नया रायपुर विकास परियोजना को आज मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार
छत्तीसगढ़ : विकास के मुकुट पर एक और मोर पंख
मुख्यमंत्री ने दी अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों को बधाई
रायपुर, 24 अप्रैल 2011
विकास का एक दशक पूर्ण कर नये दशक में प्रवेश कर चुके छत्तीसगढ़ के विकास के मुकुट पर एक और मोर पंख लगने जा रहा है। प्रदेश सरकार की नया रायपुर विकास परियोजना को भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम शहरी आवास विकास निगम (हुडको) द्वारा वर्ष 2010-11 में आवास एवं शहरी विकास के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। यह पुरस्कार नई दिल्ली में कल 25 तारीख को हुडको के स्थापना दिवस के अवसर पर होने वाले 41वें वार्षिक समारोह में केन्द्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन विभाग की राज्य मंत्री सुश्री सैलजा के हाथों दिया जाएगा।
यह जानकारी केन्द्रीय आवास शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय के अपर सचिव और हुडको अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. पीके मोहंती ने छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव और नया रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री पी जॉय उम्मेन को भेजे गए पत्र में दी है। उन्होंने श्री उम्मेन को स्टेन ऑडोटोरियम, इंडिया हेबीटेट सेंटर में 25 अप्रैल को सवेरे 11 बजे आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण समारोह में आमंत्रित किया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और आवास, पर्यावरण एवं नगरीय विकास मंत्री श्री राजेश मूणत ने राज्य को मिली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए नया रायपुर विकास प्राधिकरण के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और नया रायपुर के निर्माण में लगे हजारों मेहनतकश श्रमिकों को बधाई दी है।
नया रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री के मार्ग दर्शन में राज्य शासन की लोककल्याणकारी नीतियों के अनुरुप नया रायपुर का क्षेत्र में पर्यावरण हितैषी विकास के साथ कई योजनाएं तैयार की गई हैं और उन पर तेजी से अमल किया जा रहा है। परियोजना क्षेत्र में 41 गांव शामिल हैं। इसके साथ ही वहां प्रभावित गांवों को बिना विस्थापित किये उन्हें राजधानी के विकास की बराबरी में लाने का प्रयास करते हुए उनके लिए ग्रामीण अधोसंरचनाओं का भी विकास किया जा रहा है। इन गांवों के बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण दिलवाकर नया रायपुर क्षेत्र चल रहे विभिन्न निर्माण कार्याें से जोड़ा गया हैं, जिससे उन्हें रोजगार मिल रहा है। केवल एक गांव राखी के व्यवस्थान के लिए नजदीक ही 'नया राखी' का निर्माण छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के माध्यम से किया जा रहा है। इसमें प्रथम चरण में 150 मकान तैयार हो गए है और उनमें से अधिकांश का हस्तांतरण्ा संबंधित परिवारों को किया जा चुका है। दूसरे चरण में 163 मकान बन रहे हैं। इनमें से 60 प्रतिशत का निर्माण कर लिया गया है। नया रायपुर के कोर एरिया के गांवों के समन्वित विकास के लिए ग्राम विकास योजना तैयार की गई है, जिसमें ग्रामीणों को शहरी स्तर की हर बुनियादी सुविधा दी जाएगी। उनके लिए रोजगार मूलक कार्यक्रम भी तैयार किए जा रहे है। परियोजना में शामिल गांवों में अधोसंरचना निर्माण के लिए ग्राम विकास कार्य योजना के तहत इस वर्ष जनवरी 2011 तक लगभग 15 करोड़ रूपए मंजूर किए गए। इस राशि से अब तक 34 से अधिक कार्य पूर्ण कर लिए गए है। इन गांवों में जनपद पंचायत, गृह निर्माण मण्डल और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा आदि एजेसियों के जरिए शाला भवनों में अहाता निर्माण,नाली सहित गली सीमेंट कांक्रीटीकरण, सुलभ शौचालय, तालाब सौन्दर्यीकरण आदि के कार्य लिए गए हैं। हुडको द्वारा इसे छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के रूप में सराहा गया है। नया रायपुर क्षेत्र में पर्यावरण विकास के लिए विभिन्न प्रजातियों के ढाई लाख पौधे लगाए जा चुके हैं और वहां एक तिहाई क्षेत्र को हरा-भरा रखने के लिए भी कदम उठाये जा रहे हैं, जो अनुकरणीय प्रयास है। इसके साथ ही वहां जलाशयों के संर्वधन संरक्षण और विकास के लिए भी कार्य योजना बनाकर उस पर अमल किया जा रहा है। वनस्पति उद्यान जंगल सफारी और एम्यूजमेंट पार्क बनवाया जा रहा हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के लगातार मार्ग दर्शन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत के निरंतर पर्यवेक्षण में नया रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बीएसयूपी योजना के तहत वहां गरीबों के लिए 888 मकान बनवाए जा रहे हैं और सभी सेक्टरों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए तथा मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए सस्ते निर्माणों कर लगभग 40 प्रतिशत आबादी के प्रति अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वाह किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि नया रायपुर में उच्च गुणवत्ता की सड़कों की निर्माण के साथ-साथ भूमिगत जल प्रदाय और जल निकासी योजना तथा भूमिगत विद्युतीकरण और केबल नेटवर्किंग सहित हर प्रकार की नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को हरित परिवहन के रूप में विकसित करने के लिए बीआरटीएस परियोजना तैयार की गई है, जिसे केन्द्र सरकार और विश्व बैंक के सहयोग से पूण्र्ा करने के लिए तेजी से प्रयास किया जा रहा है। इसमें सायकल सवारों और पैदल चलने वालों के लिए अलग पाथ-वे और पृथक लेन में बसों का संचालन किया जाना प्रस्तावित है। नया रायपुर परियोजना क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा प्रणाली भी अपनाई जाएगी। इसके अंतर्गत वहां सोलर पॉवर प्लांट लगाये जा रहे हैं। केपीटल काम्पलेक्स के नजदीक सरकारी, अर्धसरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्व-वित्त पोषित योजना के तहत गृह निर्माण मण्डल के माध्यम से 801 स्वतंत्र भवन और 1832 प्रकोष्ठ भवन भी बनवाए जा रहे है।

