कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से होगा विचार : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री से कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात
रायपुर 05 अप्रैल 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य शासन के कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है। डॉ. सिंह ने कहा है कि शासकीय कर्मचारी और अधिकारी भी सरकार के अभिन्न अंग हैं। उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य शासन द्वारा हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार किया जाता रहा है और आगे भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन (संयुक्त मोर्चा) के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर रहे थे। डॉ. सिंह ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित में नये वित्तीय वर्ष 2011-12 में महंगाई भत्ते और पेंशनरों के लिए महंगाई राहत में एक अप्रैल से दस प्रतिशत का इजाफा कर दिया है। अब कर्मचारियों को 45 प्रतिशत महंगाई भत्ता और पेंशनरों को 45 प्रतिशत महंगाई राहत की राशि चालू माह के वेतन में जुड़कर अगले माह से मिलने लगेगी। अनुकंपा नियुक्तियों के लिए समय-सीमा छह महीने से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दी गयी है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आगे भी कर्मचारियों की शासकीय सेवा से जुड़ी हर समस्या पर सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उनसे चर्चा के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं।

प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र जैन, छत्तीसगढ़ डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष श्री सुरेन्द्र टुटेजा, तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री सी.एल.साहू, कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री व्ही.पी.शर्मा, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री ओ.पी.शर्मा, छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री सालिक सिंह ठाकुर, छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ की अध्यक्ष श्रीमती हेमलता एक्का, छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमलेश सिंह राजपूत, लिपिक वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के महामंत्री श्री संजय सिंह, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी संघ के श्री बी.के.शर्मा, वाहन चालक/यांत्रिक कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष श्री एन.एच.खान, छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस के प्रांताध्यक्ष श्री अनिल शुक्ला, छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक कांग्रेस के श्री राजेश चटर्जी, अपाक्स के श्री महेन्द्र वर्मा, राजस्व निरीक्षक संघ के श्री लालराम वर्मा और अन्य अनेक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।

