रबी धान की खरीदी एफ.सी.आई करे : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय खाद्य मंत्री श्री थॉमस को लिखा पत्र
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के किसानों के व्यापक हित में आज केन्द्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्री श्री के.व्ही. थॉमस को एक पत्र भेजकर राज्य में रबी मौसम के धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने उनसे अनुरोध किया है कि वे इसके लिए भारतीय खाद्य निगम (एफ.सी.आई.) को जल्द निर्देश जारी करें। राज्य शासन द्वारा एफ.सी.आई. को इसके लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ की कृषि उपज मंडियों में रबी मौसम के धान की आवक हो रही है। राज्य में रबी धान की अरवा मिलिंग संभव नहीं हो पाती है। एफ.सी.आई. द्वारा इसकी उसना मिलिंग करावाकर अन्य राज्यों में खपत की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि खरीफ वर्ष 2010-11 में छत्तीसगढ़ में किसानों से समर्थन मूल्य पर 51 लाख 13 हजार मीटरिक टन धान की रिकार्ड खरीदी की गयी है। इसमें से राज्य शासन द्वारा 41 लाख टन और भारतीय खाद्य निगम (एफ.सी.आई.) द्वारा दस लाख टन धान की मिलिंग करायी जा रही है। वर्तमान में राज्य सरकार के पास लगभग आठ लाख मीटरिक टन और भारतीय खाद्य निगम के पास लगभग चार लाख 50 हजार मीटरिक टन धान मिलिंग के लिए शेष रह गया है। राज्य सरकार द्वारा लगातार राज्य से बाहर चावल का मूव्हमेंट बढ़ाने के लिए केन्द्र से अनुरोध किया गया है, लेकिन इसमें पर्याप्त गति नहीं आने के कारण चावल के भण्डारण से संबंधित गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गयी हैं। ऐसी स्थिति में मानसून शुरू होने के पहले खरीफ के धान का निराकरण करना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इन परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए केन्द्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री थॉमस से आग्रह किया है कि छत्तीसगढ़ की मंडियों में रबी धान की हो रही आवक को देखते हुए इस धान की खरीदी के लिए एफ.सी.आई. को निर्देश दिए जाएं और इसकी उसना मिलिंग करवाकर एफ.सी.आई. के जरिए अन्य राज्यों में खपत की जाए। उल्लेखनीय है कि बिहार, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, केरल और तमिलनाडु सहित कई राज्यों के लोग उसना चावल खाना पसंद करते हैं और उन राज्यों में उसना की अच्छी खपत होती है।

