मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा सम्मेलन का शुभारंभ किया
रायपुर, 07 जनवरी 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे यहां शहीद स्मारक भवन में तीन दिवसीय 31 वें अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा सम्मेलन का शुभारंभ किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पद्मश्री सम्मान से विभूषित डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय ने की। अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद नई दिल्ली के तत्वावधान में यह सम्मेलन 09 जनवरी तक चलेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्वतियों की विशिष्ट पहचान रही है। चाहे वह प्राकृतिक चिकित्सा पध्दति हो अथवा आयुर्वेदिक चिकित्सा पध्दति इनकी मान्यता पूरे विश्व में है और इनकी लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि हम सबका अस्तित्व प्रकृति के साथ ही जुड़ा है। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ उसके विपरीत आचार व्यवहार से हमें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने चिन्ता जाहिर करते हुए कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़ का परिणाम हमें प्राकृतिक आपदा के रूप में भुगतना पड़ता है। प्रकृति ईश्वर की सबसे अनुपम रचना है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) में इलाज सस्ता होने के साथ-साथ इनके उपचार से रोगी पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक चिकित्सा पध्दति स्वयं द्वारा अपनाए जाने की जानकारी दी। यह चिकित्सा पध्दति मनुष्य को शरीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में सहायक है। उन्होंने कहा कि हाल ही में अंदमान निकोबार द्वीप समूह की यात्रा के दौरान उन्हें प्रकृति को काफी नजदीक से देखने का अवसर मिला है। प्रकृति के नियमों में सुखी एवं स्वस्थ जीवन के रहस्य छुपे हुए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अदंमान निकोबार द्वीप समूह के प्राकृतिक सौन्दर्य और वहां स्थित सेल्यूलर जेल के दौरे के अपने अनुभव सुनाएं। मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद द्वारा कुदरती उपचार और प्राकृतिक चिकित्सा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय आयोजन की सफलता के लिए अपनी बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस सम्मेलन में प्राकृति चिकित्सा विशेषज्ञ जुटेंगे। इसमें विभिन्न पहलुओं पर विचार होगा इसका फायदा जनमानस को अवश्य मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के अवसर पर प्रकाशित स्मारिका का भी विमोचन किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी अपने विचार प्रकट किए। अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष एंवं पूर्व सांसद श्री केयूर भूषण ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

