छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के शिक्षक प्रशिक्षण और अनुसंधान केन्द्र की स्थापना हो - श्री बृजमोहन अग्रवाल
मॉडल कालेजों की स्थापना में अधोसंरचना का व्यय केन्द्र सरकार उठाए - श्री हेमचंद यादव
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा मंत्री ने शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में राज्य के विषयों को जोरदार ढंग से उठाया
रायपुर 8 जून 2011

छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य के दूरस्थ आदिवासी व नक्सल प्रभावित जिलों में शिक्षा के गुणवत्तापरक एवं तेजी से विकास के लिए टीचर्स ट्रेनिंग सेन्टर व रिसर्च सेंटर की स्थापना की मांग केन्द्र सरकार से की है। वे आज नई दिल्ली में आयोजित राज्य के शिक्षा मंत्रियों के सम्मलेन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिये आवश्यक भूमि उपलब्ध करायेगी। सम्मेलन में केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री कपिल सिब्बल, मानव संसाधन राज्य मंत्री सुश्री डी. पुरन्देश्वरी तथा छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री श्री हेमचंद यादव भी उपस्थित थे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि, शिक्षा के अधिकार कानून के क्रियान्वयन में शिक्षकों की भर्ती एक बड़ी समस्या है राज्य के दूरस्थ आदिवासी व नक्सल प्रभावित जिलों में बड़ी संख्या में विज्ञान, गणित, भौतिक, रसायन आदि विषयों के शिक्षकों की भर्ती की जाना है। उन्होंने इसके लिए केन्द्र से मांग की है कि शिक्षा के अधिकार कानून में संशोधन लाकर शिक्षकों की भर्ती की समयावधि 5 साल तक बढ़ायी जाये। उन्होंने बताया कि, राज्य को इसके क्रियान्वयन के लिये 10 हजार करोड़ रूपए की आवश्यकता है जिसका प्रस्ताव केन्द्र को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में एडुसेट (उपग्रह अन्त:क्रिया केन्द्र) के माध्यम से शिक्षकों व बच्चों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में भी इस सुविधा का विस्तार करने के लिए उन्होंने केन्द्र से 250 एडुसेट स्वीकृत किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूलों में जब तक छात्रावास नहीं होंगे तब तक मॉडल स्कूल की उपयोगिता पूरी नहीं होगी। श्री अग्रवाल ने प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्कलों में भी ई-लर्निग के विकास को बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया। श्री अग्रवाल ने शिक्षा के अधिकार कानून के तहत सभी स्कूलों के लिए सुविधा जनक भवनों की अनिवार्यता की चर्चा करते हुए कहा कि इसके लिए पांच साल की एक कार्य योजना बनायी जानी चाहिए। इसके साथ ही समस्त भवनों की ड्राईग-डिजाईन भी एक समान होनी चाहिए।
सम्मेलन में उच्च शिक्षा मंत्री श्री हेमचंद यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार मॉडल कालेजों की स्थापना के लिए निर्धारित लागत 8 करोड़ रूपये में से केवल एक तिहाई राशि दे रही है और राज्य के लिए दो तिहाई राशि व्यय करने का प्रावधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तव में केन्द्र को अधोसंरचना का पूरा व्यय उठाना चाहिए । श्री यादव ने उच्च शिक्षा के लिए ऋण प्रदान करने की योजना के बारे में कहा कि इस योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी राज्यों को उपलब्ध करायी जानी चाहिए ताकि राज्य के विद्यार्थी भी इसका पूरा लाभ ले सकें । उन्होंने कालेजों के सर्वे के लिए बनाए जा रहे साफ्टवेयर को राज्यों को भी उपलब्ध कराने की मांग की। सम्मलेन में उन्होंने कुलपतियों की नियुक्ति में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की बात भी कही। सम्मेलन में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री एम.के. राऊत, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री सी. के. खेतान और संचालक लोक शिक्षण श्री के. आर. पिस्दा उपस्थित थे।
क्रमांक-1142/राजेश

