वनवासियों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने सरकार वचनबध्द : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री ने किया 'लक्ष्य' का भूमि पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में वन क्षेत्रों के दूर-दराज गांवों में बसे वनवासी परिवारों को भी विकास की मुख्य धारा से जोड़ने की जरूरत है ताकि उन्हें भी सामाजिक-आर्थिक विकास के अवसर समान रूप से प्राप्त हो सकें। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार वचनबध्द है। डॉ. सिंह ने आज भिलाई नगर के सेक्टर-4 स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय परिसर में अक्षय तृतीया के अवसर पर सामाजिक-सांस्कृतिक भवन 'लक्ष्य' का भूमि पूजन करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने 'लक्ष्य' भवन निर्माण के उददेष्यों की प्रशंसा करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त में आज एक अच्छी शुरूआत हो रही है।
उल्लेखनीय है कि यह भवन छत्तीसगढ़ राज्य वनवासी विकास समिति और दुर्ग-भिलाई के शिक्षाविदों, उद्योगपतियों और अन्य दानदाताओं के सहयोग से बनवाया जाएगा। लगभग 65 लाख रूपए की लागत से बनने वाले इस भवन में छात्रावास, पुस्तकालय, व्याख्यान कक्ष आदि की व्यवस्था रहेगी। इस भवन में वन क्षेत्रों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को विभिन्न अखिल भारतीय सेवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी राज्य में अनुसूचित जातियों, जनजातियों और समाज के कमजोर वर्गो के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए लगातार हर संभव प्रयास कर रही है। इन वर्गो के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं के उत्साहजनक नतीजे भी मिलने लगे हैं।
डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश की नक्सल समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद और आतंकवाद दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल हिंसा और आतंक का जवाब आम जनता की भलाई के लिए संचालित अपनी शांतिपूर्ण विकास योजनाओं के जरिए दे रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास की गति लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पिछड़ेपन का बेजा-फायदा उठाकर कुछ लोग वहां के सहज-सरल वनवासियों को देश और समाज तथा लोकतंत्र की मुख्य धारा से काटने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ अन्तर्राष्ट्रीय शक्तियां भारत की एकता और अखण्डता को नष्ट करने और हमारे महान लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसे लोगों के साथ है, जिनसे हमें सावधान रहने की जरूरत है। उनके नापक इरादों को जरा भी कामयाबी नहीं मिलेगी। नक्सल हिंसा का मुकाबला कर रहे हमारे सुरक्षा बलों का मनोबल बहुत ऊंचा है। उन्होंने वनवासी विकास समिति को राज्य में जनकल्याण के विभिन्न कार्यो के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। समारोह में संसदीय सचिव श्री विजय बघेल, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, पूर्व मंत्री श्री गणेशराम भगत, राज्य भण्डार गृह निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री लाभचंद बाफना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राज्य प्रमुख श्री बिसराराम यादव और शिक्षाविद श्री आई.पी. मिश्रा सहित बड़ी संख्या में प्रबुध्द नागरिक उपस्थित थे।
समिति के महामंत्री श्री गुणवंत सिंह कोठारी सहित श्री अरविन्द शाह और सुश्री पल्लवी टंडन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समिति के अध्यक्ष श्री गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया।

