एडुसेट नेटवर्क से पी.ई.टी. और पी.एम.टी के लिए दी जा रही है कोचिंग
रायपुर 01 अप्रैल 2010

छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने छात्र-छात्राओं को प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) और प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट (पीईटी) के लिए तैयार करने इस वर्ष से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। छत्तीसगढ़ देश का ऐसा एकमात्र राज्य है जहां दूर संवेदी भू-उपग्रह (सेटेलाइट) आधारित एडुसेट नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश के 123 विकास खण्ड मुख्यालयों में स्थापित 128 केन्द्रों में बैठे छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के राजधानी रायपुर स्थित मुख्यालय के स्टूडियो से विषय विशेषज्ञों द्वारा गणित, जीव विज्ञान, भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र के पाठों का अध्यापन कर विद्यार्थियों को पी.ई.टी. और पी.एम.टी के लिए तैयार किया जा रहा है। एक माह का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए बेहतर कोचिंग साबित हो रहा है। बस्तर क्षेत्र के दंतेवाड़ा, कोंटा, भोपालपटनम, बीजापुर, कुआकोंडा, गीदम के साथ-साथ पत्थलगांव, खड़गवां, मनेन्द्रगढ़, भरतपुर, बैकुंठपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में स्थापित एडुसेट केन्द्रों में बैठकर विद्यार्थी विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तथा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल के निर्देश पर शुरू किए गए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों की सेवाएं ली जा रही है। निजी कोचिंग संस्थाओं के विशेषज्ञों के अलावा शासकीय विज्ञान महाविद्यालयों और शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूलों के शिक्षक एडुसेट के स्टूडियो में वाईट बोर्ड के माध्यम से छात्र-छात्राओं को उसी तरह पाठ पढ़ा रहे हैं जैसे स्कूलों में पढ़ाया जाता है। आठ मई तक हर दिन चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन आज शासकीय विज्ञान महाविद्यालय रायपुर के प्रोफेसर डॉ.एन.बी.सिंह और डॉ.कानूनगो ने जीव विज्ञान विषय के अन्तर्गत 'आनुवांशिकी' चेप्टर का अध्यापन किया।
छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के एडुसेट प्रभारी श्री दीपांकर भौमिक ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम आठ मई 2010 तक चलेगा। निर्धारित विषयों में से एक विषय के एक पाठ का अध्यापन एक दिन में किया जाएगा। कोचिंग के लिए तिथिवार विषय और पाठ निर्धारित कर दिए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 123 विकास खण्ड मुख्यालयों में स्थापित 128 एडुसेट केन्द्रों में छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में 20 और विकास खण्ड मुख्यालयों में एडुसेट के केन्द्र शुरू किए जाएंगे। तीन घण्टे के इस प्रशिक्षण में दो घण्टे तक अध्यापन किया जाता है। इसके बाद एक घण्टे विद्यार्थी अपने सवालों का हल प्राप्त करते हैं। श्री भौमिक ने बताया कि प्रशिक्षण में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सोमवार पांच अप्रैल से प्रशिक्षण प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से शुरू होगा।

