छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अध्ययन के लिए पहुंचा राजस्थान सरकार का दल
मुख्यमंत्री से अध्ययन दल ने मुलाकात की
रायपुर, 05 मई 2011
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज यहां उनके निवास पर राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव श्री जे.सी. महान्ति के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों के एक दल ने सौजन्य मुलाकात कर उनके साथ छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया। राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों का यह दल छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण
प्रणाली के अध्ययन के लिए कल से प्रदेश के प्रवास पर है। उत्तरांचल, गुजरात, उड़ीसा, झारखण्ड और महाराष्ट्र के बाद अब राजस्थान सरकार ने भी छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के मॉडल को अपनाने की मंशा जताई है। मुलाकात के दौरान श्री महान्ति ने मुख्यमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बेहतर संचालन ने राजस्थान सरकार को भी काफी प्रभावित किया है।
मुख्यमंत्री ने उन्हें छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की कम्प्यूटरीकरण प्रक्रिया की जानकारी दी। श्री महान्ति ने मुख्यमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और धान खरीदी व्यवस्था के बारे में दिए गए प्रस्तुतिकरण ने उनके दल को प्रभावित किया है। कल वे उचित मूल्य की दुकानों का भ्रमण करेंगे। मुख्यमंत्री ने श्री महान्ति को बताया कि छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से 34 लाख गरीब परिवारों को एक रूपये और दो रूपये किलो में 35 किलो अनाज हर माह दिया जा रहा है। इसके साथ-साथ इन परिवारों दो किलो आयोडीन युक्त नमक भी नि:शुल्क प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी वास्तविक लड़ाई कुपोषण के खिलाफ है, इस लड़ाई में गरीबों तक अनाज पहुंचाने में सार्वजनिक वितरण प्रणाली भी आंगनबाड़ियों और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने श्री महान्ति को बताया कि वर्ष 2004 में उचित मूल्य की दुकानों का संचालन निजी हाथों से वापस लेकर सहकारी समितियों के हाथों में सौंप दिया गया है। अब राज्य की सभी राशन की दुकानें सहकारी समितियों, ग्राम पंचायतों, महिला स्वसहायता समूहों और वन प्रबंध समितियों द्वारा संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि खाद्य विभाग की पूरी प्रक्रिया का आन लाइन कम्प्यूटीकरण किया गया है। कोई भी नागरिक विभाग की वेबसाइट में पंजीयन कराकर एस.एम.एस. के माध्यम से उचित मूल्य की दुकानों में राशन एवं अन्य सामग्रियों का परिवहन, भंडारण आदि की जानकारी प्राप्त कर सकता है और शिकायत होने पर कॉल सेन्टर में फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य दुकानों में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए सप्ताहिक हाट बाजारों में तथा उचित मूल्य की दुकानों पर प्रत्येक माह की सात तारीख को स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में चावल उत्सव का आयोजन किया जाता है। आयोजन के समय प्रशासन द्वारा नामांकित नोडल अधिकारी उपस्थित रहते है, जिनके सामने चावल, गेहूं, शक्कर, मिट्टी तेल आदि का वितरण किया जाता है। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि हर माह उचित मूल्य की दुकान तक राशन सामग्री पहुंचाकर देने की व्यवस्था की गयी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एन. बैजेन्द्र कुमार, खाद्य विभाग के उप सचिव श्री दिलीप वासनीकर, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक श्री कौशलेन्द्र सिंह, राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री संजय मल्होत्रा और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम, राजस्थान की महाप्रबंधक सुश्री निवेदिता मेहरू सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

