राज्य शासन की स्थानांतरण नीति के तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए विभागीय निर्देश
रायपुर, 21 जून 2011
शासकीय कर्मचारियों के लिए घोषित राज्य सरकार की स्थानांतरण नीति वर्ष 2011-12 के तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने विभागीय निर्देश जारी किए है। विभाग के प्रमुख सचिव श्री एम. के. राउत ने यहां मंत्रालय से इस संबंध में जारी परिपत्र में सभी जिला कलेक्टरों को इन निर्देशों का परिपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
परिपत्र में कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2011-12 की स्थानांतरण नीति में जिले के अन्दर स्थानांतरण के लिए प्रभारी मंत्रियों को अधिकृत किया गया है। जिले के अन्दर के स्थानांतरण प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से कलेक्टर द्वारा किया जाना है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी करते समय इस बात का विशेष रखा जाए कि जिले में स्थित शिक्षक विहीन शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना प्राथमिकता से हो। जिन शालाओं में अधिक शिक्षक कार्यरत हैं वहां से स्थानांतरण कर शिक्षक विहीन शालाओं में पदस्थ किया जाए। यह भी ध्यान रखा जाए कि स्थानांतरण के फलस्वरूप कोई भी शाला शिक्षक विहीन ना हो। गांवों के स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों को विभिन्न कारणों से शहरों के स्कूलों में पदस्थ करने की प्रक्रिया कठोरता से रोकी जाए। राज्य शासन द्वारा नव-नियुक्त प्रधान पाठकों और प्राचार्यो का किसी भी स्थिति में स्थानांतरण न किया जाए, क्योंकि उनकी नियुक्ति अवधि एक वर्ष से कम है। श्री राउत ने जिला कलेक्टरों को परिपत्र के माध्यम से निर्देश दिए हैं कि स्कूल शिक्षा विभाग के स्थानांतरण प्रस्ताव तैयार करते समय इन बिन्दुओं को ध्यान में रखा जाए ताकि शिक्षा सत्र में स्कूल संचालन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

