परीक्षा महाभियान में उत्साहपूर्वक शामिल हुए नवसाक्षर
छत्तीसगढ़ के पांच लाख 31 हजार से अधिक नवसाक्षरों और शाला त्यागी लोगों ने दी परीक्षा
साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत नवसाक्षरों के साक्षरता कौशल का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से विगत 20 अगस्त को आयोजित राष्ट्रव्यापी परीक्षा महाअभियान में छत्तीसगढ़ के नवसाक्षरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस परीक्षा में राज्य के पांच लाख 31 हजार 722 नवसाक्षरों और शाला त्यागी व्यक्तियों ने पर्चा दिया। इनमें तीन लाख पांच हजार 129 पुरूष तथा दो लाख 26 हजार 593 महिलाएं शामिल थीं। राज्य के नक्सल प्रभावित जिले बस्तर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर से भी बड़ी संख्या में नवसाक्षर इस परीक्षा में शामिल हुए। इस परीक्षा में रायपुर जिले से सबसे अधिक 97 हजार 447 परीक्षार्थी शामिल हुए।
राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राजनांदगांव जिले से 11 हजार 736, महासमुंद जिले से 18 हजार 685, बस्तर (नारायणपुर जिला भी शामिल) जिले से 35 हजार 04, रायगढ़ जिले से 30 हजार 929, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा (बीजापुर जिला भी शामिल) जिले से 26 हजार 53, जशपुर जिले से 20 हजार 832, जांजगीर-चाम्पा जिले से 37 हजार 690, बिलासपुर जिले से 45 हजार 495, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले से 15 हजार 336, कबीरधाम जिले से 16 हजार, कोरिया जिले से 47 हजार 403, सरगुजा जिले से 89 हजार 238, कोरबा जिले से 39 हजार 874 और रायपुर जिले से 97 हजार 447 नवसाक्षरों और शाला त्यागी लोगों ने परीक्षा महाभियान में शामिल होकर पर्चा दिया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रदेश के दुर्ग और धमतरी जिले को साक्षर भारत कार्यक्रम में शामिल नहीं किए जाने के कारण इन जिलों में परीक्षा महाभियान का आयोजन नहीं किया गया। राष्ट्रीय साक्षरता मिशन द्वारा साक्षर भारत कार्यक्रम के लिए
बेहतर वातावरण बनाने तथा इस कार्यक्रम को निर्धारित समय-सीमा मे परिणाम मूलक बनाने के उददेश्य से परीक्षा महाअभियान का आयोजन किया गया। गत सप्ताह आयोजित परीक्षा महाअभियान में सम्पूर्ण साक्षरता अभियान, उत्तर साक्षरता कार्यक्रम, पढ़ना-बढ़ना आंदोलन, सतत् शिक्षा कार्यक्रम और समतुल्यता कार्यक्रम के सभी शिक्षार्थियों तथा 15 वर्ष से अधिक उम्र के शाला त्यागी और नव-साक्षर शामिल हुए। परीक्षा में सफल होने वाले शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि परीक्षा महाअभियान में शामिल होने के लिए ग्राम पंचायतों में स्थापित लोक शिक्षा केन्द्रों में परीक्षार्थियों का पंजीयन किया गया। इसके लिए प्रदेश के 12 हजार 479 शासकीय प्राथमिक शालाओं को परीक्षा केन्द्र बनाया गया था। परीक्षार्थियों को तीन भागों में अंक दिए जाएंगें। इसमें पढ़ने, लिखने और गणित के लिए 50-50 अंक निर्धारित किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इस साल बीते छह मार्च को भी राष्ट्रव्यापी परीक्षा महाअभियान का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के दो लाख 14 हजार 729 परीक्षार्थी शामिल हुए। इनमें से एक लाख 61 हजार 708 शिक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए। इस परीक्षा में छत्तीसगढ़ का परिणाम 75.31 प्रतिशत रहा। राज्य साक्षरता अधिकारियों ने बताया कि इस परीक्षा महाअभियान के लिए राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया गया था। इसमें लोक शिक्षण संचालनालय, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, महिला सामाख्या सोसायटी, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, जिला लोक शिक्षा समितियों और जनशिक्षण् संस्थानों का भी सहयोग लिया गया।

