निराश्रित पेंशन अब सीधे ग्राम पंचायतों से मिलेगी : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए
रायपुर, 04 मई 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत विभिन्न पेंशन योजनाओं के निराश्रित और नि:शक्त हितग्राहियों की सुविधा के लिए उनकी मासिक पेंशन बैंकों और डाकघरों के बजाय अब सीधे ग्राम पंचायतों से वितरित कराने का निर्णय लिया है। उन्होंनें अधिकारियों को अगले माह से ऐसी व्यवस्था करने के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राष्ट्रीय वृध्दावस्था पेंशन सहित अन्य पेंशन योजनाओं में राशि प्राप्त करने के लिए असहाय और कमजोर बुजुर्गों को बैंकों और डाकघरों के काफी चक्कर लगाने पड़ते हैं। बैंक और डाकघरों की शाखाएं उनके गांवों से अक्सर काफी दूर होती हैं। ऐसे में उन्हें व्यर्थ परेशान होना पड़ता है। पिछले माह आयोजित दस दिवसीय ग्राम सुराज अभियान में मुझे, हमारे प्रभारी मंत्रियों, प्रभारी सचिवों और सुराज दलों को भी उनकी इस समस्या के बारे में कई स्थानों पर लोगों से जानकारी मिली। स्वयं इन योजनाओं के हितग्राहियों ने भी अपनी इस कठिनाई के बारे में बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी दिक्कतों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है कि अब अगले माह से इन हितग्राहियों की पेंशन राशि राज्य शासन द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव के संयुक्त बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी। दोनों अपने संयुक्त हस्ताक्षर से राशि आहरित कर ग्राम पंचायत में पंचों और आम जनता के सामने संबंधित हितग्राहियों को पेंशन वितरित करेंगे। ऐसी ही व्यवस्था नगरीय निकायों में भी की जाएगी। डॉ. रमन सिंह ने मुख्य सचिव को इस संबंध में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने ग्राम सुराज अभियान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरी भुगतान के प्रकरण काफी संख्या में मिलने पर चिन्ता प्रकट करते हुए कहा है कि वे इस बारे में प्रधानमंत्री और केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री को पत्र लिखकर भुगतान प्रक्रिया के सरलीकरण का आग्रह करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केन्द्र सरकार की है, जिसमें श्रमिकों की मजदूरी भुगतान बैंकों अथवा डाकघरों से कराने का अनिवार्य प्रावधान है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस योजना का सिध्दांत है कि मजदूर को उसका पसीना सूखने से पहले ही मजदूरी मिल जाए। चूंकि छत्तीसगढ़ जैसे अनेक राज्यों में छोटे गांवों में बैंक शाखाओं और डाकघरों में अधिक राशि रखने की सुविधा और गुंजाइश नहीं रहती। जहां ऐसी व्यवस्था है वहां तक मजदूरों को भुगतान प्राप्त करने के लिए काफी दूर आना-जाना पड़ता है और इसमें काफी विलम्ब भी हो जाता है। इसलिए ऐसी सरल व्यवस्था करने की जरूरत है, जिससे उन्हें अपने कार्य स्थल के आस-पास मजदूरी भी तत्काल मिल जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ग्राम सुराज में प्राप्त पेंशन और मजदूरी के बारे में प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को ऐसे मामलों का निराकरण करने के लिए संबंधित गांवों में अलग से विशेष शिविर लगाने के भी निर्देश दिए हैं।

