बेरोजगारी की समस्या से निजात पाने व्यावसायिक शिक्षा जरूरी - स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल

रायपुर 7 जून, 2011
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि देश में व्यापक तौर पर बेरोजगारी की समस्या से निजात पाने के लिए व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जाना एक बेहतर उपाय हो सकता है। उन्होंने उक्त विचार आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा की अर्हता संरचना की बैठक में रखे।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा को कारगर बनाने के लिए क्षेत्र में प्रचलित एवं परम्परागत व्यवसाय के कौशल को स्कूल स्तर पर विकसित किया जाना होगा, ताकि बच्चों में पारिवारिक व्यवसाय के प्रति जुड़ाव एवं कौशल का विकास हो सके। उन्होंने राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा की अर्हता संरचना तैयार किए जाते समय सामान्य शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, प्रशिक्षण एवं उच्च शिक्षा को आपस में जोड़ते हुए एक समेकित संरचना तैयार किए जाने पर बल दिया। श्री अग्रवाल ने कहा कि स्कूल स्तर पर कक्षा दसवीं तक व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य की जानी चाहिए। इसके बाद हायर सेकेण्डरी स्कूलों में बच्चों को व्यवसायगत विशेषज्ञता दिलाने के लिए पाठयक्रम संचालित करने का प्रावधान किया जाना जरूरी है।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा को कारगर बनाने के लिए क्षेत्र में प्रचलित एवं परम्परागत व्यवसाय के कौशल को स्कूल स्तर पर विकसित किया जाना होगा, ताकि बच्चों में पारिवारिक व्यवसाय के प्रति जुड़ाव एवं कौशल का विकास हो सके। उन्होंने राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा की अर्हता संरचना तैयार किए जाते समय सामान्य शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, प्रशिक्षण एवं उच्च शिक्षा को आपस में जोड़ते हुए एक समेकित संरचना तैयार किए जाने पर बल दिया। श्री अग्रवाल ने कहा कि स्कूल स्तर पर कक्षा दसवीं तक व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य की जानी चाहिए। इसके बाद हायर सेकेण्डरी स्कूलों में बच्चों को व्यवसायगत विशेषज्ञता दिलाने के लिए पाठयक्रम संचालित करने का प्रावधान किया जाना जरूरी है।
क्रमांक-1119/राजेश

