लियेंडर पेस ने राज्यपाल से मुलाकात की लगभग दो दशक बाद फिर शुरू हुआ गोंडवाना कप राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ मंत्रिपरिषद की बैठक : छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास हीरानार नल-जल योजना के लिए 19.42 लाख रूपए स्वीकृत ग्राम कुथुर के लिए नल-जल योजना स्वीकृत उर्दू अकादमी में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना : अब तक 153.40 करोड़ की लागत के सात हजार से ज्यादा विकास कार्य पूर्ण सक्षम योजना : राज्य की 284 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिला 1.62 करोड़ रूपए का ऋण ग्राम पंचायतें अब दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगे कमरौद स्कूल का नामकरण अहिल्या बाई त्रेतानाथ के नाम पर गलफुल्ला और चनान नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री बिसेन की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से अभनपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात श्री केदार कश्यप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री शिव चन्द्राकर ने सौजन्य मुलाकात की उपार्जन केन्द्रों में तेजी से हो रही धान की आवक श्रम मंत्री श्री साहू की अध्यक्षता में असंगठित श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली प्रवास पर आज करेंगे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कृषि मंत्री श्री साहू ने किया खारून नदी पर एनीकट सह रपटे का भूमिपूजन राज्यपाल से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की मुख्यमंत्री के समक्ष जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की

Personal tools
You are here: Home समाचार मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का संदेश : स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2010 पुलिस परेड मैदान, रायपुर

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का संदेश : स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2010 पुलिस परेड मैदान, रायपुर

What
When Aug 15, 2010
from 12:40 PM to 12:40 PM
Add event to calendar vCal
iCal

प्रिय भाइयों और बहनों,

आजादी की तिरसठवीं सालगिरह के अवसर पर सबसे पहले मैं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अमर शहीदों और आजाद भारत की उन महान विभूतियों को नमन् करता हूं, जिनके योगदान के कारण आज हम हर्ष और उल्लास के साथ यह पावन पर्व मना रहे हैं। इस अवसर पर मैं आप सबका हार्दिक अभिनंदन करते हुए बधाइयां और शुभकामनाएं देता हूं।
हमारे देश के महान नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था-''जो राष्ट्र अपनी पूर्व उपलब्धियों के प्रति गर्व अनुभव नहीं करता अथवा उससे प्रेरणा नहीं लेता है, वह न तो अपने वर्तमान को सुधार सकता है और न ही अपने भविष्य की योजना बना सकता है।'' आज का दिन हमें देश के गौरवशाली अतीत और आजाद भारत की विकास यात्रा में हासिल की गई उपलब्धियों पर गर्व करने का मौका देता है। साथ ही नए संकल्पों के लिए प्रेरित भी करता है।
हम अपने राज्य के अधिकाधिक योगदान से भारत की संघीय शासन व्यवस्था को सम्मान और मजबूती देने पर विश्वास करते हैं। 11वीं पंचवर्षीय योजना में सकल घरेलू उत्पाद के लिए निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक प्रगति छत्ताीसगढ़ में दर्ज की जा रही है। देश के लिए निर्धारित लक्ष्य 9.57 प्रतिशत की तुलना में वर्ष 2007-08 में 11.71 प्रतिशत तथा वर्ष 2009-10 में 11.49 प्रतिशत की वृध्दि दर हमने हासिल की है।
''मेरे सपने का स्वराज्य तो गरीबों का स्वराज्य होगा। पूर्ण स्वराज्य तब-तक नहीं होगा, जब-तक वह जीवन के लिए जरूरी सुविधाएं देने की व्यवस्था पूरी नहीं कर लेता।'' महात्मा गांधी के ये शब्द हमें आम जनता और खासकर गरीबों को अभावों से मुक्ति दिलाने के लिए प्रेरित करते हैं। छत्तीसगढ़ में 36 लाख से अधिक गरीब परिवारों को भूख से मुक्ति दिलाना हमने अपना पहलार् कत्तव्य माना। इसलिए जरूरतमंद लोगों को हर माह एक रूपए और दो रूपए किलो में 35 किलो चावल देने की योजना शुरू की गई है। इस योजना पर हम सालाना 12 सौ करोड़ रूपए खर्च कर रहे हैं। मुझे खुशी है कि इस नेक काम में हमें आप सबका सहयोग और समर्थन मिला है। राशन दुकानों में समय पर खाद्यान्न पहुंचाने, वितरण और सम्पूर्ण प्रणाली की सटीक मॉनीटरिंग के कारण हमारे राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को देश में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। अब हम राशन दुकानों में मिट्टी तेल की उपलब्धता और वितरण्ा प्रणाली का भी कम्प्यूटरीकरण कर रहे हैं।
राज्य में कुपोषण दूर करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है। बीते एक साल में ''मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना'' के माध्यम से 13 हजार 600 गंभीर कुपोषित बच्चों को खोजकर उनकी उचित देखभाल की गई, जिसके कारण नौ हजार 530 बच्चों में काफी सुधार आया है और करीब 1600 बच्चे बिल्कुल सामान्य हो गए हैं। शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को भी पूरक पोषण आहार देने के लिए ''सबला योजना'' प्रारंभ की गई है। महिलाओं और बच्चों के पोषण आहार पर वर्ष भर में 432 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। आंगनवाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाकर 34 हजार 937 तथा मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों की संख्या दो हजार 319 की जा चुकी है। अब और आठ हजार 226 नए आंगनवाड़ी केन्द्र और चार हजार 429 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र खोले जाएंगे। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नि:शुल्क सायकल देने का वायदा भी हमने इस वर्ष पूरा किया है।
हमने राज्य में किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के अनेक उपाए किए हैं। कृषि ऋण की दर 14 प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत करने के अनेक फायदे सामने आए हैं। पहले किसानों को साल भर में मात्र 150 करोड़ रूपए ऋण देने का ही
प्रावधान था, जिसे हमने 15 सौ करोड़ रूपए तक पहुंचा दिया है। ब्याज दर कम होने के कारण इस सुविधा का लाभ लेने वाले किसानों की संख्या भी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई है।

वर्ष 2009-10 में हमने किसानों से, देश में सर्वाधिक, 44 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा और उन्हें 47 सौ करोड़ रूपए का भुगतान किया। किसानों में बढ़ी जागरूकता से विगत छ: वर्षों में आधार एवं प्रमाणित बीज उत्पादन में 874 प्रतिशत तथा वितरण में 514 प्रतिशत की वृध्दि हुई है। पांच हार्स पावर क्षमता तक के सिंचाई पम्प उपयोग में लाने वाले किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार यूनिट बिजली नि:शुल्क दी जा रही है। 14 जिलों की 51 तहसीलों में किसानों को राष्ट्रीय कृषि बीमा के तहत गत खरीफ की क्षतिपूर्ति के रूप में लगभग 124 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा रहा है।
स्वस्थ पशुधन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय संदर्भ चिकित्सालय भवन, 120 पशु चिकित्सालय भवन, 302 पशु औषधालय भवन, तीन जिलास्तरीय पॉली क्लीनिक, कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र, सुकर पालन प्रक्षेत्र आदि का निर्माण किया जाएगा।
अच्छी अधोसंरचना के निर्माण के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली अब वास्तव में राज्य की शक्ति का प्रतीक बन गई है। राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ की औसत मांग लगभग 950 मेगावॉट थी जो अब बढ़कर दो हजार 375 मेगावॉट तक दर्ज की गई है। बढ़ती हुई मांग को पूरा करने के लिए राज्य विद्युत उत्पादन कम्पनी द्वारा लगभग पांच हजार मेगावॉट क्षमता के बिजलीघर आगामी दो-तीन वर्षों में क्रियाशील किए जाने का लक्ष्य है। उम्मीद है कि निजी क्षेत्र की बिजली परियोजनाएं भी समय-सीमा में काम पूरा करेंगी और छत्तीसगढ़ को देश का पॉवर हब बनाने में सहयोग देंगी। उत्पादन बढ़ाने से लेकर पारेषण, वितरण जैसे हर क्षेत्र में ध्यान देने के कारण विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता तथा विश्वसनीयता बढ़ी है और छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी 'विद्युत कटौती विहीन राज्य' का गौरव मिल रहा है। हमारा लक्ष्य है कि आगामी दो सालों में राज्य के सभी ग्रामीण आवासों में बिजली की रौशनी पहुंच जाए।
छत्तीसगढ़  राज्य सड़क विकास परियोजना के अंतर्गत प्रमुख राज्य एवं जिला मार्गों का उन्नयन तेजी से किया जा रहा है। बीते एक साल में कुल तीन हजार 825 किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं। 101 वृहत पुलों का निर्माण पूर्ण  किया गया और 150 वृहत पुलों का कार्य प्रगति पर है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 17 हजार 323 किलोमीटर की तीन हजार 819 सड़कें एवं 20 हजार 792 पुल-पुलियों का निर्माण पूर्ण कर आठ हजार बसाहटों को पक्की बारहमासी सड़कों से जोड़ा जा चुका है। पहले छत्ताीसगढ़ में मात्र 117 मार्गों पर राज्य परिवहन निगम की एवं निजी बसें चलती थीं। हमने आम जनता को बेहतर परिवहन की सुविधा देने के लिए निजी क्षेत्र के सहयोग से एक हजार 870 मार्गों पर यात्री वाहन चलाने की व्यवस्था की है।

जल संसाधन विकास के लिए किए गए सघन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में सिंचाई का प्रतिशत 23 से बढ़कर 32 हो गया है। वर्तमान में 13 वृहद, 9 मध्यम तथा 443 लघु योजनाएं
निर्माणाधीन हैं। हमारा प्रयास है कि 11वीं पंचवर्षीय योजना में चार लाख हेक्टेयर की अतिरिक्त सिंचाई क्षमता हासिल कर ली जाए।
राज्य में दो लाख से अधिक हैंडपंपों, करीब एक हजार 600 नलजल प्रदाय योजनाओं तथा एक हजार 700 से अधिक स्थल जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को समुचित मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश की 32 हजार 800 शालाओं में भी पेयजल की व्यवस्था करा दी गई है। इस वर्ष करीब चार हजार शालाओं में फोर्स लिफ्ट पम्प और टंकी के माध्यम से जल प्रदाय की व्यवस्था की गई है। अगले दो वर्षों में 62 नवगठित नगर पंचायतों में जल प्रदाय योजनाएं क्रियान्वित की जाएंगी, जिससे पूरे राज्य में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 70 लीटर जल प्रदाय की व्यवस्था पूरी हो जाए।
स्वच्छता परिसरों के निर्माण में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। शालाओं में लक्ष्य का 93 प्रतिशत, आंगनवाड़ियों में 96 प्रतिशत निर्माण पूरा किया जा चुका है। नौ लाख से अधिक बीपीएल तथा सात लाख से अधिक एपीएल परिवारों के लिए भी स्वच्छ शौचालय बनाए जा चुके हैं।
हमने राज्य में पानी, हरियाली और पर्यावरण से जुड़े विषयों में आप सबको भागीदार बनाने की पहल की है। राज्यव्यापी 'पानी रोको महा अभियान' चलाया गया है, जिसके अंतर्गत जलाशयों को बचाने, उनके गहरीकरण, रिचार्जिंग की विभिन्न संरचनाओं के निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं आदि के निर्माण की कार्य योजना शुरू की गई है। वहीं ''हरियर छत्तीसगढ़ '' के अंतर्गत पूरे प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी के साथ इस वर्ष सात करोड़ से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे। राज्य में पुरातात्विक, धार्मिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक महत्व के पर्यटन स्थलों के विकास हेतु पर्यटन प्रोत्साहन योजना लागू की गई है।
वन और जीवन का संबंध तो आदिकाल से है, हमने वनों के समीप रहने वाले 27 लाख लोगों को वन प्रबंधन से जोड़कर एक कारगर पहल की है। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की दर पुन: बढ़ाते हुए 700 रूपए प्रति मानक बोरा की गई है। विगत वर्ष करीब 14 लाख संग्राहकों को 108 करोड़ रूपए की संग्रहण मजदूरी दी गई है तथा 94 करोड़ रूपए का बोनस बांटा जा रहा है। तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को इस वर्ष भी नि:शुल्क चरण पादुका तथा जनश्री बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी
अधिनियम के अंतर्गत दो लाख 14 हजार से अधिक पात्र परिवारों को वन अधिकार पत्र देकर, इस मामले में भी छत्तीसगढ़ देश में अव्वल स्थान पर है।

कमार एवं अन्य जनजाति परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 15 बांस आधारित प्रसंस्करण केन्द्रों की स्थापना की गई है। लाख उत्पादन में वृध्दि के कारण ग्रामीणों को सात करोड़ रूपए की अतिरिक्त आय हुई है। काष्ठ एवं बांस के लाभांश के रूप में लगभग 100 करोड़ रूपए गांवों में अधोसंरचना विकास के लिए दिए गए हैं। लघु वनोपजों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन के जरिए वनवासियों की आमदनी बढ़ाने के अनेक उपाय किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के माध्यम से 'राजमाता विजयाराजे सामूहिक विवाह योजना', 'नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना', 'भगिनी प्रसूति सहायता योजना', दुर्घटना मृत्यु पर अंत्येष्टि सहायता एवं अनुग्रह राशि का भुगतान करने और एम्बुलेंस सेवा प्रदान करने के लिए योजनाएं लागू की गई हैं।

आम आदमी की सेहत सिर्फ उसकी ही नहीं बल्कि प्रदेश एवं देश की भी सबसे बड़ी पूंजी होती है, इसलिए हमने जन स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने का अभियान छेड़ा है। राज्य में अब 18 जिला अस्पताल, 144 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 721 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और चार हजार 776 उप स्वास्थ्य केन्द्र खोले जा चुके हैं। जिसके कारण राज्य की स्वास्थ्य अधोसंरचना राष्ट्रीय औसत के बराबर हो गई है। विभिन्न प्रयासों के कारण राज्य में ग्रामीण शिशु मृत्यु दर 95 प्रति हजार जीवित जन्म से घटकर 57 हो गई है। मातृ मृत्यु दर 47 प्रति हजार से घटकर 33 हो गई है। संस्थागत प्रसव 14 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत हो गया है। राज्य में आपातकाल चिकित्सा हेतु त्वरित 'एम्बुलेंस सेवा-108' भी इसी साल शुरू कर दी जाएगी।
देश में अपने तरह की पहली 'मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना' के तहत 12 सौ से अधिक बच्चों को नया जीवन मिला है। जिसमें लगभग 13 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं। हाल ही में प्रारंभ की गई 'मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना' के तहत बीपीएल परिवारों के मूक-बधिर बच्चों को छह लाख रूपए और सामान्य बच्चों को चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। 'संजीवनी सहायता योजना' के तहत हजारों लोगों को 13 चिन्हित बीमारियों से मुक्ति दिलाई जा रही है। 'राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना' में 10 लाख से अधिक लोगों के स्मार्ट कार्ड बना कर छत्तीसगढ़  देश में अव्वल हो गया है।
हम सबके आत्म सम्मान और गौरव के प्रतीक के रूप में राज्य की प्रशासकीय राजधानी 'नया रायपुर' का सपना भी अब जल्दी आकार ले रहा है। केपिटल काम्पलेक्स के अंतर्गत मंत्रालय तथा विभागाध्यक्ष भवनों का निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है। हमारा प्रयास है कि नया रायपुर हरे-भरे अच्छे पर्यावरण की मिसाल, हमारी संस्कृति, विरासत तथा नवीन सोच के समन्वय का प्रतिबिंब बने।
छत्तीसगढ़  की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और पहुंचविहीन गांवों में भी ज्ञान और विकास के अवसर पहुंचाने के लिए हमने सूचना प्रौद्योगिकी के समुचित उपयोग पर जोर दिया है। छत्ताीसगढ़ स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) की स्थापना की गई है।
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित कर उन्हें शासकीय नौकरी जैसी सुविधा प्रदान करने की नीति बनाई गई है। यह राज्य के गौरव का विषय है कि हमने 37वें राष्ट्रीय खेल की मेजबानी का जिम्मा लिया है। जिससे खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल अधोसंरचना और उत्साहजनक वातावरण का विकास होगा।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवारों के स्वावलंबन और समृध्दि के लिए हमने उन्हें बेहतर शिक्षा का सहारा दिया है। उन्हें गणवेश, अच्छा भोजन, कम्प्यूटर प्रशिक्षण, कठिन विषयों पर टयूशन, अखिल भारतीय तथा व्यावसायिक परीक्षाओं के लिए कोचिंग, रोजगारपरक शिक्षा, नर्सिंग से लेकर एयर होस्टेस बनने और वाहन चालन से लेकर हवाई जहाज उड़ाने तक का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था हमने की है। नक्सल प्रभावित सात जिलों के प्रतिभावान बच्चों का चयन कर उन्हें हायर सेकेण्डरी की पढ़ाई के साथ ही आईआईटी जैसी परीक्षाओं के लिए तैयार करने 'मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना' इसी साल शुरू की गई है। इसके लिए रायपुर में 300 सीट वाला आवासीय विद्यालय प्रारंभ कर दिया गया है। वर्ष 2003 में राज्य में मात्र लगभग 500 आश्रम शालाएं थीं, जो अब बढ़कर करीब एक हजार 200 हो गई है।
हमने राज्य में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास के लिए वार्षिक बजट में उनकी जनसंख्या के प्रतिशत के अनुपात से ज्यादा राशि का प्रावधान किया है। इन अंचलों में विकास की गति तेज करने, स्थानीय जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमने तीन विशेष विकास प्राधिकरणों का गठन किया है, जिसके माध्यम से वार्षिक बजट के बाहर भी 600 करोड़ रूपए से अधिक लागत के निर्माण कार्य कराए गए हैं। बस्तर डेव्हलपमेंट ग्रुप का गठन किया गया है ताकि स्थानीय विकास के निर्णय उसी जिले या संभाग में तत्काल लिए जा सकें। नरेगा का बेहतर इस्तेमाल करने वाले अग्रणी राज्यों में छत्तीसगढ़ प्रमुख है। इसके तहत सामान्य जिलों में 348 करोड़ रूपए खर्च हुए हैं तो नक्सल प्रभावित जिलों में 113 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं। कमजोर तबकों और जरूरतमंदों को राहत देने की व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए हम सामाजिक सहायता कार्यक्रम की विभिन्न योजनाओं को ऑन लाइन कर रहे हैं। राज्य के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ और बस्तर की प्राकृतिक आपदा से निबटने के लिए समुचित कदम उठाए गए हैं।
आज छत्तीसगढ़ सहित देश के कई राज्य नक्सलवाद के रूप में एक बड़ी आतंकवादी त्रासदी से गुजर रहे हैं। नक्सलवादी हिंसा पर अंकुश लगाने सहित प्रदेश में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमने अनेक प्रयास किए हैं, जिसकी एक ताजा मिसाल राज्य के इक्कीसवें पुलिस जिले गरियाबंद में कार्य प्रारम्भ हो जाना भी है। मैं आज एक बार फिर नक्सल प्रभावित जिलों के उन सभी साहसी भाई-बहनों-बच्चों को सलाम करता हूं, जिनके विश्वास और हौसले की बदौलत हमारी सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए बहुआयामी प्रयास प्रारंभ किए हैं। विकास विरोधी, राष्ट्र विरोधी और संविधान विरोधी हिंसक नक्सलियों के खिलाफ हमारे प्रदेश की जनता की एकजुटता हमारी आंतरिक शक्ति का सबसे बड़ा प्रमाण है। शहीदों के प्रति श्रध्दासुमन अर्पित करते हुए मैं उनके परिजनों को यह विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सरकार और पूरा राज्य उनके साथ है। शहीद पुलिस कर्मियों के परिवार में शासकीय सेवक के होते हुए भी किसी एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति देने का फैसला हमारी सरकार ने किया है। शहीद पुलिस कर्मियों की एक्सग्रेसिया राशि पांच लाख से बढ़ाकर 15 लाख रूपए कर दी गई है।
हमर गुरतुर भाखा छत्तीसगढ़ी के विकासबर राजभाषा आयोग के गठन कर दे गेहे। ओला अधिकार सम्पन्न बनायबर
विधानसभा म छत्तीसगढ़ राजभाषा विधेयक ल घलोक पारित कर दे गेहे। हमन कक्षा तीसरी ले पांचवीं तक पुस्तक म छत्तीसगढ़ी म लिखे पाठ ल शामिल करत हन। एकर संग गोड़ी, हल्बी, कुडूख अऊ सरगुजिहा के पाठ ल घलोक शामिल करे हन।
हमन राज्य म उच्च शिक्षा ला बढ़ावा देवत हन। तेकर कारन सब्बो भरती अनुपात ह 2.3 ले बढ़के 8.2 हो गेहे। ये बछर चार अऊ नवा कालेज राजपुर (सरगुजा), दुलदुला (जशपुर), खडगवां (कोरिया) अऊ बरपाली (कोरबा) म खोले गेहे। दू अऊ नवा कालेज भैयाथान अऊ सरगांव म खोले जाही। जम्मो ल जोर के राज्य मा 165 सरकारी कॉलेज हो जाही।

हमर बिचार हे, राज्य के विकास ले इहां के रहइया युवा मन ल रोजगार मिले। एकर बर सरकारी विभाग म अब्बड़ अकन भरती होवत हे। पुलिस बल म पहली 22 हजार भरती करे गे रिहीस, हमन छह बछर म 27 हजार जवान मन ल नउकरी देहन। हर बछर 3-4 हजार जवान मन के भरती करे जात हे। शिक्षाकर्मी के  पद म एक लाख युवा मन के भरती करे गेहे। अइसनेच दूसर विभाग म घलोक हजारों मनखे मन ल बने नउकरी दे गेहे। छत्तीसगढ़ म अब्बड़ अकन निरमान बूता होवत हे। ओखर बर राजमिस्त्री, बिजलीमिस्त्री, नलमिस्त्री, बढ़ई, पेंटर जइसे जम्मो काम करइया मन ल सुग्घर प्रशिक्षण देबर छत्तीसगढ़ निरमान अकादमी, नवा राइपुर म खोले जाही। बड़े-बड़े कारखाना म रोजगार पाय बर सब्बोझन ल प्रशिक्षण् देबर 'छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास मिशन' बनाय गेहे।

हमर मानना हे के शांति नई होही, त विकास घलोक नई होय। आप मनके सहयोग अऊ समरथन ले छत्तीसगढ़ के विकास के हर बाधा ल खतम करके रहिबो। नक्सलवाद फइले जिला म अधोसंरचना विकास के संगे-संग उहां रहइया मन के सुख-सुविधा अऊ विकास बर जम्मो बूता हमन करत हन। हमर छत्तीसगढ़ ल देश के अव्वल राज्य बनाय के सपना ला पूरा करबो। 'सबले बढ़िया-छत्तीसगढ़िया' ल साबित करे बर हमन जुरमिल के कदम ले कदम मिलाके आघू बढ़त हन।

 

जय हिन्द,
जय छत्तीसगढ़



« May 2012 »
May
MoTuWeThFrSaSu
123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031