुस्तक के लेखक डॉ. विमल कुमार पाठक और वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक लाखोटिया ने भी समारोह को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने पुस्तक में जिन महान विभूतियों की जीवनी शामिल है, उनके परिजनों को इसकी सौजन्य प्रतियां भेंटकर शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए साहित्यकार बड़ी संख्या में उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि इस पुस्तक में ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर, डॉ. ई राघवेंद्र राव, पं. विष्णु दिगम्बर पलुस्कर, कुंजबिहारी चौबे, डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, डॉ. खूबचंद बघेल, बाबू प्यारेलाल गुप्त, पंडित लोचन प्रसाद पांडेय, डॉ. मुकुटधर पांडेय, कमल नारायण शर्मा, मिनी माता, स्वामी आत्मानंद, दानवीर दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल और दानवीर माता बिन्नी बाई सोनकर, भगवती लाल सेन, देवदास बंजारे, डॉ. वामन वासुदेव पाटनकर, ठाकुर विघ्नहरण सिंह, महेश चंद्र बोस, पं. द्वारिका प्रसाद तिवारी विप्र और गजाधर साव सहित 55 विभूतियों पर केंद्रित और उनके बारे में डॉ. विमल कुमार पाठक द्वारा लिखित आलेख शामिल किए गए हैं। पुस्तक में देश के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. शंकर दयाल शर्मा और प्रसिध्द फिल्म अभिनेता स्वर्गीय पृथ्वीराज कपूर के छत्तीसगढ़ प्रवास से संबंधित अपने संस्मरण भी डॉ. पाठक द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं। विमोचन समारोह में पुस्तक के प्रकाशक श्री महावीर अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पद्मश्री सम्मान प्राप्त आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. महादेव प्रसाद पांडेय भी उपस्थित थे।

