अनुकम्पा नियुक्ति से हुआ बेटियों की पढ़ाई का बेहतर इंतजाम
प्रदेश के 138 परिवारों को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी ने दिया सहारा
रायपुर 14 मार्च 2010
राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय नगर निवासी श्रीमती मीना सूर्यवंशी अब अपनी चारों बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाकर उनके भविष्य का निर्माण कर सकेंगी। श्रीमती के पति श्री पुनीत राम सूर्यवंशी प्रदेश सरकार के उपक्रम छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी के कर्मचारी के रूप में संचारण-संधारण संभाग राजनांदगांव में पदस्थ थे। उनकी अचानक मृत्यु के बाद श्रीमती मीना सूर्यवंशी के सामने अपने परिवार, विशेष रूप से बेटियों के भविष्य को लेकर गहरी चिन्ता का पहाड़ खड़ा हो गया था। ऐसे संकट के समय में कम्पनी ने मदद के लिए अनुकम्पा नियुक्ति का हाथ बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल यहां कम्पनी की ओर से उनको नियुक्ति पत्र सौंपा। श्रीमती सूर्यवंशी को कम्पनी में भृत्य के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। श्रीमती सूर्यवंशी ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी बी.कॉम अंतिम वर्ष में अध्ययनरत है, दूसरी बेटी फिजियोथेरेपी अंतिम वर्ष की छात्रा है। तीसरी बेटी इंजिनियरिंग की तैयारी कर रही है और चौथी बेटी कक्षा दसवीं की परीक्षा दे रही है। अनुकम्पा नियुक्ति से उनके परिवार के पालन-पोषण एवं बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की राह आसान हो गयी है। उनकी तरह 138 परिवारों की राहें भी आसान हो चली है, जिनके मुखिया विद्युत कम्पनी में सेवा करते हुए अलग-अलग कारणों से दिवंगत हो चुके हैं। इन परिवारों के पात्रता रखने वाले सदस्यों को मुख्यमंत्री के हाथों विद्युत कम्पनी में ही कल यहां अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी।
इनमें श्रीमती परवीन सुल्ताना भी शामिल हैं, जिनके गृहस्थ जीवन में भी उस समय अंधेरा छा गया था, जब लगभग डेढ़ साल पहले उनके पति की अचानक मृत्यु हो गयी। बच्चों की शिक्षा भी अधूरी रह जाने की आशंका घिर आयी। ऐसे संकट के क्षणों में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी ने इस परिवार की मदद के लिए पहल करते हुए श्रीमती परवीन सुल्ताना को सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति देने का निर्णय लिया। उन्हें भी मुख्यमंत्री के हाथों अनुकम्पा नियुक्ति पत्र मिला। श्रीमती परवीन सुल्ताना श्रीमती परवीन के पति श्री शेख अब्दुल रशीद छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल (एस.टी.आर.ई.) संभाग जगदलपुर में कार्यरत थे। विगत 20 अगस्त 2008 को उनका निधन हो गया। ऐसे में उनके दो बच्चों के पालन-पोषण की समस्या आ खड़ी हो गयी, अब उन्हें उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कार्यालय सहायक श्रेणी तीन के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। उन्होंने बताया कि उनकी एक बेटी कक्षा 10 वीं की परीक्षा दे रही है और पुत्र नवमीं में अध्ययनरत है। अनुकम्पा नियुक्ति से उनके परिवार को बहुत बडी मदद मिली है। अब वे अपने दोनों बच्चों को ठीक से पढ़ा लिखा सकेंगी एवं अपने सास-ससुर का भी बेहतर ध्यान रख सकेगी। श्रीमती परवीन सुल्ताना बताती है। परिवार के कमाने वाले मुखिया की कमी तो हमेशा खलेगी, लेकिन अब अनुकम्पा नियुक्ति से बच्चों को पढ़ा लिखाकर उनके सपनों को साकार करने में मदद मिलेगी।
विद्युत कम्पनी में अनुकम्पा नियुक्ति मिलने पर बिलासपुर निवासी मनोज कुमार यादव की राह भी आसान हो गयी है। उनके पिता श्री लक्ष्मण प्रसाद यादव का 11 जनवरी 2009 को निधन हो गया था, उनके 06 सदस्यीय परिवार में मां एवं भाई बहन मिलाकर परिवार का गुजर बसर करना मुश्किल था। मनोज यादव को अपने दिवंगत पिता के बदले शहर संभाग एक बिलासपुर में परिचारक श्रेणी तीन (लाइन) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम करहीडीह पो. बलौदा निवासी श्रीमती सविता खाण्डे के पति कोरबा पूर्व में कार्यरत थे। श्रीमती खाण्डे को कार्यालय सहायक श्रेणी तीन की नियुक्ति प्रदान की गयी है, उनके दो बच्चे एक कक्षा नवमीं एवं एक कक्षा आठवीं में अध्ययनरत है। अनुकम्पा नियुक्ति मिलने से सास-ससुर की बेहतर सेवा एवं बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में अब समस्या नहीं आएगी।
कुमारी लता साहू स्नातक है उनके पिता श्री कलाराम साहू संयंत्र सहायक श्रेणी एक के पद पर (कोरबा पूर्व) में कार्यरत थे। उन्हें भी विद्युत कम्पनी में कार्यालय सहायक श्रेणी तीन के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। कुमारी लता अपनी माता जी के साथ कोरबा में रहती है। अनुकम्पा नियुक्ति मिलने से जीने की राह आसान हो गयी। जांजगीर-चाम्पा जिले के बाराद्वार निवासी गजेन्द्र यादव के पिता श्री मोहन सिंह यादव संचारण-संधारण संभाग सक्ती में कार्यरत थे। गजेन्द्र यादव की परिचारक श्रेणी तीन (लाइन) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। बारहवीं पास गजेन्द्र अपनी मां एवं दो बहनों के साथ रहता है, एक बहन बी.ए. द्वितीय वर्ष एवं एक बहन कक्षा दसवीं की परीक्षा दे रही है। अनुकम्पा नियुक्ति से उनके परिवार का गुजर-बसर बेहतर ढंग से हो सकेगा। रायपुर जिले के भाटापारा निवासी विशाल राव दोनोडे के पिता श्री गोवर्धन राव के संधारण संभाग भाटापारा में कार्यरत थे। श्री विशाल राव को परिचारक श्रेणी तीन (लाइन) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। वे भी अब अपने परिवार का भरण-पोषण बेहतर ढंग से कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल यहां अपने निवास पर आयोजित कार्यक्रम में इस प्रकार के 138 जरूरतमंद परिवारों को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी में विभिन्न पदों के लिए अनुकम्पा नियुक्ति पत्रों का वितरण किया, जिनके मुखिया इस कम्पनी में काम कर रहे थे और अपने सेवाकाल में विभिन्न कारणों से उनकी मृत्यु हो गयी थी। इन्हें मिलाकर विद्युत कम्पनी में राज्य स्थापना और विद्युत मंडल के गठन के बाद से अब तक लगभग साढ़े नौ वर्ष में एक हजार 259 लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति दी जा चुकी है।
इनमें श्रीमती परवीन सुल्ताना भी शामिल हैं, जिनके गृहस्थ जीवन में भी उस समय अंधेरा छा गया था, जब लगभग डेढ़ साल पहले उनके पति की अचानक मृत्यु हो गयी। बच्चों की शिक्षा भी अधूरी रह जाने की आशंका घिर आयी। ऐसे संकट के क्षणों में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी ने इस परिवार की मदद के लिए पहल करते हुए श्रीमती परवीन सुल्ताना को सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति देने का निर्णय लिया। उन्हें भी मुख्यमंत्री के हाथों अनुकम्पा नियुक्ति पत्र मिला। श्रीमती परवीन सुल्ताना श्रीमती परवीन के पति श्री शेख अब्दुल रशीद छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल (एस.टी.आर.ई.) संभाग जगदलपुर में कार्यरत थे। विगत 20 अगस्त 2008 को उनका निधन हो गया। ऐसे में उनके दो बच्चों के पालन-पोषण की समस्या आ खड़ी हो गयी, अब उन्हें उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कार्यालय सहायक श्रेणी तीन के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। उन्होंने बताया कि उनकी एक बेटी कक्षा 10 वीं की परीक्षा दे रही है और पुत्र नवमीं में अध्ययनरत है। अनुकम्पा नियुक्ति से उनके परिवार को बहुत बडी मदद मिली है। अब वे अपने दोनों बच्चों को ठीक से पढ़ा लिखा सकेंगी एवं अपने सास-ससुर का भी बेहतर ध्यान रख सकेगी। श्रीमती परवीन सुल्ताना बताती है। परिवार के कमाने वाले मुखिया की कमी तो हमेशा खलेगी, लेकिन अब अनुकम्पा नियुक्ति से बच्चों को पढ़ा लिखाकर उनके सपनों को साकार करने में मदद मिलेगी।
विद्युत कम्पनी में अनुकम्पा नियुक्ति मिलने पर बिलासपुर निवासी मनोज कुमार यादव की राह भी आसान हो गयी है। उनके पिता श्री लक्ष्मण प्रसाद यादव का 11 जनवरी 2009 को निधन हो गया था, उनके 06 सदस्यीय परिवार में मां एवं भाई बहन मिलाकर परिवार का गुजर बसर करना मुश्किल था। मनोज यादव को अपने दिवंगत पिता के बदले शहर संभाग एक बिलासपुर में परिचारक श्रेणी तीन (लाइन) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम करहीडीह पो. बलौदा निवासी श्रीमती सविता खाण्डे के पति कोरबा पूर्व में कार्यरत थे। श्रीमती खाण्डे को कार्यालय सहायक श्रेणी तीन की नियुक्ति प्रदान की गयी है, उनके दो बच्चे एक कक्षा नवमीं एवं एक कक्षा आठवीं में अध्ययनरत है। अनुकम्पा नियुक्ति मिलने से सास-ससुर की बेहतर सेवा एवं बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में अब समस्या नहीं आएगी।
कुमारी लता साहू स्नातक है उनके पिता श्री कलाराम साहू संयंत्र सहायक श्रेणी एक के पद पर (कोरबा पूर्व) में कार्यरत थे। उन्हें भी विद्युत कम्पनी में कार्यालय सहायक श्रेणी तीन के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। कुमारी लता अपनी माता जी के साथ कोरबा में रहती है। अनुकम्पा नियुक्ति मिलने से जीने की राह आसान हो गयी। जांजगीर-चाम्पा जिले के बाराद्वार निवासी गजेन्द्र यादव के पिता श्री मोहन सिंह यादव संचारण-संधारण संभाग सक्ती में कार्यरत थे। गजेन्द्र यादव की परिचारक श्रेणी तीन (लाइन) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। बारहवीं पास गजेन्द्र अपनी मां एवं दो बहनों के साथ रहता है, एक बहन बी.ए. द्वितीय वर्ष एवं एक बहन कक्षा दसवीं की परीक्षा दे रही है। अनुकम्पा नियुक्ति से उनके परिवार का गुजर-बसर बेहतर ढंग से हो सकेगा। रायपुर जिले के भाटापारा निवासी विशाल राव दोनोडे के पिता श्री गोवर्धन राव के संधारण संभाग भाटापारा में कार्यरत थे। श्री विशाल राव को परिचारक श्रेणी तीन (लाइन) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। वे भी अब अपने परिवार का भरण-पोषण बेहतर ढंग से कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल यहां अपने निवास पर आयोजित कार्यक्रम में इस प्रकार के 138 जरूरतमंद परिवारों को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी में विभिन्न पदों के लिए अनुकम्पा नियुक्ति पत्रों का वितरण किया, जिनके मुखिया इस कम्पनी में काम कर रहे थे और अपने सेवाकाल में विभिन्न कारणों से उनकी मृत्यु हो गयी थी। इन्हें मिलाकर विद्युत कम्पनी में राज्य स्थापना और विद्युत मंडल के गठन के बाद से अब तक लगभग साढ़े नौ वर्ष में एक हजार 259 लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति दी जा चुकी है।
क्रमांक-4390/लोन्हारे

