परीक्षा महाअभियान के लिए युध्दस्तर पर तैयारी जारी
परीक्षा में 20 अगस्त को छह लाख से अधिक शिक्षार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य
परीक्षा में शामिल होने ग्राम पंचायतों में हो रहा है पंजीयन
रायपुर 16 अगस्त 2011
साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत नवसाक्षरों के साक्षरता कौशल का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से आगामी 20 अगस्त को आयोजित राष्ट्रव्यापी परीक्षा महाअभियान के लिए छत्तीसगढ़ में युध्दस्तर पर तैयारी चल रही है। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा इस परीक्षा में प्रदेश से साढ़े छह लाख से अधिक शिक्षार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य के विरूध्द अभी तक करीब तीन लाख 77 हजार से अधिक शिक्षार्थियों का पंजीयन इस परीक्षा के लिए किया जा चुका है। परीक्षा महाअभियान के अन्तर्गत प्रदेश के दुर्ग और धमतरी जिले को छोड़कर अन्य सभी जिलों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। इन दोनों जिलों को साक्षर भारत कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया है। परीक्षा महाअभियान 20 अगस्त को पूरे देश में आयोजित किया जाएगा। साक्षर भारत कार्यक्रम के लिए बेहतर वातावरण बनाने तथा इस कार्यक्रम को निर्धारित समय-सीमा मे परिणाम मूलक बनाने के उददेश्य से परीक्षा महाअभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा में सम्पूर्ण साक्षरता अभियान, उत्तर साक्षरता कार्यक्रम,पढ़ना-बढ़ना आंदोलन, सतत् शिक्षा कार्यक्रम और समतुल्यता कार्यक्रम के सभी शिक्षार्थियों तथा 15 वर्ष से अधिक उम्र के शाला त्यागी और नव-साक्षरों को शामिल कर उनका मूल्यांकन किया जाएगा। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान द्वारा इस परीक्षा में सफल होने वाले शिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
राज्य साक्षरता मिशन के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि परीक्षा महाअभियान में शामिल होने के लिए ग्राम पंचायतों में स्थापित लोक शिक्षा केन्द्रों में पंजीयन किया जा रहा है। इस परीक्षा के लिए प्रदेश के 14 हजार 358 शासकीय प्राथमिक शालाओं को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। छत्तीसगढ़ से इस परीक्षा में छह लाख 60 हजार से अधिक शिक्षार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें सरगुजा और रायपुर जिले से एक-एक लाख, बस्तर और नारायणपुर से 65 हजार, बिलासपुर से 60 हजार, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ से 50-50 हजार, कोरबा से 40 हजार, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) और बीजापुर से 35 हजार, कोरिया, जशपुर, महासमुन्द और राजनांदगांव से 30-30 हजार तथा उत्तर बस्तर (कांकेर) और कबीरधाम से 20-20 हजार शिक्षार्थी शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। परीक्षा 150 अंकों की होगी। परीक्षार्थियों को तीन भागों में अंक दिए जाएंगें। इसमें पढ़ने, लिखने और गणित के लिए 50-50 अंक निर्धारित किए गए हैं।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस परीक्षा महाअभियान के लिए 14 अगस्त तक की स्थिति में 03 लाख 77 हजार 559 शिक्षार्थियों का पंजीयन किया जा चुका है। इस तिथि तक बस्तर जिला (नारायणपुर जिला भी शामिल) में 32 हजार,जांजगीर-चांपा में 16 हजार 037, कबीरधाम में दस हजार, बिलासपुर में 30 हजार, रायगढ़ में 30 हजार, सरगुजा में 65 हजार, कांकेर (उत्तर बस्तर) में 10 हजार 729 जशपुर में 12 हजार, महासमुंद में 23 हजार 793, कोरिया में 26 हजार, कोरबा में 31 हजार, रायपुर में 63 हजार , दंतेवाड़ा (बीजापुर भी शामिल) में 12 हजार और राजनांदगांव में 16 हजार शिक्षार्थियों का पंजीयन किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि इस साल बीते छह मार्च को आयोजित राष्ट्रव्यापी परीक्षा महाअभियान में प्रदेश के दो लाख 14 हजार 729 परीक्षार्थी शामिल हुए। इनमें से एक लाख 61 हजार 708 शिक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए। इस परीक्षा में छत्तीसगढ़ का परिणाम 75.31 प्रतिशत रहा। राज्य साक्षरता अधिकारियों ने बताया कि इस परीक्षा के लिए राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, महिला सामाख्या सोसायटी, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, जिला लोक शिक्षा समितियों और जनशिक्षण संस्थानों का सहयोग लिया जाएगा।

