व्यवसायियों के लिए ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू
कार्यो में पारदर्शिता और गतिशीलता लाने वाणिज्यिक कर विभाग की महत्वपूर्ण पहल

छत्तीसगढ़ के व्यवसायियों को आज से ई-रजिस्टे्रशन की सुविधा मिलने लगी है। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा इसके लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एन.आई.सी.) के माध्यम से साफ्टवेयर विकसित किया गया है। वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव श्री अजय सिंह ने आज अपरान्ह वाणिज्यिक कर आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में कम्प्यूटर पर क्लिक कर ई-रजिस्ट्रेशन सुविधा का शुभारंभ किया। अब प्रदेश के व्यवसायियों को वैट अधिनियम (प्रांतीय) एवं केन्द्रीय (सी.एस.टी.) अधिनियम में घर बैठे चौबीस घण्टे ऑन लाईन आवेदन कर पंजीयन प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। इच्छुक व्यवसायी अवकाश के दिनों में भी अपने व्यवसाय स्थल से ही पंजीयन कराकर प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। श्री सिंह ने इस अवसर पर राजधानी रायपुर के एक व्यवसायी को ई-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के तहत प्रावधिक पंजीयन प्रमाण पत्र भी सौपें। वाणिज्यिक कर आयुक्त श्री गणेश शंकर मिश्रा, अपर आयुक्त श्री आर. के. त्रिवेदी, उपायुक्त श्री के.आर. झारिया,उपायुक्त श्रीमती उमा सिंह सहित अनेक कर सलाहकार, अधिवक्ता और रायपुर के विभिन्न वाणिज्यकर वृत्तों के अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर कम्प्यूटर आधारित प्रेजेंटेशन के माध्यम से ई-रजिस्ट्रेशन के लिए विकसित साफ्वेयर तथा ई-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गयी। प्रमुख सचिव श्री अजय सिंह ने ई-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करने के बाद इस प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने के लिए अनेक जरूरी निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में पूर्ण रूप से प्रशिक्षित करने के निर्देश भी दिए। वाणिज्यिक कर आयुक्त श्री गणेश शंकर मिश्रा ने इस अवसर पर बताया कि व्यवसायी ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्राप्त करने के लिए वेबसाईट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटसीजीडॉटएनआईसीडॉटइन/कामटेक्स(www.cg.nic.in/comtax) अथवा एचटीटीपीकॉलनस्लेससीजीडॉटएनआईसीडॉटइन/ईरजिस्टे्रशन (http://cg.nic.in/eRegistration) पर क्लिक कर E-registration वेबसाईट खोल सकते है। ई-रजिस्टे्रशन प्राप्त करने के लिए व्यवसायियों को अपना यूजर आईडी और पासवर्ड सहित अन्य जानकारियां भरनी होगी । यूजर आईडी व पासवर्ड व्यवसायियों को तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा। श्री मिश्रा ने बताया कि यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त करने के बाद व्यवसायी वैट (प्रांतीय पंजीयन) के लिए प्रारूप दस में आवश्यक जानकारी भरने के तत्काल बाद प्रावधिक पंजीयन प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते है। इसकी वैधता अवधि जारी दिनांक से 15 दिन होगी। इसके बाद व्यवसायियों को 15 दिन के भीतर संबंधित वृत्त कार्यालय में अपने सभी मूल दस्तावेज के साथ उपस्थित होकर वृत्त प्रभारी वाणिज्यिक कर अधिकारी से इन दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। कार्य की सुविधा की दृष्टि से प्रभारी वाणिज्यिक कर अधिकारी 15 दिवस के भीतर मूल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए व्यवसाय स्थल का भ्रमण करेंगे। इसके पश्चात वाणिज्यिक कर अधिकारी द्वारा स्थायी पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। ई-रजिस्टे्रशन सुविधा के माध्यम से प्रांतीय अधिनियम में पहले से पंजीकृत व्यवसायी केन्द्रीय पंजीयन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए भी आवेदन दे सकते हैं। नया पंजीयन प्राप्त करने के लिए प्रांतीय और केन्द्रीय अधिनियमों के लिए एक साथ आवेदन पत्र ऑन लाईन प्रस्तुत करने की सुविधा ई-रजिस्टे्रशन साफ्टवेयर में दी गयी है। श्री मिश्रा ने बताया कि विभागीय कार्यो में पारदर्शिता और गतिशीलता लाने के लिए ई-गवर्नेस के उपयोग की कड़ी में ई-रजिस्टे्रशन नई सुविधा होगी। इससे ई-पेमेंट और ई-रिटर्न दाखिल करने की सुविधा व्यवसायियों को पहले से मिल रही है।

