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कुम्हारों के परम्परागत व्यवसाय को बढ़ावा देने हर संभव प्रयास : डॉ. रमन सिंह

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When May 08, 2011
from 09:45 PM to 09:45 PM
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मुख्यमंत्री शामिल हुए प्रजापति (कुम्हार) समाज के प्रादेशिक सम्मेलन में

रायपुर, 08 मई 2011
650-080511

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार कुम्हारों के परम्परागत व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए लगातार हर संभव प्रयास कर रही है, आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रजापति (कुम्हार) समाज छत्तीसगढ़ का एक मेहनतकश समाज है, जो हमारे सामाजिक ताने-बाने का अभिन्न हिस्सा है।
    मुख्यमंत्री आज शाम यहां महाराजा दक्ष प्रजापति की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रजापति (कुम्हार) समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जन्म से लेकर मरण तक प्रजापति (कुम्हार) समाज की जरुरत सभी समाजों को होती है। इनके द्वारा निर्मित माटी के दियों से ही हम सब दीवाली मनाते हैं, इनके हाथों निर्मित मिट्टी के घड़े का ठण्डा पानी हमारी प्यास बुझाता है। डॉ. रमन सिंह ने कुम्भकार समाज को अपने परम्परागत व्यवसाय के विकास के लिए सहकारी समिति गठित करने का भी सुझाव दिया और कहा कि सहकारी समितियों के जरिए उन्हें अपने व्यवसाय के लिए भूमि और ऋण सुविधा प्राप्त करने में आसानी होगी। प्रदेश सरकार इन समितियों को भी हर संभव मदद करेगी। इस अवसर पर समाज की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित सभी विशिष्ट अतिथियों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और पुष्प माला भेंटकर उनका अभिनंदन और स्वागत किया गया।
    डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के एक उच्चस्तरीय अध्ययन दल द्वारा देश के अन्य राज्यों में कार्यरत माटी कला बोर्ड के काम-काज का अध्ययन किया जाएगा। अध्ययन दल से मिलने वाले प्रतिवेदन के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी इस प्रकार के बोर्ड के गठन की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की योजना के तहत एक हजार कुम्भकार परिवारों को चिन्हांकित कर उन्हें हाथ से चलने वाले चाक प्रदान किए जाएंगे और उनके कौशल उन्न्यन के लिए मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री बिसराराम यादव ने की। कृषि और श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वयं पहल करके इस समाज के हितों की रक्षा के लिए गांवों में पांच एकड़ जमीन आरक्षित करने और समाज के लोगों को इलेक्ट्रिक चाक प्रदान करने की योजनाएं प्रारंभ की। लगभग पांच सौ लोगों को इलेक्ट्रिक चाक प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए श्रम विभाग के माध्यम से अनेक कल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ की गयी हैं। कुम्हारों के लिए भी दुर्घटना बीमा योजना, बेटियों की शादी, स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड योजना और कुम्हारी के व्यवसाय के लिए बैंकों से बेहतर लिंकेज उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा कार्य योजना तैयार की जा रही है, जिसे समाज के वरिष्ठ लोगों के साथ विचार-विमर्श करके अंतिम रुप प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही मुख्यमंत्री निवास पर एक बैठक आयोजित की जाएगी।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री बिसराराम यादव ने कहा कि परम्परागत व्यवसाय करने वाले समाजों को अत्याधुनिक तकनीकी से जोड़कर, उनके कौशल के उन्नयन के प्रयास किए जाने चाहिए, जिससे उनका व्यवसाय और भी अधिक लाभप्रद बन सके। वे मजदूर नहीं आने वाले समय में मालिक बनें। कृषि और श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने कहा कि राज्य सरकार ने कुम्हारों के लिए इलेक्ट्रिक चाक देने की और जमीन के आरक्षण की योजना प्रारंभ की। उन्होंने कहा कि यह समाज प्रकृति के साथ हमारी सभ्यता और संस्कृति से सबसे ज्यादा जुड़ा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रजापति (कुम्हार) समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्री राजकुमार प्रजापति ने समाज की विभिन्न मांगों की ओर अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस के बजाय मूर्तियों के निर्माण में मिट्टी और हर्बल रंगों का इस्तेमाल होना चाहिए। प्लास्टर ऑफ पेरिस एक ऐसा रसायन है, जो पानी में आसानी से नहीं घुलता और इससे प्रदूषण और बाढ़ की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। समाज के महासचिव डॉ. आर.के. प्रजापति, संरक्षक श्री अलोपी प्रसाद प्रजापति और मध्यप्रदेश माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री मास्टर सोनी ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश आए समाज के अनेक पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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