छत्तीसगढ़ में बड़े उद्योगों के साथ लघु और मझोले उद्योगों की स्थापना के भी प्रयास हो : श्री बघेल
प्रदेश में इस वर्ष होगी एक हजार से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की स्थापना
अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने होंगे सम्मेलन
राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न
रायपुर, 16 जून 2011

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा है कि प्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए बेहतर वातावरण का निर्माण हुआ है, यही कारण है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में उद्योगों में स्थापना में बड़ी मात्रा में पूंजी निवेश हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़े उद्योगों के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की स्थापना के लिए भी गंभीर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की औद्योगिक नीति 2009-14 में उद्योग स्थापित करने वाले लोगों के लिए अनेक प्रकार की अनुदान छूट एवं रियायतें देने का प्रावधान किया गया है। इसी तारतम्य में श्री बघेल ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को इस वर्ष राज्य के विभिन्न अंचलों में एक हजार पांच सौ सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग स्थापित करने के निर्देश दिए। श्री बघेल आज यहां नवीन विश्राम भवन के सभाकक्ष में आयोजित राज्य स्तरीय उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में उक्त निर्देश दिए। इस अवसर पर उद्योग विभाग के सचिव श्री दिनेश श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।
श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश के विकास में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। यहां औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़े उद्योग के साथ ही रोजगार परक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में गंभीरता के साथ काम किया जा रहा है। श्री बघेल ने समीक्षा बैठक में राज्य शासन द्वारा स्वीकृत नये रायपुर में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क, धमतरी में हर्बल और मेडिसिनल पार्क, रायपुर के रावाभांटा में मेटल पार्क, रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र सिलतरा में अपैरल पार्क, भिलाई में इंजीनियरिंग पार्क, बिलासपुर में रेल्वे सहायक उद्योग काम्पलेक्स और रायपुर जिले के तिल्दा में निर्माणाधीन प्लास्टिक पार्क को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री बघेल ने बताया कि दुर्ग जिले के विकासखंड नवागढ़ के ग्राम अमोरा में फर्मास्युटिकल पार्क की स्थापना के लिए एक सौ एकड़ भूमि चिन्हांकित कर ली गई है। वहां फार्मास्युटिकल पार्क स्थापना के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। श्री बघेल ने कहा कि उद्योगों में राज्य के अनुसूचित जाति और जनजाति के वर्ग के लोगों की सहभागिता उनकी जनसंख्या के अनुपात में बहुत कम है। इन वर्गों के लोगों के बेहतरी के लिए उन्हें कम से कम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों से जोड़ना आवश्यक है। इस हेतु प्रत्येक जिले में उनके लिए कार्यशाला अथवा सम्मेलन का आयोजन किया जाए और इस सम्मेलनों ने उन्हें उद्योग स्थापित करने हेतु राज्य शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए। समीक्षा बैठक में श्री बघेल ने विगत समीक्षा बैठक का पालन-प्रतिवेदन आदि की जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की प्रगति, नवीन औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों के लिए नवीन भवनों की स्थापना आदि की भी जानकारी प्राप्त की ।
इस अवसर पर विभाग के सचिव श्री श्रीवास्तव ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में एक हजार पांच सौ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना के लिए जिलों को लक्ष्य दिए गए है। उन्हाेंने बताया कि रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़ जिलों को दो-दो सौ, राजनांदगांव को 150, जांजगीर-चांपा को एक सौ, सरगुजा, कोरबा और बस्तर जिले को 50-50, महासमु न्द एवं धमतरी को 45-45, उत्तर बस्तर, जशपुर नगर, कोरिया और कबीरधाम को 35-35, दक्षिण बस्तर को 30 और बीजापुर एवं नारायणपुर जिले को 20-20 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना का लक्ष्य दिया गया है। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री सृजन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2010-11 में विभाग को 995 का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य के विरूध्द संबंधित बैंक शाखाओं को मार्च 2011 तक चार हजार 353 प्रकरण भेजे गए, जिसमें बैेंक शाखाओं द्वारा एक हजार 260 प्रकरण में 76 करोड़ 48 लाख 97 हजार रूपए स्वीकृत कर 522 प्रकरणों में 20 करोड़ 54 लाख 50 हजार रूपए ॠण राशि का वितरण किया गया । उन्होंने बताया कि 2010-11 में 551 सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों की स्थापना की गई, जिसमें 167 करोड़ 16 लाख 40 हजार रूपए का पूंजी निवेश हुआ और पांच हजार 885 व्यक्तियों को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। इसी प्रकार 522 स्टाम्प शुल्क छूट प्रमाण पत्र, 24 प्रवेश कर छूट प्रमाण पत्र एवं छह भूमि व्यपवर्तन छूट प्रमाण पत्र जारी किया गया है। श्री श्रीवास्तव ने नवीन औद्योगिक क्षेत्रों के बारे में बताया कि बिलासपुर जिले के विकासखण्ड बिल्हा के ग्राम सेलर में 95 एकड़, विकासखण्ड पथरिया के ग्राम परसिया, ग्राम तुमाढेटा, मुण्डादेवरी, डाकाचापा, अमलडीहा एवं डंगनिया में औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगभग एक हजार पांच सौ एकड़ शासकीय तथा निजी भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है। इसी प्रकार विकास खण्ड तखतपुर के ग्राम बीजा में उद्योग विभाग की लगभग 24 एकड़ भूमि के साथ लगे हुए 70 एकड़ शासकीय भूमि के हस्तांतरण की कार्रवाई की जा रही है। इसी प्रकार रायगढ़ जिले के तहसील पुसौर के ग्राम लारा में वृहद औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए एक हजार 465 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है, जिसमें 999 हेक्टेयर निजी भूमि का अर्जन और 90 हेक्टेयर शासकीय भूमि एवं 376 हेक्टेयर वन भूमि का हस्तांतरण की कार्रवाई की जा रही है। बैठक में उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव श्री डी.डी. सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री देवेन्द्र सिंह सहित जिला उद्योग एवं व्यापार विभाग के मुख्य महा प्रबंधक एवं महाप्रबंधक और उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

