मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों को दिए जिला स्तरीय समीक्षा बैठक लेने के निर्देश
चालू वर्ष के काम-काज की समीक्षा होगी और आगामी वर्ष की कार्य योजना की रूप-रेखा बनेगी बैठकों में
रायपुर 07 मार्च 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार जिलों का जल्द से जल्द दौरा करने और वहां प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली सभी प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. सिंह ने उनसे कहा है कि वे अधिकारियों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर अपने प्रभार जिलों में आगामी वर्ष की कार्य योजना की रूप-रेखा भी तैयार कराएं। डॉ. सिंह ने आज यहां मंत्रालय से प्रभारी मंत्रियों के नाम जारी अपने पत्र में विश्वास व्यक्त किया है कि इससे जिलों के विकास कार्यो में गति आएगी और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बनने वाली कार्य योजना को सही दिशा मिलेगी। डॉ. सिंह ने सभी जिलों के प्रभारी सचिवों को प्रभारी मंत्रियों से सम्पर्क कर जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों का आयोजन यथाषीघ्र सु निश्चित करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों को दिए जिला स्तरीय समीक्षा बैठक लेने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. रमन सिंह ने जिलों के प्रभारी मंत्रियों को सम्बोधित करते हुए पत्र में लिखा है कि चालू वित्तीय वर्ष 2010-11 समाप्त होने को है और आगामी वित्तीय वर्ष 2011-12 का बजट विधानसभा में प्रस्तुत हो चुका है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2010-11 में जिलों में बजट की प्रावधानित राशि के विरूध्द हुई उपलब्धियों की समीक्षा और आगामी वर्ष के लिए कार्य योजना तैयार करने का यह उपयुक्त समय है। डॉ. रमन सिंह ने आगे लिखा है कि हमें यह देखना चाहिए कि विगत वर्ष में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में हम कहा तक सफल हुए हैं या उनमें कोई कमी रही है। यदि कोई कमी रह गयी है तो आगामी वर्ष के लिए तैयार की जा रही कार्य योजना में उसका ध्यान रखते हुए ही कार्य योजना को अंतिम रूप दिया जाना चाहिए। अत: मैं चाहूंगा कि आप यथाशीघ्र अपने प्रभार जिले का भ्रमण कर शासन की प्रमुख (फ्लैगशिप) योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा करें और आगामी वर्ष की कार्य योजना की रूप-रेखा तैयार कराएं। समीक्षा बैठक में जिले के प्रभारी सचिव भी आपके साथ मौजूद रहें, तो अधिक उपयुक्त होगा।
डॉ. रमन सिंह ने प्रभारी मंत्रियों के नाम अपने इस पत्र में जिलों की प्रस्तावित बैठकों के लिए कार्य सूची हेतु कुछ मुख्य बिन्दु भी सुझाए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अन्तर्गत अनाज, शक्कर और केरोसीन की उपलब्धता, वितरण की स्थिति, धान खरीदी, उसके भण्डारण और कस्टम मिलिंग की स्थिति, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत स्वीकृत उचित मूल्य दुकानों के निरीक्षण की व्यवस्था और वितरित की जाने वाली सामग्री के संबंध में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की स्थिति, आगामी गर्मी के मौसम में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए बनायी गयी कार्य योजना और ग्रामीण क्षेत्रों में हैण्ड पम्पों के सुधार के लिए की गयी व्यवस्था, जिले में रोजगार उपलब्धता की स्थिति, विशेष रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत उपलब्ध राषि के उपयोग और मजदूरी भुगतान की स्थिति, स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत गर्मियों में उल्टी-दस्त, बुखार और लू आदि बीमारियों से निपटने के लिए बनायी गयी कार्य योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के क्रियान्वयन की स्थिति, महिला और बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की स्थिति, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के निर्माण कार्यो की गुणवत्ता और उनके समय-सीमा में क्रियान्वयन की स्थिति, लोक निर्माण विभाग के निर्माणाधीन भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों की प्रगति, पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि (बी.आर.जी.एफ.) और एल.डब्ल्यू.ई. के अन्तर्गत यदि कोई राशि जिले को मिली है, तो उसमें स्वीकृत कार्यो की स्थिति, वन विभाग द्वारा आगामी बरसात के मौसम में वृक्षारोपण के लिए तैयार की गयी कार्य योजना और उसके अन्तर्गत कराए जा रहे कार्यो की प्रगति, ग्राम सुराज अभियान के तहत जिले में पिछले वर्ष प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन और सर्व शिक्षा अभियान की उपलब्धियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों से कहा है कि वे अपने प्रभार जिलों की समीक्षा बैठक में जिले की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं की भी समीक्षा कर सकते हैं। डॉ. रमन सिंह ने पत्र में यह विष्वास व्यक्त किया है कि प्रभारी मंत्रियों द्वारा जिलों में की जाने वाली समीक्षा के फलस्वरूप विकास कार्यो के क्रियान्वयन में गति आएगी और प्रत्येक जिले में आगामी वर्ष की कार्य योजना को सही दिशा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र की प्रतिलिपि प्रभारी सचिवों को भेजकर उनसे कहा है कि वे अपने संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्रियों से सम्पर्क कर जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों का आयोजन यथाशीघ्र सुनिश्चित करें और इन बैठकों में सामने आने वाली वस्तु स्थिति के बारे में एक संक्षिप्त जानकारी उन्हें (मुख्यमंत्री) और मुख्य सचिव को भेजें। डॉ. रमन सिंह ने सभी जिला कलेक्टरों को भी निर्देश दिए है कि वे प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों से सम्पर्क कर समीक्षा बैठक आयोजित कराए और बैठक के लिए आवश्यक जानकारी तत्काल तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को भी उपलब्ध कराएं।

