मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विशेष बैठक : राजधानी की जीवन रेखा 'खारून' को मिलेगा नया जीवन
शहर में नदी-तालाबों के गहरीकरण का कार्य 30 अप्रैल से शुरू होगा
जनभागीदारी और श्रमदान से करेंगे नदी और तालाबों का सरंक्षण
रायपुर 24 अप्रैल, 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजधानी रायपुर की जीवन रेखा 'खारून नदी' को नया जीवन देने के लिए सभी लोगों से सक्रिय सहयोग का आव्हान किया है। इस नदी के संरक्षण और उसके गहरीकरण सहित शहर के चिन्हांकित तालाबों के गहरीकरण का कार्य इस महीने की 30 तारीख से शुरू किया जाएगा। इस कार्य में जनभागीदारी के साथ सामूहिक श्रमदान भी होगा। यह निर्णय आज रात यहां मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में उनके निवास पर आयोजित एक विशेष बैठक में लिया गया।
डॉ. सिंह ने बैठक में कहा कि शहर के तालाबों के संरक्षण, गहरीकरण, उनके किनारे वृक्षारोपण और सौन्दर्यीकरण के लिए अगले कम से कम पांच वर्ष की कार्य योजना बनाकर चरणबध्द ढंग से उस पर गंभीरता से अमल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सौन्दर्यीकरण से पहले तालाबों के गहरीकरण और किनारों पर वृक्षारोपण अधिक जरूरी है। डॉ. सिंह ने अधिकारियों को खारून नदी के चौड़ीकरण और उसके दोनों किनारों की पिचिंग कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री श्री राजेश मूणत, लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुनील सोनी, नगर निगम रायपुर के सभापति श्री संजय श्रीवास्तव, सचिव नगरीय प्रशासन श्री आर.पी. मण्डल, कलेक्टर रायपुर डॉ. रोहित यादव और नगर निगम तथा नगर निवेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बैठक में अपने अत्याधुनिक छोटे कम्प्यूटर 'आई-पॉड' में शहर के नक्शे और उसमें अंकित नदी और तालाबों की स्थिति का अवलोकन करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि पिछले वर्ष प्रदेश व्यापी 'पानी बचाओ' और भू-जल संरक्षण अभियान के तहत रायपुर शहर में पुलिस लाईन के पीछे के तीन तालाबों का कार्य हाथ में लिया गया था, जिसका काम काफी हद तक पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि खारून नदी रायपुर शहर की भी जीवन रेखा है। पिछले साल राज्य सरकार की पहल पर राजनांदगांव के नजदीक शिवनाथ नदी के गहरीकरण और उसकी साफ-सफाई के लिए सामूहिक श्रमदान से विशेष अभियान चलाया गया था। उसी तर्ज पर इस वर्ष हमें खारून नदी को इस अभियान में शामिल करना है। इसी तरह रायपुर शहर के तालाबों की सफाई और उनके गहरीकरण के लिए भी काम शुरू करना है। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि ये सभी कार्य मानसून के आने के पहले पूर्ण हो जाए। डॉ. सिंह ने कहा कि बारिश में 'हरियर छत्तीसगढ़' अभियान के तहत नदी और तालाबों के किनारे वृक्षारोपण भी किया जाए। चूंकि खारून नदी रायपुर और दुर्ग जिले की सीमा रेखा भी है इसलिए इस कार्य में दुर्ग जिला प्रशासन को भी जोड़ने का निर्णय बैठक में लिया गया। राजधानी के आवासीय क्षेत्रों से गन्दे पानी की निकासी व्यवस्था के बारे में भी बैठक में चर्चा की गयी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खारून नदी के किनारे महादेव घाट आम जनता की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। इसलिए वहां नदी को साफ-सुथरा रखना बहुत जरूरी है। कार्य योजना बनाकर खारून से सिल्ट निकालना अनिवार्य हो गया है। नदी पर निर्मित एनीकट की भी सफाई होनी चाहिए। बैठक में बूढ़ा तालाब के किनारों की सफाई और उसके सौन्दर्यीकरण की कार्य योजना पर भी चर्चा की गयी। नगरीय प्रशासन मंत्री श्री राजेश मूणत ने कहा कि शहर के तालाबों के रख-रखाव और नालियों की सफाई आदि के लिए नगर निगम को काफी धनराशि राज्य शासन की ओर से आवंटित की जा चुकी है। निगम के अधिकारियों को कार्य योजना के अनुरूप इसके लिए सभी निर्माण कार्यो में और अधिक तेजी लाने की जरूरत है। लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल और लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को बरसात आने से पहले दुरूस्त कर लेने की जरूरत पर विशेष रूप से बल दिया।

