ग्राम सुराज के बाद इस बार भी चलेगा 'पानी बचाओ' और 'हरियर छत्तीसगढ़' अभियान : डॉ. रमन सिंह
खारून नदी पर विशेष रूप से केन्द्रित होगा इस बार का पानी बचाओ अभियान दोनों किनारों पर किया जाएगा वृक्षारोपण
रायपुर 05 अप्रैल 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि पिछले साल की तरह इस वर्ष भी गर्मियों में ग्राम सुराज अभियान के बाद सभी प्रमुख चिन्हांकित नदी-नालों, तालाबों और सिंचाई जलाशयों की साफ-सफाई और उनके गहरीकरण के लिए आम जनता के सहयोग से पानी बचाओ अभियान के रूप में प्रदेश व्यापी भू-जल संरक्षण अभियान चलाया जाएगा। डॉ. रमन सिंह ने आज यहां बताया कि पिछले वर्ष के पानी बचाओ अभियान को शिवनाथ नदी पर विशेष रूप से केन्द्रित किया गया था। इस बार यह अभियान खास तौर पर खारून नदी पर केन्द्रित होगा, जिसकी आठ-दस किलोमीटर की पट्टी में नदी की सफाई कर दोनों किनारों पर सघन वृक्षारोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बरसात के पानी को बचाने और भूमिगत जल स्त्रोतों की रिचार्जिंग का काम प्रकृति और पर्यावरण को बचाने के लिए बहुत जरूरी है। भू-जल संरक्षण अभियान के तहत गांवों में बारिश का पानी रोकने के लिए चेक डेम और परकोलेशन टैंक जैसी छोटी-छोटी संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भू-जल संरक्षण अभियान के बाद मानसून के दौरान जुलाई-अगस्त में 'हरियर छत्तीसगढ़' अभियान संचालित किया जाएगा। इसके अन्तर्गत शासन के सभी विभागों, राज्य में संचालित उद्योगों और अन्य समाज सेवी संस्थाओं के सहयोग से प्रदेश के सभी जिलों में सघन वृक्षारोपण होगा। इसमें हम केन्द्र सरकार से क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए मिलने वाले कैम्पा फंड की राशि का भी उपयोग करेंगे। इस फंड से राज्य को इस वर्ष तीन सौ से चार सौ करोड़ रूपए तक प्राप्त होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भू-जल संरक्षण और हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के लिए वे इस माह के अंतिम सप्ताह में मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक लेंगे। इसमें पिछले वर्ष के अभियानों की समीक्षा के साथ इस वर्ष की कार्ययोजनाओं पर विचार किया जाएगा। नया रायपुर को भी हरा-भरा बनाने के लिए अभियान के तहत वहां बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएंगे। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भू-जल संरक्षण अभियान के तहत पिछले वर्ष शिवनाथ नदी की सफाई और उसके गहरीकरण का काम सफलतापूर्वक किया गया। इस नदी में अब तक 32 एनीकटों का निर्माण हो चुका है। इन सभी एनीकटों के किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण भी कराया जा रहा है।
डॉ. रमन सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष गर्मियों में संचालित ग्राम सुराज अभियान की भारी सफलता और पानी बचाओ तथा भू-जल संरक्षण अभियान को मिली उत्साहजनक कामयाबी को देखते हुए इस बार भी इसकी तैयारी तेजी से शुरू हो गयी है। ग्राम सुराज अभियान दो चरणों में आगामी 19 अप्रैल से 23 अप्रैल और 25 अर्प्रैल से 29 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इस बार भी ग्राम सुराज अभियान को खेती-किसानी के साथ ग्रामीणों की रोजाना की जिन्दगी से जुड़ी पन्द्रह प्रमुख जरूरतों पर केन्द्रित किया गया है। किसान रथों का भ्रमण और किसान सम्मेलन भी इस दौरान होंगे। पेयजल व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकानों के काम-काज और शासन के विभिन्न विभागों की गांवों से सीधे जुड़ी योजनाओं की जमीनी समीक्षा ग्राम सुराज अभियान में होगी। गांव वालों के साथ बैठकर पंच-सरपंच और सरकारी कर्मचारियों के ग्राम सुराज दल इन योजनाओं की समीक्षा करते हुए ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को यथासंभवन तुरन्त हल करने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि भू-जल संरक्षण अभियान के बाद मानसून के दौरान जुलाई-अगस्त में 'हरियर छत्तीसगढ़' अभियान संचालित किया जाएगा। इसके अन्तर्गत शासन के सभी विभागों, राज्य में संचालित उद्योगों और अन्य समाज सेवी संस्थाओं के सहयोग से प्रदेश के सभी जिलों में सघन वृक्षारोपण होगा। इसमें हम केन्द्र सरकार से क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए मिलने वाले कैम्पा फंड की राशि का भी उपयोग करेंगे। इस फंड से राज्य को इस वर्ष तीन सौ से चार सौ करोड़ रूपए तक प्राप्त होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भू-जल संरक्षण और हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के लिए वे इस माह के अंतिम सप्ताह में मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक लेंगे। इसमें पिछले वर्ष के अभियानों की समीक्षा के साथ इस वर्ष की कार्ययोजनाओं पर विचार किया जाएगा। नया रायपुर को भी हरा-भरा बनाने के लिए अभियान के तहत वहां बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएंगे। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भू-जल संरक्षण अभियान के तहत पिछले वर्ष शिवनाथ नदी की सफाई और उसके गहरीकरण का काम सफलतापूर्वक किया गया। इस नदी में अब तक 32 एनीकटों का निर्माण हो चुका है। इन सभी एनीकटों के किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण भी कराया जा रहा है।
डॉ. रमन सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष गर्मियों में संचालित ग्राम सुराज अभियान की भारी सफलता और पानी बचाओ तथा भू-जल संरक्षण अभियान को मिली उत्साहजनक कामयाबी को देखते हुए इस बार भी इसकी तैयारी तेजी से शुरू हो गयी है। ग्राम सुराज अभियान दो चरणों में आगामी 19 अप्रैल से 23 अप्रैल और 25 अर्प्रैल से 29 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इस बार भी ग्राम सुराज अभियान को खेती-किसानी के साथ ग्रामीणों की रोजाना की जिन्दगी से जुड़ी पन्द्रह प्रमुख जरूरतों पर केन्द्रित किया गया है। किसान रथों का भ्रमण और किसान सम्मेलन भी इस दौरान होंगे। पेयजल व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकानों के काम-काज और शासन के विभिन्न विभागों की गांवों से सीधे जुड़ी योजनाओं की जमीनी समीक्षा ग्राम सुराज अभियान में होगी। गांव वालों के साथ बैठकर पंच-सरपंच और सरकारी कर्मचारियों के ग्राम सुराज दल इन योजनाओं की समीक्षा करते हुए ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को यथासंभवन तुरन्त हल करने का प्रयास करेंगे।
क्रमांक-77/स्वराज्य

