सामाजिक समरसता छत्तीसगढ़ की ताकत : डॉ. रमन सिंह
रायपुर 28 नवम्बर 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न समाजों के बीच अद्भुत एकता, समरसता और तालमेल है। यह तालमेल वर्षों से है और यही छत्तीसगढ़ की ताकत भी है। डॉ. सिंह कल रात यहां
अपने निवास पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ यादव के नेतृत्व में राज्य के विभिन्न जिलों से आए पिछड़ा वर्ग समाज के लोगों से चर्चा कर रहे थे। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री को साफा पहनाकर आत्मीय स्वागत किया और आयोग गठन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री ने आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष और सदस्यों को नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। डॉ. सिंह ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग में युवा लोगों की अच्छी टीम बनी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोग समाज के पिछड़े तबके के लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओ का फायदा दिलाने में सेतु की तरह कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि समाज के पिछड़े और कमजोर लोगों की आर्थिक-सामाजिक तरक्की के लिए राज्य शासन द्वारा एक सौ से अधिक योजनाएं चलाई जाती है। इन योजनाओं की जानकारी और इनके लाभ उठाने के तरीके का जरूरतमंद लोगों के बीच अच्छी तरह प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। डॉ. सिंह ने आयोग को इस दिशा में अपनी भूमिका निभाने का आव्हान भी किया।
डॉ. सिंह ने कहा कि बुराइयां सभी समाजों में होती हैं। समाज में चेतना फैलाकर और लोगों को शिक्षित करके इन बुराइयों को दूर किया जाना चाहिए। राज्य शासन द्वारा इस दिशा में योजनाबध्द प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दहेज प्रथा को एक प्रमुख सामाजिक बुराई बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बुराई को दूर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना चलाई जा रही है। योजना के अंतर्गत सभी समाजों के निर्धन परिवार के कन्याओं की सामूहिक रूप से उनके विवाह संपन्न कराई जाती हैं। यह विवाह उनके सामाजिक विधि-विधान के अनुरूप होता है। राज्य सरकार प्रत्येक कन्या विवाह के लिए दस हजार रुपए तक खर्च किया जाता है। इनमें नये परिवार स्थापित करने के लिए जरूरत की चीजें उपलब्ध कराई जाती हैं। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सर्वश्री छत्तरसिंह नायक, प्रहलाद रजक और भुनेश्वर सिंह केसर सहित राज्य के विभिन्न जिलों से आये बड़ी संख्या में पिछड़े वर्ग के लोग उपस्थित थे।

