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सुप्रसिध्द वैज्ञानिक प्रोफेसर नार्लीकर 15 अप्रैल से छत्तीसगढ़ प्रवास पर

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When Apr 08, 2011
from 06:50 PM to 06:50 PM
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'वायुमंडल में सूक्ष्म जीवों की खोज' और

'खगोल विज्ञान क्यों पढ़ें' विषय पर व्याख्यान आयोजित

 रायपुर, 8 अप्रैल 2011
     देश के सुप्रसिध्द खगोल वैज्ञानिक प्रोफेसर जयंत विष्णु नार्लीकर आगामी 15 अप्रैल से 20 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ प्रवास पर आ रहे हैं। पद्मभूषण अलंकरण से सम्मानित प्रोफेसर नार्लीकर इस दौरान राजधानी रायपुर सहित दो अन्य स्थानों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में खगोल विज्ञान के रहस्यों पर व्याख्यान देंगे। सभी कार्यक्रम हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किए जा रहे हैं। प्रोफेसर नार्लीकर के साथ उनकी गणितज्ञ धर्मपत्नी डॉ. मंगला नार्लीकर भी आ रही हैं। वे बच्चों को बगैर जटिल गणना के सवालों को हल करने के गुर सिखाएंगी।
     प्रोफेसर नार्लीकर 16 अप्रैल को प्रात: दस बजे से दोपहर 12 बजे तक पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय सभागृह रायपुर में 'पृथ्वी के वायुमंडल में सूक्ष्म जीवों की खोज' विषय पर व्याख्यान देंगे। प्रोफेसर नार्लीकर एवं डॉ.नार्लीकर का 18 अप्रैल को प्रात: 9 बजे से पूर्वान्ह 11 बजे तक आदित्य बिड़ला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ग्राम रवान बलौदाबाजार में, 19 अप्रैल को प्रात: साढ़े दस से दोपहर बारह बजे तक रायपुर स्थित राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद मुख्यालय में तथा 19 अप्रैल को शाम साढ़े चार बजे से सात बजे तक कला मंदिर सभागार भिलाई इस्पात संयंत्र सिविक सेंटर भिलाई में व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया है। प्रोफेसर नार्लीकर इन तीनों स्थानों पर 'खगोल विज्ञान क्यों पढ़ें' विषय पर अपना विचार रखेंगे। गणितज्ञ डॉ. मंगला नार्लीकर 'बगैर गणना के गणित' बनाने के आसान उपाय बताएंगी। 19 अप्रैल को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद मुख्यालय रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एडुसेट नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश के 128 स्थानों में स्थापित उपकेन्द्रों में उपस्थित विद्यार्थी और शिक्षक खगोल विज्ञान का रहस्य जानेंगे। बिना गणना के गणित बनाने के आसान तरीकों की जानकारी भी इनको मिलेगी ।
क्रमांक142/राजेश
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