छत्तीसगढ़ के तीस सरकारी कॉलेजों में शुरू होंगे नए पाठयक्रम
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दी गयी अनुमति
रायपुर 27 जून 2010
राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ के तीस सरकारी कॉलेजों में चालू शैक्षणिक सत्र 2010-11 में स्ववित्तीय योजना के अंतर्गत स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए विभिन्न विषयों के नये पाठयक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। उच्च शिक्षा विभाग ने यहां मंत्रालय से परिपत्र जारी कर संबंधित कॉलेजों को इसकी अनुमति प्रदान कर दी है। यह परिपत्र उच्च शिक्षा संचालनालय को जारी किया गया है। इनमें से कुछ कॉलेजों में विज्ञान और वाणिज्य आदि विषयों के नए संकाय भी शुरू किए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जनभागीदारी समिति तथा महाविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों के अन्तर्गत नए पाठयक्रम शुरू करने की अनुमति दी गई है।
परिपत्र के अनुसार चालू शैक्षणिक सत्र में राजधानी रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ कॉलेज में कम्प्यूटर एप्लीकेशन, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास(पत्रोपाधि) एवं समाज शास्त्र के अन्तर्गत एम.एस.डब्ल्यू कोर्स और नागार्जुन साइंस कालेज में बी.सी.ए. भाग एक, दो, तीन, डी.सी.ए. एवं पी.जी.डी.सी.ए. कोर्स प्रारंभ किया जाएगा। रायपुर जिले के भटगांव कॉलेज में विज्ञान संकाय तथा हिन्दी एवं राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर कक्षाएं, अभनपुर कॉलेज में भूगोल एवं वाणिज्य संकाय, राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ कॉलेज में एम.कॉम., समाज शास्त्र एवं हिन्दी, लालबहादुर नगर कॉलेज में इतिहास तथा वाणिज्य संकाय, छुरिया कॉलेज में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय सहित स्नातकोत्तर कक्षा के लिए राजनीति विज्ञान, हिन्दी साहित्य एवं समाज शास्त्र, मानपुर कालेज में वाणिज्य संकाय तथा स्नातकोत्तर हेतु समाज शास्त्र, हिन्दी साहित्य, भूगोल एवं राजनीति शास्त्र, डोंगरगढ़ कॉलेज में कम्प्यूटर कोर्स एवं स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभक करने और विज्ञान महाविद्यालय राजनांदगांव में भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, प्राणीशास्त्र एवं गणित की कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति दी गई है।
इसी कड़ी में परिपत्र में दुर्ग जिले के थानखमरिया कॉलेज में भूगोल, हिन्दी-साहित्य एवं विज्ञान संकाय और पाटन कॉलेज में भूगोल, अर्थशास्त्र, रसायन शास्त्र, प्राणी शास्त्र एवं वनस्पति शास्त्र की कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति दी गई है। बिलासपुर जिले के मरवाही कॉलेज में भूगोल, इतिहास एवं विज्ञान संकाय के अन्तर्गत गणित ग्रुप, पंडरिया कालेज में समाज शास्त्र, इतिहास एवं हिन्दी सािहत्य, मुंगेली कॉलेज में एम.एस.सी. कक्षाएं, कन्या कॉलेज पेन्ड्रारोड में बी.एस.सी., बी.एच.एस.सी. एवं एम.ए. की कक्षाएं और लोरमी कालेज में हिन्दी साहित्य एवं राजनीति विज्ञान प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की गई है। महासमुंद जिले के बागबाहरा कॉलेज में विज्ञान संकाय तथा बी.सी.ए. कोर्स और पिथौरा कॉलेज में वाणिज्य संकाय, जशपुर जिले के कुनकुरी कॉलेज में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय और वि.भू.दे. कन्या महाविद्यालय में विज्ञान संकाय तथा समाज शास्त्र एवं हिन्दी साहित्य, जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा कालेज में अर्थशास्त्र एवं भूगोल, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के चाराम कॉलेज में विज्ञान संकाय के अन्तर्गत गणित गु्रप और पंखाजुर कॉलेज में विज्ञान संकाय तथा एम.ए. की कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की गई है। कोरबा जिले के कटघोरा कॉलेज में स्नातकोत्तर कक्षा हेतु राजनीति शास्त्र, हिन्दी, इतिहास, प्राणी शास्त्र, रसायन शास्त्र तथा एम.काम की कक्षाएं शुरू होंगी। सरगुजा जिले के सूरजपुर कॉलेज में विज्ञान संकाय, रामानुजगंज और वाड्रफनगर कॉलेज में विज्ञान और वाणिज्य संकाय तथा एम.ए. की क्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति दी गई है। कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर में एम.एच.एस.सी. कोर्स , कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर कॉलेज में संस्कृत एवं भूगोल और दंतेश्वरी कन्या कॉलेज जगदलपुर में बी.एस.सी. गृह विज्ञान के अन्तर्गत स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की गई है।
अनुमति के साथ परिपत्र में कुछ शर्ते भी तय की गयी है। परिपत्र के अनुसार पाठयक्रम शुरू करने के लिए संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों को वहां जरूरी अधोसंरचना, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, फर्नीचर और जरूरी उपकरण्ा आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी और यह वचन पत्र भी देना होगा कि वहां ये सारी सुविधाएं मौजूद है तथा कमी को स्ववित्तीय आधार पर पूर्ण कर लिया जाएगा। नये कोर्स प्रारंभ करने के लिए कुछ शर्ते भी तय की गयी है, जिसके अनुसार महाविद्यालय के प्राचार्य को यह वचन पत्र देना होगा कि महाविद्यालय में अधोसंरचना, प्रयोगशाला, पुस्तकालय एंव फर्नीचर आदि की पर्याप्त सुविधा है। नये पाठयक्रम जनभागीदारी समिति के माध्यम से प्रारंभ किया जाएगा, इससे राज्य शासन पर किसी प्रकार का वित्तीय भार नहीं आएगा। महाविद्यालय द्वारा प्रारंभ किये जाने वाले सर्टिफिकेट पाठयक्रम, डिप्लोमा कोर्स तथा डिग्री पाठयक्रम की नियमानुसार संबध्दता प्राप्त कर विश्वविद्यालय के पाठयक्रमानुसार संचालन किया जाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा पाठयक्रम के लिए जिन शर्तों के अधीन अनुदान दिया गया है तो उन शर्तों का पालन संबंधित महाविद्यालयों के द्वारा किया जाएगा। एक सत्र समाप्ति के बाद विद्यार्थियों की संख्या तथा संचालन व्यवस्था के आधार पर समीक्षा कर उचित पाए जाने पर पद निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

