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छत्तीसगढ़ के वित्तीय प्रबंधन की प्रशंसा : भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात

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When May 05, 2011
from 12:00 PM to 12:00 PM
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पंचायतों, नगरीय निकायों और विधायकों के लिए भी वित्तीय लेखा प्रशिक्षण का सुझाव दिया मुख्यमंत्री ने

     रायपुर, 05 मई 2011

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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक श्री विनोद राय ने छत्तीसगढ़ सरकार के वित्तीय प्रबंधन की प्रशंसा की है। उन्होंने आज सवेरे यहां मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाकात के दौरान कहा कि आपके यहां की वित्तीय संस्थाएं अच्छा काम कर रही हैं। राज्य शासन द्वारा सभी कोषालयों का कम्प्यूटरीकरण और उन्हें ऑन लाईन किया जाना तथा लाखों किसानों से धान खरीदी की ऑन लाईन व्यवस्था वास्तव में बहुत सराहनीय और उल्लेखनीय है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एन. बैजेन्द्र कुमार, वित्त एवं योजना विभाग के सचिव श्री आर.एस. विश्वकर्मा, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अमन कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ के महालेखाकार श्री मांझी सहित महालेखाकार दफ्तर के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे
    श्री राय ने मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश की पंचायतराज संस्थाओं सहित निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण की योजना के बारे में विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने श्री राय को पंचायतों और नगरीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों सहित विधायकों के लिए भी वित्तीय प्रशिक्षण का सुझाव दिया। डॉ. सिंह ने कहा कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए इन योजनाओं के बजट आवंटन और व्यय आदि के बारे में उन्हें वित्तीय नियमों और प्रक्रियाओं की पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए। श्री राय ने मुख्यमंत्री के विचारों से सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय द्वारा संसद की लोक-लेखा समितियों की तरह राज्यों में विधानसभाओं की लोक-लेखा समितियों को भी वित्तीय प्रबंधन और लेखा संबंधी प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव है।585-2-050511
    मुख्यमंत्री ने इस मौके पर श्री विनोद राय को बताया कि प्रदेश सरकार लाखों किसानों से हर साल लाखों मीटरिक टन धान की खरीदी कर रही है। इस वर्ष हमने 51 लाख मीटरिक टन धान खरीद कर किसानो को पांच हजार 600 करोड़ रूपए का भुगतान किया है। इस भुगतान को लेकर कोई शिकायत नहीं है, क्योंकि सारी व्यवस्था पारदर्शी और ऑन लाईन है। इसी तरह दस हजार से अधिक राशन दुकानों के जरिए राज्य शासन द्वारा हर महीने 34 लाख गरीब परिवारों को और लगभग बीस लाख ए.पी.एल. परिवारों को किफायती राशन का वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से चर्चा के दौरान पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों सहित उनके निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए भी लेखा प्रशिक्षण की जरूरत पर बल दिया।
    डॉ. रमन सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष योजना और कुछ अन्य योजनाओं के तहत ग्रामीणों क्षेत्रों में पंचायतों को हर साल करोड़ों रूपए का आवंटन दिया जा रहा है। इस राशि का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए पंच-सरपंच और पंचायत सचिव सहित जनपद और जिला पंचायत स्तर के निर्वाचित पदाधिकारियों को भी वित्तीय प्रशिक्षण मिलना चाहिए, ताकि वहां हिसाब-किताब का रिकार्ड ठीक-ठाक रखा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायतों और नगरीय निकायों सहित सभी निर्माण विभागों को समस्त निर्माण कार्यों के प्राक्कलन हिन्दी में तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि  हमारे निर्वाचित जनप्रतिनिधि और आम नागरिक भी प्रत्येक प्राक्कलन को ठीक-ठीक समझ सकें। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि शासन तंत्र में काम कर रहे प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी तथा प्रत्येक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को वित्तीय नियमों का पर्याप्त ज्ञान होना जरूरी है, जो उनकेर् कत्तव्य निर्वहन में भी सहायक होगा।  भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने मुख्यमंत्री के सुझावों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे प्रत्येक जिले के कम से कम तीन-चार लोगों को रायपुर स्थित महालेखाकार कार्यालय में आमंत्रित कर उन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित करने की योजना बना रहे हैं। ये मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों में जाकर जिला और विकासखंड स्तर पर लोगों को प्रशिक्षित करेंगे।
    श्री राय ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि महालेखाकार कार्यालय ने केन्द्र और राज्यों के सभी सरकारी कार्यालयों से यह आग्रह किया है कि वे अपने यहां के प्रथम श्रेणी से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक रिटायर होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट के दिन सामान्य भविष्य निधि का चेक सौंप दें, ताकि रिटायर होकर कार्यालय से बाहर जाने के बाद उन्हें अपने जी.पी.एफ. की राशि के लिए चक्कर न लगाना पड़े। श्री राय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने कोषालयों का कम्प्यूटरीकरण करते हुए उन्हें ऑन लाईन कर एक अच्छी व्यवस्था की है। रायपुर स्थित महालेखाकार कार्यालय में भी कम्प्यूटरीकरण तेजी से किया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राष्ट्रीय वृध्दावस्था पेंशन सहित सामाजिक सहायता कार्यक्रम की सभी पेंशन योजनाओं के तहत पेंशन राशि का वितरण सीधे ग्राम पंचायतों के माध्यम से करने का आदेश जारी कर किया है। इससे अब इन योजनाओं के बुजुर्ग और वयोवृध्द हितग्राहियों को पेंशन लेने के लिए बैंकों और डाक घरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जो उनके घर और गांव से काफी दूर-दूर होते हैं। डॉ. रमन सिंह ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से कहा कि ऐसी ही व्यवस्था महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में भी होनी चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार केन्द्र से पत्र व्यवहार कर रही है। ज्ञातव्य है कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक श्री विनोद राय महालेखाकार छत्तीसगढ़ के कार्यालय भवन के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर आए थे।

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