सड़क हादसा : मुख्यमंत्री ने की राहत राशि की घोषणा
मृतकों के परिवारों को 50-50 हजार रूपए
घायलों को 15-15 हजार रूपए
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने अस्पताल में घायलों से मुलाकात की
रायपुर 11 मई 2011

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजधानी रायपुर के नजदीक आज दोपहर पुराने धमतरी मार्ग पर ग्राम कचना (भरेंगाभाठा) के पास हुए एक सड़क हादसे में नौ बारातियों की आकस्मिक मृत्यु और लगभग 27 लोगों के घायल होने की घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। डॉ. सिंह ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सभी घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 50 हजार रूपए और घायलों को पन्द्रह-पन्द्रह हजार रूपए की सहायता देने की घोषणा की है। कृषि और श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज शाम यहां अम्बेडकर अस्पताल पहुंचकर इस हादसे के घायलों से मुलाकात की और उनकी चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया। श्री साहू ने वहां मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों के परिवारों और घायलों के लिए इस राहत राशि का ऐलान किया। कृषि मंत्री श्री साहू ने रायपुर कलेक्टर को मृतकों के परिवारजनों के लिए मुख्यमंत्री की ओर से घोषित 50-50 हजार रूपए की सहायता राशि में से 25-25 हजार रूपए तत्काल वितरित करने के निर्देश दिए। कृषि और श्रम मंत्री ने अस्पताल के डॉक्टरों से कहा कि घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज किया जाए।
श्री चन्द्रशेखर साहू ने भी हादसे पर दु:ख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की। कृषि मंत्री के साथ छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज और राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य श्री दिलीप सिंह होरा ने भी अम्बेडकर अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिवारजनों से मुलाकात की और उनके प्रति सहानुभूति प्रकट करते हुए हादसे पर गहरा दु:ख व्यक्त किया। ज्ञातव्य है कि रायपुर जिले के विकासखण्ड मुख्यालय अभनपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर ग्राम कचना के पास भरेंगाभाठा में आज दोपहर बारातियों से भरे एक वाहन और विपरीत दिशा से आ रही ट्रक में टक्कर होने के फलस्वरूप यह हादसा हुआ। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की ओर से एम्बूलेंस भेजकर घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल लाया गया, वहीं पुलिस बल भी तत्काल घटना स्थल पर पहुंचा और एम्बूलेंस में गए चिकित्सा दल के साथ वहां राहत के उपाय युध्द स्तर पर शुरू कर दिए गए।

