सभ्यता और संस्कारों की ताकत से ही कायम है देश की एकता : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री शामिल हुए नर्मदा सामाजिक कुंभ में
रायपुर, 12 फरवरी 2011
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मां नर्मदा सामाजिक कुंभ की प्रशंसा करते हुए कहा है कि अपनी सभ्यता, अपने संस्कार और अपनी संस्कृति की ताकत ने हिन्दुस्तान को सैकड़ों वर्षों से एक बनाए रखा है। आज अगर हमारे देश की गिनती दुनिया के गिने-चुने शक्तिशाली देशों में होने लगी है, तो इसके पीछे जनता के परिश्रम के साथ-साथ हमारे ऋषि-मुनियों और तपस्वियों के ज्ञान और हमारे देवी-देवताओं के आशीर्वाद की भी ताकत है।
डॉ. रमन सिंह ने आज पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के मंडला में नर्मदा के पावन तट पर आयोजित सामाजिक कुंभ में विशाल जन समुदाय को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देश और समाज की खुशहाली के लिए जनता के कठोर परिश्रम के साथ-साथ देवी-देवताओं और साधु संतों का भी आशीर्वाद बहुत जरूरी है। उन्होंने सामाजिक कुंभ को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया। डॉ. सिंह ने नर्मदा सामाजिक कुंभ में आए सभी भक्तजनों को छत्तीसगढ़ के राजिम में महानदी, पैरी और सोन्ढूर नदियों के पवित्र संगम पर हर साल माघ पूर्णिमा से आयोजित होने वाले मेले 'राजिम कुंभ' का भी न्यौता दिया। डॉ. सिंह ने कहा कि पुराणों में राजिम तीर्थ की महिमा का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता का द्वीप कहा जाता है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुझे खुशी है कि सन 2006 में डांग जिले में हुए शबरी कुंभ की सफलता से प्रोत्साहित होकर इस दूसरे सामाजिक कुंभ के लिए मध्यप्रदेश के मंडला का चयन किया गया। प्रत्येक चार वर्ष में ऐसे सामाजिक कुंभ के आयोजन का विचार निश्चित रूप से भारत की राष्ट्रीय और सामाजिक एकता सहित लोक कल्याण की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हम सबको आज गरीबों और वंचितों के साथ खड़े होने की जरूरत है। ऐसा करके ही हम अपनी उदारता का विस्तार करते हुए सामाजिक एकता को मजबूत बना सकते हैं। डॉ. रमन सिंह ने इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा 34 लाख से अधिक गरीब परिवारों को सिर्फ एक रूपए और दो रूपए किलो में हर महीने दिए जा रहे 35 किलो अनाज और नि:शुल्क दो किलो नमक वितरण की योजना का भी उल्लेख किया। इस मौके पर मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री श्री अजय विश्नोई सहित दोनों राज्यों के अनेक जनप्रतिनिधि और लाखों की संख्या में भक्तजन उपस्थित थे।
डॉ. रमन सिंह ने आज पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के मंडला में नर्मदा के पावन तट पर आयोजित सामाजिक कुंभ में विशाल जन समुदाय को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देश और समाज की खुशहाली के लिए जनता के कठोर परिश्रम के साथ-साथ देवी-देवताओं और साधु संतों का भी आशीर्वाद बहुत जरूरी है। उन्होंने सामाजिक कुंभ को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया। डॉ. सिंह ने नर्मदा सामाजिक कुंभ में आए सभी भक्तजनों को छत्तीसगढ़ के राजिम में महानदी, पैरी और सोन्ढूर नदियों के पवित्र संगम पर हर साल माघ पूर्णिमा से आयोजित होने वाले मेले 'राजिम कुंभ' का भी न्यौता दिया। डॉ. सिंह ने कहा कि पुराणों में राजिम तीर्थ की महिमा का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता का द्वीप कहा जाता है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुझे खुशी है कि सन 2006 में डांग जिले में हुए शबरी कुंभ की सफलता से प्रोत्साहित होकर इस दूसरे सामाजिक कुंभ के लिए मध्यप्रदेश के मंडला का चयन किया गया। प्रत्येक चार वर्ष में ऐसे सामाजिक कुंभ के आयोजन का विचार निश्चित रूप से भारत की राष्ट्रीय और सामाजिक एकता सहित लोक कल्याण की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हम सबको आज गरीबों और वंचितों के साथ खड़े होने की जरूरत है। ऐसा करके ही हम अपनी उदारता का विस्तार करते हुए सामाजिक एकता को मजबूत बना सकते हैं। डॉ. रमन सिंह ने इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा 34 लाख से अधिक गरीब परिवारों को सिर्फ एक रूपए और दो रूपए किलो में हर महीने दिए जा रहे 35 किलो अनाज और नि:शुल्क दो किलो नमक वितरण की योजना का भी उल्लेख किया। इस मौके पर मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री श्री अजय विश्नोई सहित दोनों राज्यों के अनेक जनप्रतिनिधि और लाखों की संख्या में भक्तजन उपस्थित थे।
क्रमांक-6215/स्वराज्य

