महिलाओं और बच्चों की बेहतरी के लिये राज्य सरकार वचनबध्द - डॉ. रमन सिंह
कन्यादान योजना की राशि दोगुनी हुई
डेढ करोड़ की लागत से बना मंडी शेड लोकार्पित
महिला सम्मेलन में जुटी 25 हजार से अधिक महिलाएं
रायपुर 08 मार्च 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजनांदगांव के नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित विशाल महिला सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ की महिलाओं और बच्चों की बेहतरी के लिये बजट में अभूतपूर्व वृध्दि की गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में महिलाओं एवं बच्चों के विकास के लिये मात्र 177 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान हुआ करता था, जो वर्ष 2011-12 में बढ़कर 876 करोड़ रुपये हो गया है । मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत अब प्रदेश सरकार द्वारा निर्धन परिवार की कन्या के विवाह के लिये दी जाने वाली राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में दो गुना की वृध्दि की गई है। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 3500 रुपये और सहायिकाओं को 1750 रुपये मानदेय मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने इस मौके पर आदर्श नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में डेढ़ करोड़ की लागत से नवनिर्मित नीलामी चबूतरा शेड का भी लोकार्पण किया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित महिला सम्मेलन में 25 हजार से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। इस सम्मेलन में भाग लेने अन्य जिलों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं भी आई थीं। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर महिला सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता नगरीय प्रशासन मंत्री एवं राजनांदगांव जिले के प्रभारी श्री राजेश मूणत ने की। कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेंडी, सांसद श्री मधुसूदन यादव, बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री खूबचंद पारख, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, पाठय पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दिनेश गांधी, महापौर श्री नरेश डाकलिया, पूर्व विधायक श्री विनोद खांडेकर, पूर्व महापौर श्रीमती शोभा सोनी और मां बम्लेश्वरी महिला जनहितकारी समिति की अध्यक्ष श्रीमती फूलबासन यादव विशेष रूप से उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि महिलाओं की जागरूकता एवं भागीदारी से छत्तीसगढ़ राज्य तेजी से विकास कर रहा है। महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं संपूर्ण स्वच्छता अभियान सहित अन्य कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभा रही है। सामाजिक कुरीतियों के प्रति जनचेतना जागृत करने के साथ ही शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिले की महिलाएं स्व-सहायता समूह के माध्यम से अहम रोल अदा कर रही हैं । मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण एवं मातृ व शिशु-मृत्यु दर को कम करना हम सबके लिये एक चुनौती है। कुपोषण की दर को कैसे कम किया जाए ? माताओं और बच्चों की असामयिक मृत्यु को कैसे रोका जाए ? इसको लेकर सबको जागरूक एवं एकजुट होने की जरूरत है । मुख्यमंत्री ने इस मौके पर महिलाओं का आव्हान किया कि वे माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जनचेतना जागृत करने का अभियान पूरे जोर-शोर से संचालित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर शिशु एवं मातृ मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण को रोकने के लिये माताओं एवं बच्चों के खानपान पर विशेष रूप से ध्यान दिये जाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं एवं बच्चों के स्वस्थ्य पर ही समाज व राज्य का स्वास्थ्य निर्भर है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शत-प्रतिशत बालिकाएं शिक्षा हासिल करे, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एक बालिका के शिक्षित होने का फायदा दो परिवारों को मिलता है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य में महिलाओं की बेहतरी के लिये संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये विभागीय मंत्री सुश्री लता उसेंडी की सराहना की। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण के लिये विभाग द्वारा प्रकाशित 'सबला योजना' पुस्तिका का विमोचन किया तथा प्रदेश के सभी जिलों से चयनित तीन-तीन श्रेष्ठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पांच-पांच हजार रुपये का चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर दत्तक पुत्री शिक्षा योजना अंतर्गत बालिकाओं को बस्ता, पठन सामग्री और गणवेश प्रदान कर उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेंडी ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन में महिलाओं की बेहतरी के लिये पूरी प्रतिबध्दता से कार्य किया जा रहा है। शासकीय योजनाओं एवं क्रियान्वयन में भी अब महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगी हैं। इस मौके पर कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने भी सम्मेलन को सम्बोधित किया। उन्होंने सम्मेलन में हजारों की संख्या में उपस्थित महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाएं अन्नपूर्णा का रूप है। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मंडी के लोकार्पित नवनिर्मित शेड का नामकरण अन्नपूर्णा मंडी शेड किये जाने का निर्णय लिया गया है।
कार्यक्रम को मां बम्लेश्वरी महिला जनहितकारी समिति की अध्यक्ष श्रीमती फूलबासन यादव ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्री केडीपी राव ने स्वागत भाषण देते हुए विभागीय कार्यक्रमों सहित सबला योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में मंडी अध्यक्ष श्री बाबूलाल मरई, उपाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण उपस्थित थे।

