नक्सलियों का घिनौना चेहरा उजागर : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री ने की नक्सल वारदात की तीव्र निंदा
शहीदों के शोक में चना वितरण समारोह स्थगित
रायपुर, 24 मई 2011
छत्तीसगढ़ के मुख्यामंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के गरियाबंद पुलिस जिले के अन्तर्गत सीमावर्ती ग्राम आमामोड़ा के पास नक्सलियों द्वारा कल घात लगाकर किए गए हमले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित प्रदेश के नौ पुलिस कर्मियों की शहादत पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। डॉ. रमन सिंह ने इस नक्सल वारदात की तीव्र निंदा करते हुए आज सवेरे यहां कहा कि इससे नक्सलियों का घिनौना चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस वारदात में नक्सलियों ने हमारे बहादुर शहीदों के मृत शरीरों को जिस वीभत्स तरीके से क्षतिग्रस्त किया है, उससे उनकी क्रूरतापूर्ण मानसिकता का परिचय मिलता है। छत्तीसगढ़ के दो करोड़ 55 लाख लोग इस वारदात की एक स्वर से निंदा कर रहे हैं। हम सबकी संवेदना और सहानुभूति हमारे इन शहीदों के शोक संतप्त परिवारजनों के साथ है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस घटना में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राजेश पवार और अन्य पुलिस कर्मियों की शहादत के गमगीन वातावरण को देखते हुए बस्तर संभाग के गरीबों के लिए कल 25 मई को होने वाले चना वितरण योजना के शुभारंभ समारोह को स्थगित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इस नक्सल वारदात को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने वारदात की जानकारी मिलते ही कल देर रात राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से सम्पूर्ण घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके अलावा डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे भी यहां अपने निवास पर गृहमंत्री श्री ननकी राम कंवर, मुख्य सचिव श्री पी.जॉय. उम्मेन और गृह विभाग के प्रमुख सचिव श्री एन. के. असवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की एक आपात बैठक लेकर घटना के सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने नक्सल हिंसा से निपटने के विभिन्न उपायों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

