कबीर की वाणी आज भी सर्वत्र गुंजायमान है- डॉ.रमन सिंह
कबीर महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
कबीर आश्रम बोहारा-सनौंद में संत-समागम
हॉल निर्माण हेतु10 लाख रूपये की घोषणा
रायपुर 11 जनवरी 11
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सदगुरू कबीर की अद्भूत वाणी आज भी सर्वत्र गुंजायमान है। उन्होंने कहा कि आज से सात सौ वर्ष पहले हिन्दुस्तान की धरा में संत कबीर अवतरित हुए थे। तब मानव समाज विभिन्न आडम्बरों से ग्रसित था। ऐसे समय में सदगुरू कबीर ने समाज के आडम्बरों को तोड़ने का बीड़ा उठाया। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह आज दुर्ग
जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम सनौंद में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रागंण में आयोजित सद्गुरू कबीर महोत्सव के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने की। कार्यक्रम में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री यशवंत जैन, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री वीरेन्द्र साहू उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ सिंह ने कबीर आश्रम बोहारा-सनौंद में संत समागम हॉल निर्माण के लिए 10 लाख रूपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने तीन दिवसीय कबीर महोत्सव के समापन बेला में उपस्थित विशाल जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि संत कबीर ने समाज को सद्भावना के मार्ग पर चलने का राह दिखाया। उन्होंने समाज में व्याप्त पाखण्ड और आडम्बर का विरोध किया। तत्कालीन समाज में संत कबीर अकेले ही इस रास्ते पर दृढ़ता से चले और आज लाखों-करोड़ों की तादाद में कबीर के अनुयायी उनके बताये मार्ग पर चल रहे हैं। आज भी कबीर का विचार देश और दुनियां में प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कबीर के बताये प्रेम व सदभाव के मार्ग पर चलकर ही हम विघटनकारी तत्वों पर विजय प्राप्त कर सकते हैं, जिससे प्रदेश और देश में शांति कायम होगी। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि संत-समागम् के आयोजन में संतों के सद्विचार गूंजने से लोगों के विचारों में पवित्रता आती है। मुख्यमंत्री ने लोगों का आव्हान किया कि वे संतों के आशीर्वाद और उनके सद्विचार का अनुश्रवण कर प्रदेश को उन्नत राज्य बनाने में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री ने मांगों का जिक्र करते हुए पंचायत प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास के लिए बेहतर ढंग से काम होंगे। इसके पहले मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने संत कबीर के तैल चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कबीरपंथ के संतों को भी पुष्पहार पहनाकार उनका स्वागत किया।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ का जनसंस्कार कबीर की वाणी से अनुप्राणित होता है। उनके विचार कालजयी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को ऋषि और कृषि संस्कृति से पहचाना जाता है। प्रदेश में शांति और सद्भाव कायम रखने के लिए कबीर की वाणी को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में संत श्री धर्म स्वरूप साहेब ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर संत-समागम् में पधारे उत्तरप्रदेश और बिहार के कबीर पंथी संत श्री प्रतीक्षा साहेब, संत श्री उदार साहेब, संत श्री सुधाकर साहेब सहित पूर्व विधायक श्री प्रीतम साहू, श्री दयाराम साहू, श्री कृपाराम साहू, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कबीर के अनुयायी उपस्थित थे।

