मुद्रांक शुल्क में छूट के फलस्वरूप महिलाओं को मिल रहा है सम्पति का मालिकाना हक
सम्पतियों के अंतरण में महिलाओं को मिली 32 करोड़ रूपए से अधिक की छूट
रायपुर 21 जनवरी 2011
राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के नाम पर सम्पतियों के अंतरण (पंजीयन) कराने पर मुद्रांक शुल्क में दी जा रही छूट के फलस्वरूप महिलाएं सम्पति की मालकिन बन रही हैं। वित्तीय वर्ष 2010-11 में 31 दिसम्बर तक प्रदेश में कुल एक लाख 56 हजार सम्पति के दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है, उनमें 42 हजार 096 सम्पति का महिलाओं के नाम पर पंजीयन हुआ है। महिलाओं के नाम पर सम्पति के हस्तांतरण पर उन्हें 32 करोड़ 09 लाख रूपए की छूट दी गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2007-08 के बजट में महिलाओं के पक्ष सम्पति के अंतरण में मुद्रांक शुल्क में दो प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा एक अप्रैल 2008 से महिलाओं के नाम पर सम्पति के दस्तावेजों के हस्तांतरण पर मुद्रांक शुल्क में दो प्रतिशत की छूट दी जा रही है। पुरूष के नाम दस्तावेज के पंजीयन पर छह प्रतिशत मुद्रांक शुल्क लगता है।
वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि महिलाओं के पक्ष में सम्पतियों के दस्तावेज हस्तांतरण के बाद छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम पर सम्पति का पंजीयन कराने वालों की संख्या काफी बढ़ी है। चालू वित्तीय वर्ष में दिसम्बर माह तक लगभग 26 प्रतिशत सम्पति के दस्तावेज महिलाओं के नाम पर हस्तातंरित हुए हैं। इससे उन्हें मुद्रांक शुल्क में 32 करोड़ 09 लाख 34 हजार रूपए की छूट दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि 31 मार्च 2009 में 48 हजार 720 और 31 मार्च 2010 में 53 हजार 699 सम्पतियों का महिलाओं के नाम पर पंजीयन हुआ था। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 31 दिसम्बर तक रायपुर जिले में महिलाओं के नाम पर 11 हजार 70 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था, जिसमें 11 करोड़ 56 लाख रूपए की छूट प्रदान की गई है। इसी तरह बिलासपुर जिले में महिलाओं के नाम पर पांच हजार 876 दस्तावेजों के पंजीयन पर पांच करोड़ 71 लाख , दुर्ग जिले में सात हजार 955 दस्तावेजों के पंजीयन पर पांच करोड़ 42 लाख रूपए, राजनांदगांव जिले में चार हजार 245 दस्तावेजों के पंजीयन पर एक करोड़ 90 लाख रूपए, जांजगीर-चांपा जिले में तीन हजार 794 दस्तावेजों के पंजीयन पर दो करोड़ एक लाख रूपए, रायगढ़ जिले में दो हजार 932 दस्तावेजों के पंजीयन पर एक करोड़ 84 लाख रूपए, सरगुजा जिले में दो हजार 484 दस्तावेजों के पंजीयन पर एक करोड़ 23 लाख रूपए, बस्तर जिले में एक हजार 447 दस्तावेजों के पंजीयन पर 88 लाख रूपए, कोरबा जिले में एक हजार 148 दस्तावेजों के पंजीयन पर 74 लाख रूपए और धमतरी जिले में एक हजार 145 सम्पति के दस्तावेजों महिलाओं के नाम पर पंजीयन होने पर उन्हेंं मुद्रांक शुल्क में 75 लाख 95 हजार रूपए की छूट प्रदान की गई है।

