केन्द्रीय सचिव ने की छत्तीसगढ़ में चल रही योजनाओं की तारीफ : मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात
रायपुर, 18 नवम्बर 2010

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज सवेरे यहां उनके निवास पर केन्द्रीय पंचायत राज मंत्रालय के सचिव श्री ए.एन.पी. सिन्हा ने सौजन्य मुलाकात की। श्री सिन्हा ने छत्तीसगढ़ में त्रि-स्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में महिलाओं का आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किए जाने को राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे महिला सशक्तिकरण की अवधारणा साकार होगी और पंचायतों को भी और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। श्री सिन्हा ने पंचायतों के माध्यम से छत्तीसगढ़ में संचालित ग्रामीण विकास योजनाओं, विशेष रूप से पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और अन्य प्रमुख योजनाओं की प्रगति की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने श्री सिन्हा से चर्चा के दौरान सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ सहित देश के सभी राज्यों में चार, चिरौजी, आवला, हर्रा-बहेड़ा, इमली, महुआ, साल बीज आदि लघु वनोपजों के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाकर इनका न्यूनतम समर्थन मूल्य भी केन्द्र द्वारा घोषित किया जाना चाहिए। इससे हमारे लाखों-करोड़ों वनवासी भाई-बहनों को लघु वनोपजों के संग्रहण में पर्याप्त फायदा होगा। श्री सिन्हा ने कहा कि वे मुख्यमंत्री का यह सुझाव केन्द्र सरकार तक जरूर पहुंचाएंगे। डॉ. रमन सिंह ने केन्द्रीय पंचायत राज सचिव को छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने श्री सिन्हा को बताया कि प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों को दस लाख रूपए तक के निर्माण कार्यों के अधिकार दिए हैं, वहीं वन विभाग द्वारा तेन्दूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा सात सौ रूपए के पारिश्रमिक के साथ इसके कारोबार में लाभांश भी दिया जा रहा है। वर्ष 2009 के संग्रहण कार्य के लिए उन्हें इस वर्ष लगभग एक सौ करोड़ रूपए का लाभांश (बोनस) वितरित किया जा रहा है।

