मुख्यमंत्री से आयुर्वेद कॉलेज शिक्षकों ने मुलाकात की
रायपुर 05 अप्रैल 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज यहां उनके निवास पर छत्तीसगढ़ आयुर्वेद महाविद्यालयीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। शासकीय आयुर्वेद कॉलेज रायपुर के प्राचार्य डॉ. डी.के. तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल ने उन्हें भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2068 और चैत्र नवरात्रि की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर संघ के प्रतिनिधियों ने पिछले माह की बारह तारीख को कॉलेज में आयोजित राज्य स्तरीय आयुर्वेद सम्मेलन का स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को सम्मेलन के साथ आयोजित तीन दिवसीय आयुर्वेद चिकित्सा शिविर की उपलब्धियों की भी जानकारी दी।
डॉ. रमन सिंह ने सम्मेलन और शिविर को मिली सफलता के लिए उन्हें बधाई दी। छत्तीसगढ़ आयुर्वेद शिक्षक संघ की ओर से इस मौके पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कर आयुष शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रशासकीय कार्य करने वाले चिकित्सकों को छठवें वेतनमान में अव्यवसायिक भत्ता प्रदान करने का आग्रह किया गया। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि आयुष विभाग में कार्यरत आयुर्वेद शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा प्रशासकीय कार्य करने वाले चिकित्सकों को पूर्ववर्ती मध्यप्रदेश राज्य के समय से ही अव्यवसायिक भत्ता मिल रहा था।
उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य सेवा सहित अन्य राज्यों के आयुर्वेद शिक्षकों एवं अधिकारियों को नवीन वेतनमान में 25 प्रतिशत अव्यवसायिक भत्ता दिया जा रहा है, लेकिन विगत मार्च में राज्य के वित्ता विभाग द्वारा जारी अव्यवसायिक भत्ता संबंधी आदेशमें आयुष विभाग का उल्लेख नहीं होने के कारण संषय की स्थिति निर्मित हो रही है। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से इस आदेश में संशोधन का अनुरोध किया। डॉ. रमन सिंह ने उन्हें इस संबंध में जल्द से जल्द निर्णय लेने का आश्वाशन दिया। प्रतिनिधिमंडल में आयुर्वेद शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. डी.के. कटरिया, उपाध्यक्ष डॉ. संजय शुक्ला, उप संचालक डॉ. ए.के. कुलश्रेष्ठ, डॉ. पी.के. बोन्द्रिया, डॉ. विजय साहू, डॉ. सुरेन्द्र शर्मा, डॉ. जी.सी. जैन आदि शामिल थे।
डॉ. रमन सिंह ने सम्मेलन और शिविर को मिली सफलता के लिए उन्हें बधाई दी। छत्तीसगढ़ आयुर्वेद शिक्षक संघ की ओर से इस मौके पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कर आयुष शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रशासकीय कार्य करने वाले चिकित्सकों को छठवें वेतनमान में अव्यवसायिक भत्ता प्रदान करने का आग्रह किया गया। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि आयुष विभाग में कार्यरत आयुर्वेद शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा प्रशासकीय कार्य करने वाले चिकित्सकों को पूर्ववर्ती मध्यप्रदेश राज्य के समय से ही अव्यवसायिक भत्ता मिल रहा था।
उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य सेवा सहित अन्य राज्यों के आयुर्वेद शिक्षकों एवं अधिकारियों को नवीन वेतनमान में 25 प्रतिशत अव्यवसायिक भत्ता दिया जा रहा है, लेकिन विगत मार्च में राज्य के वित्ता विभाग द्वारा जारी अव्यवसायिक भत्ता संबंधी आदेशमें आयुष विभाग का उल्लेख नहीं होने के कारण संषय की स्थिति निर्मित हो रही है। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से इस आदेश में संशोधन का अनुरोध किया। डॉ. रमन सिंह ने उन्हें इस संबंध में जल्द से जल्द निर्णय लेने का आश्वाशन दिया। प्रतिनिधिमंडल में आयुर्वेद शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. डी.के. कटरिया, उपाध्यक्ष डॉ. संजय शुक्ला, उप संचालक डॉ. ए.के. कुलश्रेष्ठ, डॉ. पी.के. बोन्द्रिया, डॉ. विजय साहू, डॉ. सुरेन्द्र शर्मा, डॉ. जी.सी. जैन आदि शामिल थे।
क्रमांक-83/स्वराज्य

