पंजीयन से मिला 479 करोड़ रूपए का राजस्व समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करें-श्री अमर अग्रवाल
वाणिज्यिक कर मंत्री ने पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क की समीक्षा की
रायपुर 13 जनवरी 2011
राज्य शासन को चालू वित्तीय वर्ष में 31 दिसम्बर तक पंजीयन और मुद्रांक शुल्क से 479 करोड़ 30 लाख रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह वित्तीय वर्ष 2010-11 के लिए निर्धारित 650 करोड़ के लक्ष्य का 73 प्रतिशत है। यह जानकारी वाणिज्यिक कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल की अध्यक्षता में कल वाणिज्यिक कर भवन में आयोजित पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क की समीक्षा बैठक में दी गई। श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व बढ़ाने के लिए लंबित प्रकरणों का भी समय-सीमा के भीतर अभियान चलाकर निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में ज्यादा प्रकरण्ा लंबित हैं, वहां दूसरे जिला पंजीयकों को सम्बध्द कर प्रकरणों के निराकरण की कार्रवाई की जाए। बैठक में सचिव पंजीयन श्री गणेश शंकर मिश्रा और महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क श्री अवध बिहारी भी उपर्स्थित थे।
बैठक में बताया गया कि एक अप्रैल 2010 से 31 दिसम्बर 2010 तक प्रदेश के विभिन्न पंजीयन कार्यालयों में एक लाख 56 हजार दस्तावेजों का पंजीयन किया गया, जिससे 479 करोड़ 30 लाख रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह गत वर्ष इसी अवधि में प्राप्त राजस्व की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। वाणिज्यिक कर मंत्री ने अचल सम्पतियों के कुर्की के प्रकरणों की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि एक अप्रैल से 31 दिसम्बर तक 345 प्रकरणों में कुर्की की कार्रवाई की गई, जिसमें एक करोड़ 76 लाख 47 हजार रूपए की राशि वसूल की गई। श्री अग्रवाल ने शेष प्रकरणों को भी जल्द से जल्द निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में बताया कि पंजीयन कार्यालयों में दस्तावेजों के पंजीयन में फ्रेंकिंग मशीन का भी उपयोग किया जा रहा है। एक अप्रैल से 31 दिसम्बर तक विभिन्न दस्तावेजों के पंजीयन में 46 करोड़ 11 लाख 70 हजार मूल्य के स्टाम्प फ्रेंक की गई, जिससे स्टाम्प वेण्डरों को दिए जाने वाले कमीशन में 92 लाख 23 हजार रूपए की बचत हुई है।
वाणिज्यिक कर मंत्री श्री अग्रवाल ने बैठक में पंजीयन कार्यालयों के कम्प्यूटरीकरण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि जिला पंजीयन कार्यालय बिलासपुर का कम्प्यूटरीकरण हो चुका है। शेष कार्यालयों के कम्प्यूटरीकरण और साफ्टवेयर बनाने का काम चल रहा है। श्री अग्रवाल ने जिला पंजीयन कार्यालय रायपुर में दस्तावेजों का पंजीयन कराने आने वालों की सुविधा के लिए प्रतीक्षा कक्ष का निर्माण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में प्रदेश के सभी जिला पंजीयक और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

